इस साल भारत भी मंगल ग्रह की ओर

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इमेज कैप्शन, क्या भारत भी भविष्य में अपनी मशीनें मंगल पर उतार पाएगा?

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि भारत इस साल मंगल ग्रह की ओर अपना पहला अभियान शुरू करेगा.

बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि 2013 में भारत ने कई अंतरिक्ष अभियान शुरू करने की योजना बनाई है.

साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो सात उपग्रहों में से पहला अंतरिक्ष में छोड़ेगा. इन्हें नेवीगेशन सैटेलाइट सिस्टम कहा जाता है.

मंगल ग्रह के लिए भारतीय अभियान के ज़रिए पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वहाँ जीवन के अनुकूल वातावरण कैसे ख़त्म हुआ और क्या अब भी वहाँ जीवन की संभावना है.

ये अभियान इस साल अक्तूबर में शुरू होगा.

अर्थव्यवस्था की सेहत

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इमेज कैप्शन, मंगल ग्रह पर आदमी को भेजने पर भी दुनिया में विचार चल रहा है.

राष्ट्रपति ने अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने की सरकारी योजना के बारे में विस्तार से चर्चा की.

उन्होंने कहा, “हमारे विकास की रफ़्तार पर बाहरी और घरेलू कारणों से असर पड़ा है. हमें दोनों का अध्ययन करना होगा.”

अनुमान है कि सन 2012-13 का सकल घरेलू उत्पाद या जीडीपी 6.2 से नीचे गिर कर पाँच प्रतिशत तक पहुँचेगा.

मुखर्जी ने कहा,"इस वित्तवर्ष के पूर्वार्द्ध में सकल घरेलू उत्पाद 5.4 प्रतिशत की रफ़्तार से बढ़ी है. पिछले दशक में आठ प्रतिशत जीडीपी के मुक़ाबले ये काफ़ी कम है."

उन्होंने बढ़ती महँगाई पर भी चिंता जताई और कहा कि हालाँकि मुद्रास्फीति कम हो रही है फिर भी ये चिंता का विषय बना हुआ है.

अतिवाद

उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय घाटे को स्थिर करने की कोशिश कर रही है.

राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि नक्सली हिंसा में कमी आई है.

उन्होने कहा, “मेरी सरकार वामपंथी उग्रवाद से पूरी तरह से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है. वो विकास और बेहतर प्रशासन के साथ साथ अतिवादियों के ख़िलाफ़ सक्रिय ऑपरेशन भी चलाने की दोहरी रणनीति चला रही है.”

संसद का बजट सत्र तीन महीने तक चलेगा. इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों और अध्यादेशों को पारित करवाने की कोशिश करेगी जिनमें महिलाओं की सुरक्षा संबंधी अध्यादेश शामिल है.