यमुना में इतना पानी कभी नहीं देखा

यमुना का पानी खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुँच गया
इमेज कैप्शन, यमुना का पानी खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुँच गया
    • Author, वर्तिका
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

दिल्ली पर मंडरा रहा एक बड़ा खतरा टल गया है. यमुना में 1978 और 2010 की बाढ़ के दौरान जितना पानी आया था, उससे कहीं ज्यादा पानी बुधवार की रात आ गया था.

ओखला बैराज के सहायक अभियंता एस सी जैन ने बताया कि कल रात यमुना में 3 लाख 65 हज़ार 573 क्यूसेक पानी पहुंचा. और यमुना का स्तर ख़तरे के निशान से दो मीटर ऊपर चला गया.

कुछ इलाकों में तो पानी लोगों के घरों में घुस गया और सड़कों पर नावें भी चलने लगीं. यमुना के किनारे बाक़ी दिल्ली से नीचे बसे इलाकों के लोगों में ख़ौफ़ बना रहा .

ऐसा मंजर 1978 में दिखाई दिया था, जब शहर के कई इलाके बाढ़ में घिर गए थे. तब 2 लाख 24 हज़ार 390 क्यूसेक पानी यमुना में आया था. इसके बाद 2010 की बाढ़ के समय यमुना में 2 लाख 26 हज़ार 535 क्यूसेक पानी आया था.

वो बह गया नहाते हुए

मजनूँ के टीले के पास यमुना में नहा रहा एक लड़का बह गया. उसका शव अभी तक बरामद नहीं किया जा सका है.

पुराना रलवे का पुल
इमेज कैप्शन, पहले भी यमुना का जलस्तर बढ़ा लेकिन इस बार की तरह लोहे से बने रेलवे के इस पुराने पुल पुल को कभी नहीं छू पाया

यमुना का बढ़ा जलस्तर देखने पहुंचे लोगों का कहना था की उन्होंने यमुना में इतना पानी कभी नहीं देखा. किनारे पर बसे कुछ लोग इस स्थिति के लिए तैयार नहीं दिखे. उनका कहना था की यमुना में तो पानी जुलाई में चढ़ता था लेकिन इस बार जून में ही पानी चढ़ने की वजह से उनके सामान का नुकसान हो गया.

दिल्ली सरकार की सलाह पर बिजली बनाने वाली निजी कंपनियों बी आर पी एल और बी वाई पी एल ने यमुना के किनारे वाले इलाकों में बिजली काट दी. इनमे बदरपुर खादर, करावल नगर और यमुना विहार के कई इलाके शामिल रहे.

आज रात उतर सकता है पानी

बाढ़ नियंत्रण विभाग का कहना है कि गुरुवार रात तक पानी धीरे-धीरे नीचे उतर सकता है. यमुना में खतरे का निशान 204.83 मीटर पर है. राजधानी के पुराने रेलवे पुल के पास नदी बुधवार रात 10 से 12 बजे के बीच 207.32 के स्तर पर पहुँच गई.

सरकार ने बाढ़ के हालात में सेना को सतर्क रहने और प्रशासन की मदद के लिए तैयार रहने को कहा है. यमुना में पानी बढ़ने के बाद पूर्वी दिल्ली को बाकी शहर से जोड़ने वाला 145 साल पुराना यमुना ब्रिज रेल और सड़क यातायात के लिए रोक दिया गया है.

यमुना में जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए पूर्वी दिल्ली के निचले इलाकों उस्मानपुर, यमुना बाज़ार और शास्त्री पार्क से करीब दो हजार लोगों को हटाया दिया है. इसके साथ ही कुछ राहत शिविर भी बनाए गए हैं.

प्रशासन ने दिल्ली के चार ज़िलों में करीब 400 टैंट स्थापित किए हैं, ताकि हालात बिगड़ने पर प्रभावित लोगों को इनमें ठहराया जा सके. इसके अलावा कुछ गोताखोरों को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है.

हरियाणा से पानी आने के बाद बढ़ा जलस्तर

लोकनिर्माण विभाग के सिंचाई संकाय के अधिकारी गंगाराम शर्मा के मुताबिक राजधानी दिल्ली में बाढ़ के हालात हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद पैदा हुए .

17 जून को बैराज से 8 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इसके बाद बुधवार सुबह 6 बजे 93 हज़ार 67 और दोपहर 3 बजे 77 हज़ार 919 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया. ये पानी बुधवार शाम 8 से साढ़े आठ बजे तक दिल्ली पहुंचा.

सिंचाई संकाय के अधिकारी गंगाराम ने बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन के पास पूरी तैयारी थी . हरियाणा में ही पानी का बहाव नियंत्रण में कर लिया गया था . उन्होंने बताया कि दिल्ली के बैराज लगभग 3 लाख क्यूसेक पानी झेलने की क्षमता रखते हैं.

मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक एम दुरईस्वामी के मुताबिक राहत की बात यह है कि आने वाले दिनों में उत्तर पश्चिम भारत में भारी बरसात का अनुमान नहीं है. दिल्ली में अब 23 जून के बाद ही बारिश की उम्मीद है. हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश रुकी हुई है. अगर वहां बारिश दोबारा शुरू होती है तो इससे ज़्यादा पानी आने की आशंका है.

जलस्तर बढ़ने से इन इलाकों पर हुआ असर

यमुना में बाढ़ की वजह से दिल्ली के जिन इलाकों पर असर पड़ा , वो हैं- सोनिया विहार, गीता कॉलोनी, शाहदरा, झील-खुरंजा, लक्ष्मी नगर, शकरपुर, त्रिलोकपुरी, ओखला, ज़ाकिर नगर, कश्मीरी गेट के पास मोनेस्ट्री, गांधी नगर, मुखर्जी नगर, किंग्स्वे कैंप, मॉडल टाउन, आज़ादपुर मंडी, उस्मानपुर, भजनपुरा, शास्त्री नगर, सीलमपुर और वेलकम.

दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित इलाकों के लोग आईएसबीटी कश्मीरी गेट पर मौजूद बाढ़ नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं. इसके नंबर हैं- 9990558386 और 011 -23862164.

हरियाणा में भी खतरा

यमुना का पानी उफनकर हरियाणा के कई शहरों में बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है. इनमें यमुनानगर, सोनीपत, पानीपत, करनाल, पलवल जैसे शहर शामिल हैं. यमुना नगर के आसपास के ही 100 से 125 गाँव खतरे के दायरे में हैं.

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि हथिनीकुंड बैराज के नंबर 08053444519 पर फ़ोन कर पता लगाया जा सकता है कि कितना पानी छोड़ा गया है और वो कब तक कहां पहुंचेगा. इस सूचना के आधार पर बाढ़ से बचने की तैयारी करना मुमकिन होगा.

उत्तर प्रदेश में भी सतर्कता

दिल्ली से लगी उत्तर प्रदेश की सीमा के पास ओखला बैराज पर मौजूद बाढ़ नियंत्रण केंद्र से बताया गया है कि यमुना में 2 लाख 28 हज़ार 175 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. यह पानी आगे मथुरा और आगरा की तरफ बढ़ेगा.

ओखला बाढ़ नियंत्रण कक्ष से फोन नंबर 8447050298 पर संपर्क किया जा सकता है.

मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है. बिहार, अरुणाचल प्रदेश, आसाम और मेघालय, कोंकण और गोवा, कर्नाटक के तटों पर, अंडमान और निकोबार में भी कुछ जगह भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है.