पीछे हटे आडवाणी, भाजपा संकट से उबरी

भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है की उनकी पार्टी की संसदीय समिति ने लाल कृष्ण आडवाणी के इस्तीफे को सर्वसम्मति से नामंज़ूर कर दिया है.

राजनाथ सिंह ने बताया कि पार्टी आडवाणी की सभी चिंताओं पर विचार करेगी. उन्होंने कहा कि मामले पर आडवाणी से आरएसएस नेता मोहन भागवत ने बात की.

ये बयान राजनाथ सिंह ने आडवाणी के घर पर दिया लेकिन आडवाणी खुद उस समय मौजूद नहीं थे.

राजनाथ सिंह ने संक्षिप्त बयान में कहा, “हमने आडवाणी जी से कहा कि आज भी हमें आपके नेतृत्व की आवश्यकता है. उन्होंने कहा है कि कि पार्टी का जो भी निर्णय होगा, उसे मानूँगा.” बयान के बाद राजनाथ सिंह ने पत्रकारों के सवाल नहीं लिए.

इसके तुरंत बाद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विट पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा, "मैंने कल ही कहा था आडवाणी जी लाखों कार्यकर्ताओं को निराश नहीं करेंगे. मैं आज आडवाणी जी के निर्णय का ह्रदय से स्वागत करता हूँ."

क्यों दिया था आडवाणी ने इस्तीफ़ा

आडवाणी ने भाजपा के अहम पदों से इस्तीफा दे दिया था
इमेज कैप्शन, आडवाणी ने भाजपा के अहम पदों से इस्तीफा दे दिया था

कल आडवाणी ने अचानक दोपहर को भाजपा के महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफ़ा दे दिया था जिसके बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में हडकंप मंच गया था.

पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को भेजे एक पत्र में आडवाणी ने कहा था, ‘‘ मैंने फैसला किया है कि मैं पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी, संसदीय बोर्ड और चुनाव समिति से इस्तीफ़ा दे दूं और इस पत्र को मेरा इस्तीफ़ा माना जाए.’’

भाजपा के पद छोड़ने का फैसला आडवाणी ने रविवार को नरेंद्र मोदी को पार्टी की चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के एक दिन बाद लिया था.

मोदी को चुनाव समिति का प्रमुख बनाए जाने से आडवाणी नाराज़ बताए जा रहे थे और वो पार्टी की गोवा में हुई कार्यकारिणी की बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे.

1980 में भाजपा के गठन के बाद ये पहला मौक़ा था जब आडवाणी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल नहीं हुए.

इस्तीफ़े के फैसले के बाद सोमवार को भाजपा नेताओं में बात-मुलाकात का दौर चलता रहा. वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह के घर पर इकट्ठा हुए और इस स्थिति से निपटने के तरीकों पर विचार करते रहे.वहीं सुषमा स्वराज जैसी नेताओं ने उनसे जाकर बात भी की. भाजपा नेता उमा भारती और नितिन गडकरी भी दिल्ली पहुँचे और आडवाणी से बात की.

दिन भर की गहमागहमी के बाद शाम को राजनाथ सिंह ने बयान देकर सबको बताया कि पार्टी आडवाणी की चिंताओं पर विचार करेगी.