हमारे साथ जो हुआ वो सरासर गुंड़ागर्दी है: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा के साथ दिल्ली में योजना आयोग भवन में स्टुडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार शाम को धक्का मुक्की की. इस धक्का मुक्की में उनकी कमीज भी फट गई. उस समय राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी वहाँ मौजूद थीं.

<link type="page"><caption> ममता बनर्जी को गुस्सा क्यों आता है</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130207_mamta_outburst_rf.shtml" platform="highweb"/></link>

ममता ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे गुंड़ागर्दी बताया है. ममता ने नाराज़गी जताते हुए कहा, “उनके हाथ में लोहे की छड़ थी. जब तक ये लोग मुझे जान से नहीं मार देते ये मुझे रोक नहीं सकते. ये पहले भी ऐसा कर चुके हैं. पता नहीं इनकी राजनीति ऐसी कैसे हो गई. ये तो सरासर गुंडागर्दी है. जो कुछ हुआ है वो संविधान की गरीमा को धक्का है. मुझे पूरा हक़ है कि मैं दिल्ली आकर प्रधानमंत्री या योजना आयोग से मिलूं.”

ममता बनर्जी मंगलवार शाम दिल्ली में योजना आयोग भवन आई थीं. साथ में थे राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा. मकसद था मोंटेक सिंह अहलूवालिया से बातचीत करना. लेकिन इस बातचीत से पहले ही वहाँ अच्छा खासा हंगामा हो गया.

वहां पहले से ही स्टुडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ता मौजूद थे. भवन के बाहर खड़े इन कार्यकर्ताओं ने तृणमूल नेताओं के साथ धक्का मुक्की की. इस बदसलूकी से ममता बर्नजी तिलमिला उठी.

बंगाल में तोड़फोड़

पुलिस ने ममता बनर्जी को कार से नहीं उतरने की सलाह दी थी. और कार को योजना आयोग भवन के अंदर ले जाने को कहा लेकिन ममता बनर्जी गाड़ी से उतर गईं.

एसएफआई के कार्यकर्ता अपने साथी सुदीप्तो गुप्ता की कोलकाता मेंपुलिस हिरासत में हुई मौतके चलते विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

ममता बनर्जी ने इस मसले पर मोंटेक सिंह अहलूवालिया को भी नहीं बख्शा. ममता ने उनसे कहा, "आप नई शुरुआत कर रहे हैं, मेरे मंत्री के साथ अभद्रता हुई है. आप हमारे राज्य का विकास इस तरह नहीं रोक सकते."

योजना आयोग के अध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने इस पूरे मामले पर खेद जताया.

उधर इस घटना के बाद सीपीएम ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में उसके कार्यालयों को कथित तौर पर तृणमूल के लोगों ने निशाना बनाया है.

पीटीआई के मुताबिक ये घटना हुगली, हावाड़ा, बंकुरा और दार्जलिंग ज़िलों में हुई. एजेंसी के अनुसार नार्थ 24 परगनास में सीपीएम के छह दफतर जला दिए गए.

ममता बनर्जी रात को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने वाली थी लेकिन ये मुलाकात नहीं हुई.