'अख़बार की जगह रेडियो को चुना जा सकता है'

मैनेजर मीडिया सल्यूशन्स- इस पेशे का नाम लिया जाए तो मुमकिन है कि पहली बार में ये समझ में ना आए कि आख़िर ये काम क्या है.
सागर पृथ्वीराज भारत की एक बेहद सफल मीडिया कंपनी में इसी ओहदे पर काम करते हैं.
वे इस पेशे को समझाते हुए बताते हैं, ''दरअसल ये मार्केटिंग के क्षेत्र से जुड़ा है. भारतीय बाज़ार में जो भी कंपंनियां मौजूद हैं उन्हे अपने ग्राहकों से जुड़े रहने औंर नए ग्राहकों तक पहुंचने के लिए मीडिया का सहारा लेना ही पड़ता है और यहीं पर ज़रूरत पड़ती है मीडिया सल्यूशन मैनेजर की."
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उन्होंने कहा, "हम कंपनियों को बताते हैं कि किस मीडिया (रेडियो, टीवी या प्रिंट) का इस्तेमाल उनके बिज़नेस के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद साबित हो सकता है यानी उन्हे किसी प्रोडक्ट के लिए रेडियो का सहारा लेना चाहिए या अख़बार का और क्यों.''
सुनने में तो ये विज्ञापन से जुड़ा हुआ लगता है.
हालांकि सागर कहते हैं, ''विज्ञापन और हमारे काम में बुनियादी फर्क है. हम जो सुविधा मुहैया कराते हैं उसमें एक कंपनी के पास मौक़ा होता है अपनी सही स्थिति और जानकारी लोगों के सामने रखने का."
वह आगे बताते हैं, "विज्ञापन में वो मुमकिन नहीं है.दूसरी बात ये कि मीडिया सल्यूशन के लिए पूरी टीम होती है जो ये देखती है कि कंपनी की वास्तविक छवि क्या है."
मार्केटिंग की समझ

इस पेशे की सबसे बड़ी चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए सागर ने बताया, "एक ग्राहक कंपनी के साथ बेहतर रिश्ते बनाकर रखना हमारे लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी है क्योंकि बिज़नेस है तो हम हैं."
वह कहते हैं, "काफ़ी ध्यान रखना पड़ता है कि कंपनी की इच्छा और हमारे द्वारा दी गई सुविधा में कोई अंतर ना हो.हमारा ब्रैंड एक पहचान है उसका पूरा ख़्याल रखना होता है."
एमबीए की डिग्री हासिल करने वाले सागर मानते हैं कि मीडिया सल्य़ूशन के क्षेत्र में काम करना है तो दो चीज़ें बेहद ज़रूरी हैं.
उनके मुताबिक, "एक तो मार्केटिंग की गहरी समझ और दूसरा मीडिया के विभिन्न आयामों और ज़रूरतों की पूरी जानकारी. मीडिया का क्षेत्र इतना फैल चुका है कि काम के बहुत सारे अवसर हैं लेकिन उसके मुताबिक समझ पैदा करके ही आगे बढ़ा जा सकता है."












