ममता-मित्रा के साथ धक्का मुक्की

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा के साथ योजना आयोग भवन में स्टुडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं ने धक्का मुक्की की. इस धक्का मुक्की में उनकी कमीज भी फट गई.
धक्का मुक्की के समय अमित मित्रा के साथ राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं.
एसएफआई के कार्यकर्ता अपने साथी सुदीप्तो गुप्ता की कोलकाता में <link type="page"><caption> पुलिस हिरासत में हुई मौत</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/04/130403_sudipto_death_sk.shtml" platform="highweb"/></link> के चलते विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
इस घटना के बाद सीपीएम ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में उसके कार्यालयों को कथित तौर पर तृणमूल के लोगों ने निशाना बनाया है.
पीटीआई के मुताबिक ये घटना हुगली, हावाड़ा, बंकुरा और दार्जलिंग ज़िलों में हुई. एजेंसी के अनुसार नार्थ 24 परगनास में सीपीएम के छह दफतर जला दिए गए.
वामपंथी कार्यकर्ताओं का विरोध
ममता बनर्जी अपने वित्त मंत्री के साथ योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया से मिलने शाम 3.45 बजे पहुंचीं थीं. वहां पहले से ही छात्र संगठन एसएफआई के कार्यकर्ता मौजूद थे.
पुलिस ने ममता बनर्जी को कार से नहीं उतरने की सलाह दी और कार को योजना आयोग भवन के अंदर ले जाने को कहा लेकिन ममता बनर्जी गाड़ी से उतर गईं.
इसके बाद एसएफआई कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया. अमित मित्रा के अलावा उनके साथ पंचायत मामलों के मंत्री सुब्रत मुखर्जी और शहरी विकास मंत्री फिरहद हकीम मौजूद थे.
'ये सब गुंडे हैं'
ममता बनर्जी का विरोध कर रहे एसएफआई कार्यकर्ता नारे लगा रहे थे, "ममता बनर्जी हाय, हाय, टीएमसी हाय हाय, हत्यारी ममता शर्म करो."
इस घटना के बाद ममता बनर्जी ने गुस्से में सवाल पूछा कि एसएफआई कार्यकर्ताओं से निपटने के लिए योजना आयोग में पुलिस बल की तैनाती क्यों नहीं की गई थी.
ममता बनर्जी ने कहा, “ये सब गुंडे थे, यह गंदी राजनीति है.”
ममता बनर्जी ने ये भी कहा, "ये लोग पश्चिम बंगाल का विकास नहीं चाहते हैं, इसलिए मेरा विरोध कर रहे हैं. मेरे पास दस लाख लोगों का समर्थन है, मैं उन सबको दिल्ली लेकर आऊंगी."
ममता बनर्जी ने इस मसले पर मोंटेक सिंह अहलूवालिया को भी नहीं बख्शा. ममता ने उनसे कहा, "आप नई शुरुआत कर रहे हैं, मेरे मंत्री के साथ अभद्रता हुई है. आप हमारे राज्य का विकास इस तरह नहीं रोक सकते."
योजना आयोग के अध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने इस पूरे मामले पर खेद जताया है.












