स्टालिन के घर सीबीआई छापे से निराश सरकार

कर चोरी के एक पुराने मामले में <link type="page"><caption> द्रमुक नेता</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/05/120530_dmk_threat_ss.shtml" platform="highweb"/></link> स्टालिन के घर पर पड़े सीबीआई के छापे को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि इस कार्रवाई से हम सभी निराश हुए हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने प्रधानमंत्री के हवाले से कहा है कि सीबीआई की कार्रवाई में सरकार की कोई भूमिका नहीं है. प्रधानमंत्री ने द्रमुक नेता <link type="page"><caption> स्टालिन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/03/130319_dmk_srilanka_da.shtml" platform="highweb"/></link> के घर पर सीबीआई के छापे के समय को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया.
उधर कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के मंत्री पी. चिदंबरम ने भी सीबीआई की तलाशी से अपनी असहमति जताई है.
तमिलनाडु के ही शिवगंगा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का लोकसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले वित्त मंत्री ने कहा,“हम सीबीआई की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं. इससे गलतफहमी बढ़ेगी.”
क्या है मामला
गुरुवार सुबह सीबीआई ने चेन्नई में डीएमके में दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता समझे जाने वाले <link type="page"><caption> एम के स्टालिन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/01/130107_karunanidhi_names_stalin_arm.shtml" platform="highweb"/></link> के चेन्नई स्थित घर पर छापा मारा था. सीबीआई की यह कार्रवाई केंद्र सरकार से डीएमके की समर्थन वापसी के दो दिन बाद ही की गई है.
यह एक कथित रुप से बिना ड्यूटी चुकाए विदेशी गाड़ियों के आयात का मामला है.
इस मामले की जांच डीआरआई कर रही थी और उसने सीबीआई से मदद मांगी थी.
सीबीआई स्टालिन के घर विदेशी गाड़ी की तलाश में पहुंची है.
बताया जा रहा है कि सीबीआई ने केस रजिस्टर कर लिया है लेकिन अभी तक ये साफ़ नहीं है कि इसमें किसका नाम है.
इस बीच सीबीआई ने द्रमुक नेता एम के स्टालिन के घर पर हुई तलाशी का बचाव करते हुए कहा है कि कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और किसी व्यक्ति विशेष को निशाना नहीं गया है.
‘राजनीति का शिकार’

डीएमके ने इसे राजनीतिक कदम करार दिया है.
एक निजी टीवी चैनल से डीएमके सांसद टीआरबालू ने कहा कि पार्टी को ‘राजनीति का शिकार’ बनाया जा रहा है.
बालू ने कहा, “आप समझते ही हैं कि भारत सरकार किस तरह काम करती है. ये पूरी तरह राजनीतिक विद्वेष का मामला है.”
उन्होंने कहा कि पार्टी ये मामला संसद में नहीं उठाएगी. ये एक निजी मामला है और इसमें फ़ैसला न्यायालय ही करेगा.
बालू ने ये भी कहा, “मुझे नहीं लगता कि वो इस तरह से सरकार बचा पाएंगा.”
एमके स्टालिन का कहना है डीएमके के सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद राजनीतिक बदले की भावना से ये कार्रवाई की गई है.
उन्होंने कहा कि उन्हें पता नहीं कि सीबीआई ने उनके घर पर छापा क्यों मारा है.
स्टालिन का कहना है कि वो इस मामले को अदालत में लड़ेंगे.












