सिंधुरक्षक की मरम्मत ठीक से हुई थी: रूसी कंपनी

मुंबई में नौसेना की गोदी में धमाके का शिकार हुई पनडुब्बी आईएनएस सिंधुरक्षक को बनाने वाली रूसी कंपनी का कहना है कि पनडुब्बी की मरम्मत ठीक से की गई थी.
रूस की सरकारी न्यूज़ एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार सिंधुरक्षक की हाल ही में रूस के जहाज बनाने वाले कारखाने ज़्वेजदोच्का में मध्यम स्तर की मरम्मत की गई थी और उसे अधिक उन्नत बनाया गया था.
ज़्वेजदोच्का के प्रवक्ता ने बुधवार को आरआईए को बताया कि <link type="page"><caption> पनडुब्बी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/08/130814_navy_submarine_explosion_dp.shtml" platform="highweb"/></link> को ठीक करने के बाद भारत की तरफ से उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली थी.
प्रवक्ता ने कहा, "हमने पनडुब्बी की मध्यम श्रेणी की मरम्मत और उसके आधुनिकीकरण के लिए जून 2010 में एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे और जनवरी 2013 में इसे ठीक कर वापस लौटा दिया गया"
'कई पुर्ज़े'

उन्होंने बताया, "पनडुब्बी में नया क्लब मिसाइल तंत्र लगाया गया था, बहुत से विदेश निर्मित और भारतीय पुर्ज़े लगाए गए थे. इनमें नेविगेशन और कम्यूनिकेशन तंत्र, एक रेफ्रिजरेशन ब्लॉक और एक्युमलेटर्स शामिल थे."
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि , "मरम्मत के नियमों के अनुसार पनडुब्बी के पावर ब्लॉक पर भी काम किया गया था."
ज़्वेजदोच्का की तरफ से कहा गया कि समुद्र में परिक्षण के समय कुछ दिक्कतें आई थीं लेकिन ऐसा आम तौर पर होता ही है.
ज़्वेजदोच्का के प्रवक्ता ने कहा कि ज़्वेजदोच्का के जहाज़ निर्माताओं ने पनडुब्बी मिलने पर सभी दिक्कतों को दूर किया था और हस्तांतरण के नियमों के पत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे.
'कोई शिकायत नहीं'
प्रवक्ता ने कहा कि पनडुब्बी में कोई कमी नहीं थी और भारत ने कोई शिकायत नहीं की थी.
आरआईए नोवोस्ती ने प्रवक्ता का नाम दिए बगैर बताया कि ज़्वेजदोच्का के प्रवक्ता का कहना है कि उनके आठ लोग इस समय रूस में हैं लेकिन इस समय उनमें से किसी से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है.
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