घुसपैठ पर मनमोहन ने की कचियांग से बात

<link type="page"><caption> भारत-चीन सीमा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130509_salman_china_pp.shtml" platform="highweb"/></link> पर पिछले दिनों हुए विवाद के ख़त्म होने के बाद तीन दिन के भारत दौरे पर पहुंचे चीन के प्रधानमंत्री <link type="page"><caption> ली कचियांग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130519_china_li_keqiang_profile_sp.shtml" platform="highweb"/></link> ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मुलाकात की है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इस बातचीत में मनमोहन सिंह ने ली कचियांग को हाल ही में भारत-प्रशासित जम्मू कश्मीर के लद्दाख में चीनी सैनिकों की घुसपैठ पर भारत की गंभीर चिंताओं से अवगत कराया.
<link type="page"><caption> पढ़िए:कौन हैं ली कचियांग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130519_china_li_keqiang_profile_sp.shtml" platform="highweb"/></link>
मनमोहन सिंह ने ली कचियांग से कहा कि सीमा पर शांति और सदभाव नहीं रहने का असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा.
समाचार एजेंसी का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच एक घंटे तक चली बातचीत में सीमा मुद्दे के साथ-साथ ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन द्वारा बनाए जा रहे बांधों का मसला भी उठा. साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार घाटे का मामले पर भी बात हुई.
इस बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के चंद लोग ही मौजूद थे. पीटीआई ने विदेश मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से कहा है कि मनमोहन सिंह ने मुद्दों को सकारात्मक तरीके से लेकिन मज़बूती के साथ रखा.
भोज
चीनी प्रधानमंत्री के सम्मान में दिए गए भोज में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली और माकपा महासचिव प्रकाश करात, सपा नेता मुलायम सिंह यादव मौजूद थे.
इससे पहले, ली कचियांग रविवार दोपहर भारत पहुंचे. मार्च में प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद ली की यह पहली आधिकारिक विदेश यात्रा है.
भारत आने पर चीनी प्रधानमंत्री ली ने कहा कि वो चीन के एक अरब 30 करोड़ लोगों की ओर से भारत की एक अरब 20 करोड़ लोगों के लिए शुभकामनाएं लाएं हैं.
प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत
अब दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर बातचीत सोमवार होगी.
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक आदान प्रदान पर कई करार होने की संभावना है. व्यापार निवेश में वृद्धि ली की भारत यात्रा का प्रमुख मुद्दा है.
चीनी प्रधानमंत्री नई दिल्ली के अलावा भारत की आर्थिक राजधानी माने जाने वाले शहर मुंबई भी जाएंगे. वहाँ उनका देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी, टाटा कंसंल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के मुख्यालय जाने का कार्यक्रम है.
टीसीएस के मुख्यालय के अलावा चीन के प्रधानमंत्री एक भारतीय डॉक्टर द्वारकानाथ कोटनिस के रिश्तेदारों से भी मुलाकात करेंगे. डॉक्टर कोटनिस ने 1938 के चीन-जापान युद्ध में चीन की सेना का इलाज किया था.
भारत के बाद चीनी प्रधानमंत्री पाकिस्तान, जर्मनी और स्विट्जरलैंड जाएंगे.
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