अब्दुल्लाह परिवार में कलह, ट्विटर पर ज़ुबानी जंग

उमर अब्दुल्लाह
इमेज कैप्शन, उमर अबदुल्लाह ने ट्वीटर पर कमाल मुस्तफ़ा के खिलाफ़ टिप्पणी की है

भारत प्रशासित कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह के घर में राजनीतिक मुद्दों को लेकर पारिवारिक कलह शुरू हो गया है.

ताज़ा विवाद उमर अब्दुल्लाह के चाचा डॉ मुस्तफ़ा कमाल द्वारा सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर गई उस टिप्पणी के कारण हुआ है, जिसमें उन्होंने दोबारा कहा है कि कश्मीरियों का दुश्मन पाकिस्तान नहीं, बल्कि भारत सरकार है.

डॉ कमाल का ये ट्वीट उमर अब्दुल्लाह़ के उस ट्वीट के जवाब में आया था जिसमें उमर ने कहा था कि उनकी मुश्किलें बढ़ाने के लिए घर के भीतर ही इतने लोग हैं कि उन्हें बाहर से विरोधियों की ज़रूरत नहीं है.

इसके जवाब में डॉ कमाल ने कहा कि वे सच को सच बोलना नहीं छोड़ेंगे.

बीबीसी से फोन पर बातचीत करते हुए डॉ कमाल ने कहा, ''सच्चाई एक परमाणु बम की तरह है और मैं उसका इस्तेमाल करता रहूंगा. कांग्रेस पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के कारण सत्ता में है. मैं किसी का दुश्मन नहीं हूं.''

विरोध

डॉ मुस्तफा कमाल कश्मीर पर भारत की नीति का विरोध करते रहे हैं.

सोमवार रात को अपने ट्वीट में उमर अब्दुल्लाह ने लिखा था, ''कहा जाता है कि हमें जानवरों और बच्चों के साथ काम नहीं करना चाहिए. मुझे लगता है कि हमें अपने कुछ रिश्तेदारों को भी इस सूची में शामिल कर लेना चाहिए.''

डॉ कमाल की गिनती नेशनल कॉन्फ्रेंस के उन नेताओं में की जाती है जिनका रुख़ काफी कड़ा है.

साल 2009 में जब से नेशनल कॉफ्रेंस और घाटी की कांग्रेस पार्टी ने मिलकर सरकार बनाई है, तभी से डॉ कमाल अपने बयानों से सुर्खि़यों में रहे हैं.

उन्होंने साल 1947 में जम्मू-कश्मीर और भारत के विलय की वैधता पर भी सवाल खड़े किए हैं.

पिछले साल 6 दिसंबर को नेशनल कॉफ्रेंस के अध्यक्ष फारुख़ अब्दुल्लाह ने भी अपने पिता शेख अब्दुल्लाह की पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में अपने भाई डॉ कमाल को कांग्रेस पार्टी के खिलाफ़ वक्तव्य देने पर कड़ी फटकार लगाई थी.

इससे पहले जब नेशनल कॉफ्रेंस की सहयोगी कांग्रेस पार्टी ने डॉ कमाल के बयानों पर ऐतराज़ ज़ाहिर किया था तब फारुख़ अब्दुल्लाह ने उन्हें पार्टी के प्रवक्ता पद से हटा दिया था.

उमर अबदुल्लाह ने बाद में एक युवा बिज़नेस ग्रेजुएट तनवीर सादिक़ को पार्टी का प्रवक्ता नियुक्त किया था.

फारुख़ अब्दुल्लाह और उनके बेटे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह़ लगातार डॉ कमाल के अलगाववादी बयानों से खुद को अलग करते रहे हैं.

और अब पार्टी संगठन के भीतर ही अब्दुल्लाह विरोधी गतिविधियों से निपटने की योजना बना रही है.