बिहार: विपक्ष के बंद पर नीतीश ने ली चुटकी

नीतीश कुमार
इमेज कैप्शन, नीतीश कुमार ने विपक्ष के लापरावही के आरोपों को खारिज किया है
    • Author, मणिकांत ठाकुर
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, पटना

बिहार में गया के महाबोधि मंदिर में हुए सिलसिलेवार धमाकों के एक दिन बाद सोमवार को विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल और भारतीय जनता पार्टी के बंद पर मुख्यमंत्री नीतीश ने चुटकी ली है.

राष्ट्रीय जनता दल ने मगध प्रमंडल और भारतीय जनता पार्टी ने गया और बोधगया में बंद बुलाया.

इस बंद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनो दलों की एकता भविष्य में और सामने आ सकती है. उन्होंने कहा कि ये दोनों अंदर ही अंदर एक दूसरे से मिले हुए हैं.

बंद के समर्थन में दोनों पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता अलग-अलग जत्थों में सड़कों पर उतरे और राज्य सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया.

विपक्ष का बंद

इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.

सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार ने कहा है कि गया के महाबोधि मंदिर में कुल 13 बम रखे गए थे. इनमें दस फटे जिसके चलते दो व्यक्ति घायल हुए.

आरजेडी के कार्यकर्ताओं ने जहानाबाद, नबादा और औरंगाबाद में सड़कों पर अवरोध खड़े करके वाहनों का आना-जाना कई घंटों तक बंद रखा.

कहीं-कहीं रेल सेवाओं में भी रुकावटें डाली गईं. इस कारण पटना से रांची जाने वाली जन शताब्दी एक्सप्रेस रास्ते में काफ़ी देर तक रुकी रही.

उधर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गया और बोधगया में सड़कों पर निकलकर नीतीश सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाए.

विपक्ष ने राज्य सरकार पर क़ानून व्यवस्था को लेकर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं.

'आरजेडी बीजेपी में सांठगांठ'

महाबोधि मंदिर परिसर में विस्फोट
इमेज कैप्शन, महाबोधि मंदिर परिसर में मिले एक बम को निष्क्रिय करते सुरक्षाकर्मी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरजेडी और बीजेपी की ओर से सोमवार को मगध क्षेत्र में बंद पर व्यंगय भरी टिप्पणी की है.

उन्होंने कहा, "आरजेडी और बीजेपी की एकता, आज साफ़ दिख रही है. इससे जाहिर हो रहा है कि कुछ मामलों में ये एक-दूसरे से अंदर ही अंदर मिले हुए हैं. और लगता है भविष्य में भी इन दोनों दलों की एकता सामने दिखेगी."

उधर बीजेपी के नेता और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पटना में सोमवार सुबह से 24 घंटे के अनशन पर बैठे हैं.

उन्होंने कहा है कि बगहा में राज्य की पुलिस द्वारा 'छह निर्दोष लोगों की जान लेने और बोधगया के महाबोधि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में राज्य सरकार की गंभीर लापरवाही' के विरोध में उनका ये अनशन है.

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