उत्तराखंड में तबाही और बचाव के क्या हैं आंकड़ें

उत्तराखंडमें बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के बाद हुई तबाही का मंज़र जारी है. सरकारी मीडिया के अनुसार एक अधिकारिक प्रवक्ता ने इस आपदा में सैकड़ो लोगों के मारे जाने की आशंका जताई है.
इस अधिकारी के मुताबिक जब तक प्रभावित इलाकों से मलबा नहीं हटाया जाता तब तक सही आंकडा बताना मुश्किल होगा. सरकारी मीडिया में छपी जानकारी के मुताबिक राज्य में पांच हज़ार करोड़ रुपए की संपति का नुकसानहो चुका है.
लेकिन राज्य सरकार की माने तो इस आपदा में अब तक सिर्फ़ 72 लोग मारे गए हैं और 53 लोग घायल बताए गए है. वैसे राज्य सरकार मृतकों की संख्या का आंकड़ा शव बरामद होने के बाद देती है. ऐसे में मलबे में दबे लोगों और लापता हुए लोगों के बारे में जानकारी धीरे-धीरे ही पता चल पाएगी.
वहीं राज्य में इस प्रलयकारी आपदा से बचकर वापस लौटे लोगो ने मरने वाले और घायल हुए लोगों की संख्या का आंकड़ा कहीं ज्यादा बताया है. इस बीच राज्य में राहत और बचाव कार्य जारी हैं और केंद्र राज्य सरकार को 1000 करोड़ रुपए की राहत राशि देने की घोषणा भी कर चुका है.
आंकड़ें

आइए एक नज़र डालते हैं आंकड़ो पर और जानते हैं सरकार के राहत कार्य के बारे में. राज्य सरकार की तरफ से जारी ये आंकड़ें गुरुवार शाम छह बजे तक के है.
- राहत कार्य के लिए 22 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं
- 33,000 प्रभावित लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है
- उत्तराखंड में हुई इस तबाही से 9 ज़िले प्रभावित हुए हैं
- 50,422 तीर्थयात्री अलग अलग जगहों पर फंसें हुए हैं.
- भारतीय सेना, वायु सेना, एडीआरएफ़, आईटीबीपी, एसएसबी और राज्य सरकार राहत कार्य में लगी हुई हैं.
- सेना, वायु सेना और सीविल के 22 हेलिकॉप्टर राहत काम में लगे हुए हैं. आवश्यक चीज़ो को जैसे खाने के सामान और कंबल को गिराया जा रहा है.
- राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल,एनडीआरएफ, की 13 टीमों में 422 कर्मी और ज़रूरी सामान हैं जो राज्य सरकार को लोगों की खोज और राहत अभियान चलाने में मदद कर रहा है.
- हालात और राहत कार्यों की रोज़ समीक्षा के लिए गृह सचिव की बैठक हो रही है
- केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है.
- केदरनाथ और गौरीगांव से लोगों को निकालने के लिए वहां एनडीआरएफ और आईटीबीपी की एक-एक टीम तैनात कर दी गई है.
- गुरुवार को धरासु और ऋषिकेश के बीच नेशनल हाईवे-94 को खोल दिया गया है.
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