क्या अधूरा है अब भी इंसाफ़

मुंबई हमलों के दोषी पाकिस्तानी नागरिक अजमल कसाब को फाँसी दिए जाने के बाद भारत ने राहत की सांस ली लेकिन साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि जब तक इन हमलों के असल ज़िम्मेदारों के ख़िलाफ कानूनी कारवाई पूरी नहीं होती तब तक इंसाफ नहीं होगा.
भारत सरकार का आरोप है कि मुंबई हमलों की योजना पाकिस्तानी उग्रवादी संगठन लश्कर-ए-तैबा ने बनाई थी जिसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से मदद मिली थी.
अजमल कसाब ने अपने ख़िलाफ मुक़दमे के दौरान एक बयान में कहा था की लश्कर-ए-तैबा के कमांडर ज़किउर रहमान लखवी ने मुंबई हमलों की योजना बनाई थी और उस पर अमल कराया था.
अमरीका ने जमात-उद-दावा नाम के पाकिस्तानी संगठन के मुखिया हाफिज सईद को भी मुंबई हमलों का ज़िम्मेदार बताया है और उन्हें गिरफ्तार कराने में मदद देने वालों को एक करोड़ डॉलर का ईनाम देने की घोषणा की है.
अधुरा इंसाफ

भारत और अमरीका के अनुसार मुंबई हमलों में आईएसआई का भी हाथ है लेकिन पाकिस्तानी सरकार इस आरोप को लगातार बेबुनियाद बताती रही है.
गौरतलब है कि मुंबई हमलों के एक और अभियुक्त डेविड कॉलमेन हेडली इन दिनों अमरीकी जेल में कैद हैं. पिछले साल शिकागो की अदालत में हेडली ने राणा के खिलाफ सरकारी गवाही दी थी.
डेविड कोलमेन ने शिकागो की अदालत को बताया था कि वो लश्कर-ए-तैबा के लिए काम करते थे जिसने मुंबई हमलों की योजना बनाई थी. उसमें साजिद मीर भी शामिल थे जो कसाब और उसके अन्य बंदूकधारी साथियों को फोन पर मुंबई में हमले के दौरान निर्देश दे रहे थे.
उनकी आवाज़ अमरीकियों ने रिकॉर्ड भी की है. अमरीकी अदालत में हेडली ने कहा था कि मीर के पाकिस्तानी आईएसआई के साथ संबंध हैं. हेडली ने अदालत को ये भी बताया था कि वो आईएसआई के कुछ अफसरों से भी मिले थे जिन्होंने मुंबई हमलों की तैयारी में मदद की पेशकश की थी.
लख़वी और राणा का क्या?

अमरीकी प्रशासन ने अदालत में दावा किया था कि मुंबई हमलों में आईएसआई के मेजर इकबाल भी शामिल थे लेकिन उनके बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गयी थी. हेडली ने अपनी गवाही में अदालत को बताया था कि वो मेजर इकबाल से मिले थे जिसने उसे मुंबई में हमलों की तैयारी करने को कहा था.
हेडली ने अदालत से ये भी कहा था कि साल 2006 में जब लश्कर कैम्प में ट्रेनिंग दी जा रही थी तो आईएसआई के मेजर समीर अली उसे वहां ले गए थे.
भारत सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक हेडली ने मेजर इकबाल की निगरानी में ट्रेनिंग शुरू की, ताकि मुंबई हमलों के लिए उन्हें अच्छी तरह से तैयार किया जा सके.
पाकिस्तान की अदालत में मुंबई हमलों के सात अभियुक्तों के खिलाफ मुक़दमा चल रहा है लेकिन इसकी रफ़्तार से भारतीय सरकार संतुष्ट नहीं है.
मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों में मरने वालों के रिश्तेदारों का कहना है कि कसाब और उसके साथी केवल प्यादे थे. उनका कहना है कि इस योजना के पीछे हाफिज सईद, लखवी और आईएसआई के खिलाफ कारवाई जब तक नहीं होती उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा.












