
गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे पर सारे देश की निगाह लगी है
गुरुवार को सबकी नजर गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों की नतीजों पर होगी जहां भारतीय जनता पार्टी सत्ता में वापसी करना चाहेगी.
दोनों ही राज्यों में भारी मतदान हुआ है. जहां गुजरात में नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने के प्रबल अनुमान लगाए जा रहे हैं, वहीं हिमाचल की सत्ता की चाबी कांग्रेस के हाथ लगने के कयास लगाए जा रहे हैं.
182 सीटों वाली गुजरात विधानसभा के लिए राज्य में तीन-तरफा मुकाबला हुआ है जहां भाजपा के बागी नेता केशुभाई पटेल ने अपनी गुजरात परिवर्तन पार्टी के झंडे तले मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.
वहीं कांग्रेस ने भी गुजरात में आक्रामक तरीके से लगातार चुनाव प्रचार किया जहां वह कई वर्षों से सत्ता से बाहर है.
मामला हिमाचल का
उधर 68 सदस्यों वाली हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी सरकार पर कांग्रेस की बढ़त का अनुमान लगाया जा रहा है.
लेकिन नरेंद्र मोदी की ही तरह हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने विधानसभा चुनाव में दो तिहाई बहुमत से जीत हासिल करने का विश्वास जताया है.
राज्य में कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की साख दांव पर लगी है जहां कांग्रेस ने अपने चुनाव प्रचार में सत्ता विरोधी लहर पैदा करने की पुरज़ोर कोशिश की थी.
लेकिन सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी ने भी महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर कांग्रेस को जमकर घेरा था.
साल 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले इन दोनों ही राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे, जीतने वाली पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने का काम करेंगे.
खासतौर पर गुजरात के चुनावी नतीजे राष्ट्रीय राजनीति पर असर डालेंगे जहां गोधरा कांड के बाद भड़के दंगों के दौरान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं जिनकी वजह से भारतीय जनता पार्टी उन्हें प्रधानमंत्री की दौड़ में लाने से हिचकिचाती रही है.








