हैदराबाद विस्फोट में 15 की मौत

हैदराबाद में बम विस्फोट

आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद के दिलसुख नगर इलाक़े में दो जगहों पर बम विस्फोट हुआ है. विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई है जबकि 119 से ज़्यादा लोग घायल हैं.

विस्फोट वहाँ एक बस स्टैंड और एक थियेटर के बाहर हुए हैं और अधिकारियों का कहना है कि बम साइकिल पर रखे गए थे. सरकार ने इसे 'आतंकी हमले' क़रार दिया है.

घायलों को पास के अस्पतालों में ले जाया गया है. विस्फोट शाम के समय हुआ है और उस व्यस्त इलाक़े में उस समय भीड़-भाड़ थी.

इस बीच, राज्य के पुलिस महानिदेशक वी. दिनेश रेड्डी ने गुरुवार देर रात जानकारी दी कि धमाकों में आइईडी का इस्तेमाल हुआ था, जिससे सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है.

बीबीसी संवाददाता उमर फारुख के मुताबिक घायलों को शहर के चार अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और अपने परिजनों का हाल जानने के लिए इन अस्पतालों में भारी भीड़ जमा है.

उस्मानिया अस्पताल पहुंचे बीबीसी संवाददाता उमर फारूख़ का कहना है कि वहां मृतकों के परिजनों के लोग रो रहे हैं. स्थानीय निवासी इकबाल अहमद ने उमर फारूख़ को बताया कि उनका 17 साल का बेटा एजाज़ हुसैन पढ़कर आ रहा था और तभी धमाके की चपेट में आ गया.

वहीं हरीश कार्तिक नामक एक एमबीए के छात्र की बस से उतरते ही मौत हो धमाके में मौत हो गई.

<link type="page"> <caption> इससे पहले हुए विस्फोटों पर एक नज़र</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130221_india_blasts_attack_va.shtml" platform="highweb"/> </link>

इधर केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने दिल्ली में बताया, "मैंने प्रधानमंत्री जी को इन विस्फोटों के बारे में बताया है. मुख्यमंत्री से मेरी बात हुई है. उन्होंने बताया कि दो साइकिलों पर ये विस्फोट हुए हैं." उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घटनास्थल पर मौजूद हैं.

घटनास्थल

गृह मंत्री के अनुसार दोनों विस्फोट लगभग 150 मीटर के दायरे में हुए हैं. उन्होंने मारे जाने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है.

शिंदे ने ख़ुफ़िया जानकारी के बारे में कहा, "दो दिन से हमारे पास सूचना आती रही है. आज सुबह भी जब अधिकारियों से बात की और जब सूचना मिली तो सभी राज्यों को हमने वो जानकारी दे दी थी."

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इन धमाकों की कड़ी निंदा की है. ट्विटर पर लिखे संदेश में उन्होंने कहा, "ये कायरतापूर्ण हमला है. दोषियों को सज़ा ज़रूर मिलेगी. मैं लोगों से अपील करता हूँ कि वे शांति बनाए रखें."

प्रधानमंत्री सिंह ने केंद्रीय एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वो राहत कार्यों में हर संभव मदद करें.

प्रधानमंत्री ने धमाकों में मारे गए लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए और बुरी तरह जख्मी हुए लोगों को 50-50 हज़ार रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

आंध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री किरण कुमार रेड्डी ने मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से छह-छह लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी.

इससे पहले केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने दो विस्फोटों की पुष्टि करते हुए बताया, "एनआईए के पदाधिकारी स्थल पर पहुँच गए हैं. आईबी के भी पदाधिकारी वहाँ पहुँच रहे हैं. हम पुलिस प्रमुख और गृह मंत्री से भी संपर्क में हैं."

गृह सचिव का कहना था, "जहाँ विस्फोट हुआ है उसे घेर दिया गया है जिससे सबूत इकट्ठे किए जा सकें."

पहले भी

सिंह ने बताया कि उन्होंने राज्य के राज्यपाल, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से इस बारे में बात की है. गृह सचिव के अनुसार इलाक़े को घेर दिया गया है और वहाँ पर जाँच दल पहुँच रहा है.

सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति शोकसंवेदना व्यक्त की.

हैदराबाद में <link type="page"> <caption> 2007 के बाद</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130221_india_blasts_attack_va.shtml" platform="highweb"/> </link> से ये पहला बम विस्फोट है.

उस समय मक्का मस्जिद सहित तीन जगहों पर विस्फोट हुए थे. मक्का मस्जिद के अलावा लुंबिनी पार्क और एक व्यस्त इलाक़े कोठी में भी विस्फोट हुए थे.

जब वे तीन धमाके हुए थे तब भी एक बम दिलसुख नगर में रखा गया था मगर उसे निष्क्रिय कर दिया गया था.