दिग्विजय के ट्वीट से मध्य प्रदेश कांग्रेस को झटका

- Author, ऋषि पांडे
- पदनाम, भोपाल से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
मध्य प्रदेश की राजनीति में गुरूवार का दिन हाई क्लास ड्रामे के लिए याद रखा जाएगा. अविश्वास प्रस्ताव के जरिए भारतीय जनता पार्टी सरकार को हिलाने का दावा करने वाली कांग्रेस खुद हिल गई.
<link type="page"><caption> कांग्रेस</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/06/130626_relief_dispute_sm.shtml" platform="highweb"/></link> के एक वरिष्ठ नेता ने विधानसभा के भीतर भाजपा का दामन थाम लिया है. कांग्रेस के ये नेता हैं चौधरी राकेश सिंह.
वो कांग्रेस विधायक दल के उपनेता थे और <link type="page"><caption> दिग्विजय सरकार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130513_digvijay_court_dp.shtml" platform="highweb"/></link> में मंत्री रह चुके हैं.
उन्होंने गुरुवार को शिवराज सिंह चौहान सरकार के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का विरोध किया.
ट्वीट से ख़फ़ा
राकेश सिंह का कहना है कि उन्होने कई कारणों से सदन के भीतर कांग्रेस की ओर से रखे गए अविश्वास प्रस्ताव का विरोध किया.
इनमें कारणों में मुख्य था, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का <link type="page"><caption> वह ट्वीट</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/07/130710_gehlot_facebook_tb.shtml" platform="highweb"/></link> जिसमें उन्होंने लिखा था कि ‘बच्चा बच्चा राम का, <link type="page"><caption> राघवजी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/07/130709_raghavji_mp_bjp_sodomy_sb.shtml" platform="highweb"/></link> के काम का’.
दिग्विजय सिंह का इशारा राज्य सरकार में वित्त मंत्री रहे राघवजी की तरफ था जिन्हें पिछले दिनों अपने एक सहयोगी का यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया.
राकेश का कहना था, "हम हिन्दू हैं और जिस तरह कांग्रेस के नेता ट्वीट कर भगवान राम को बदनाम कर रहे हैं, यह सहन नहीं किया जा सकता."

उन्होंने सदन में दिग्विजय सिंह का ट्वीट सुनाया और कहा, “भगवान राम के दो बच्चे थे, लव और कुश. उनके लिए अशोभनीय बात कह कर 80 फीसदी हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है.”
फिर राकेश सिंह ने केदारनाथ हादसे में गायब मध्य प्रदेश के निवासियों और राघवजी सीडी कांड को प्रस्ताव में शामिल न करने का मसला उठाया.
राकेश सिंह के विरोध के बाद कांग्रेस का प्रस्ताव धरा रह गया.
इसके बाद सदन में भारी हंगामा हुआ जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी.
राजनीतिक भूचाल
राकेश सिंह द्वारा अपनी ही पार्टी कांग्रेस की ओर से रखे गए अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करने के बाद प्रदेश की राजीनीति में भूचाल सा आ गया है.
दरअसल गुरुवार को राज्य की तेरहवीं विधानसभा का आखिरी दिन था. विपक्षी कांग्रेस पिछले दो महीने से जिस अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी में जी जान से लगी हुई थी उसका ये हश्र होगा, किसी ने नहीं सोचा था.
विपक्ष के नेता अजय सिंह को जैसे ही अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करने के लिए पुकारा, उपनेता राकेश चौधरी ने खड़े होकर उस प्रस्ताव का विरोध कर दिया.
राकेश के इस बदले तेवर से जहां कांग्रेस पक्ष सकते में था, वहीं सत्ता पक्ष भाजपा उत्साहित नज़र आया.
बाद में, मख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अध्यक्ष से अविश्वास प्रस्ताव को इस आधार पर ख़ारिज करने का अनुरोध किया कि इस प्रस्ताव को कांग्रेस का ही पूरा समर्थन हासिल नहीं है.
विधानसभा में एक घंटे तक नारेबाजी होती रही. हंगामे के बीच अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव को बग़ैर चर्चा के ही शून्य घोषित कर दिया और सदन की कार्रवाई समाप्त कर दी.
गद्दार करार

बाद में चौधरी राकेश सिंह मुख्यमंत्री चौहान के साथ भाजपा कार्यालय चले गए. वहां राकेश सिंह ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली.
दूसरी तरफ कांग्रेस ने उन्हें 'गद्दार' कह कर पार्टी से निष्कासित कर दिया है.
विपक्ष के नेता अजय सिंह का कहना है कि शुक्रवार को कांग्रेस सड़क पर विधानसभा लगाकर सरकार की पोल खोलेगी.
अजय सिंह ने राकेश सिंह के विरोध और भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने पर दुख जताते हुए कहा, “राकेश ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा है.”
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