राजपथ पर प्रदर्शनकारियों का हिंसक हंगामा

दिल्ली में बलात्कार का विरोध करने जमा हुए प्रदर्शनकारियों ने इंडिया गेट पर दूसरे दिन भी हिंसक हंगामा किया है.
कुछ प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ और आगजनी भी की है.
उधर रात आठ बजे डॉक्टरों ने बलात्कार की पीड़ित लड़की की हालत में जानकारी देते हुए बताया कि लड़की की हालत खतरे से बाहर नहीं है लेकिन वो हिम्मत से लड़ रही है.
डॉक्टरों ने उसे वापस वेंटिलेटर पर रख दिया है. उनका कहना है कि पीड़ित को संक्रमण का खतरा बराबर बना हुआ है और उसके रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या भी घट रही है.
इस बीच विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है. उन्होंने युवाओं से भी हिंसा का सहारा न लेने को भी कहा है. उनके मुताबिक हिंसा कोई समाधान नहीं है.
बेकाबू लोग
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारी हिंसक हो रहे हैं जिसके कारण पुलिस ने कार्रवाई की है.
बड़ी संख्या में प्रदर्शन में हिस्सा लेकर लौट रहे लोगों का कहना था कि कुछ लोग प्रदर्शनों को हिंसक बना रहे हैं.
इंडिया गेट पर गणतंत्र दिवस की तैयारियों के तहत लगे बांस के खंभों और कुछ सीटों में भी आग लगा दी गई है.
रविवार की सुबह इंडिया गेट जाने के कई रास्ते बंद किए गए थे लेकिन दोपहर में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से कुछ प्रदर्शनकारियों की मुलाक़ात के बाद लोगों को प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई.
लेकिन कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और नारेबाज़ी होने लगी.
दिन में प्रदर्शनों में हिस्सा लेने अरविंद केज़रीवाल, बाबा रामदेव और कांग्रेस के नेता संदीप दीक्षित भी पहुंचे.
संदीप दीक्षित को वहां प्रदर्शनकारियों ने रुकने नहीं दिया.
पुलिस की कार्रवाई में कई लोगों के घायल होने के भी समाचार हैं.
जब भीड़ बेकाबू होने लगी तो पुलिस ने पानी की बौछार की, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. प्रशासन को आख़िर सेना की दो टुकड़ियों को बुलाना पड़ा है.
राजनीति
रविवार को भी शाम होते होते तक सुरक्षाबलों ने इंडिया गेट को प्रदर्शनकारियों से खाली करवा लिया है.
ख़बर है कि दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय से कहा है कि इस प्रदर्शन को अब राजनीतिक दल भड़का रहे हैं.
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि इस बारे में उनकी गृह मंत्री से विस्तार से बात हुई है कि कैसे स्थिति से संभाला जाए.
दीक्षित ने प्रदर्शकारियों से बाबा रामदेव और आप पार्टी के नेताओं के मिलने पर ये कहते हुए आपत्ति जताई कि इसे राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए वरना आंदोलन का मकसद व्यर्थ जाएगा
इससे पहले सरकार ने शनिवार को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने के मामले की जाँच के आदेश दिए हैं.
ये प्रदर्शनकारी पिछले हफ़्ते एक बस में एक लड़की से हुए बलात्कार का विरोध कर रहे हैं और बलात्कार के अभियुक्तों को मौत की सज़ा देने की मांग कर रहे हैं.
सरकार की ओर से शनिवार को ही आश्वासन दिया जा चुका है कि क़ानून में बदलाव करके बलात्कार के लिए मौत की सज़ा का प्रावधान किया जाएगा.
इस बीच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि रिटायर्ड जज भी इस मामले को देखेंगे.












