नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के संबंध बहाल

भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त आज गुजरात में नरेन्द्र मोदी से ख़ास मुलाक़ात कर दस साल बाद संबंध पुन: जोड़ रहे हैं.
ब्रिटेन ने साल 2002 के दंगों के बाद नरेन्द्र मोदी के गुजरात से अपना नाता तोड़ लिया था.
साल 2002 में मुसलमान विरोधी दंगों में करीब 1000 लोग मारे गए थे. मरने वालों में ज़्यादातर <link type="page"> <caption> मुसलमान</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/10/121014_modi_muslims_vote_fma.shtml" platform="highweb"/> </link> थे उनमें से तीन ब्रितानी थे.
यूरोप के अन्य देशों के साथ ब्रिटेन ने भी गुजरात में हुए 2002 के दंगों में मुख्यमंत्री के तौर पर नरेन्द्र मोदी की भूमिका पर नकारात्मक टिप्पणी की थी.
नरेन्द्र मोदी दंगों में अपनी भूमिका पर हर तरह के <link type="page"> <caption> आरोप से इनकार</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/08/120830_modi_apology_psa.shtml" platform="highweb"/> </link> करते आए हैं.
भारत के सबसे विवादास्पद राजनेताओं में से एक नरेन्द्र मोदी को दंगों के बाद कई जांचों में राहत मिली है.
भविष्य पर निगाह
<link type="page"> <caption> नरेन्द्र मोदी </caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/10/121012_modi_personality_sm.shtml" platform="highweb"/> </link> को बहुत से लोग भविष्य के प्रधानमंत्री के रूप में देखते हैं. नरेन्द्र मोदी के समर्थक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके अच्छे काम काज का उदहारण देते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च पद के लिए सबसे योग्य नेता के रूप में पेश करते हैं.
ब्रिटेन का दंगों के बाद से ही गुजरात की राज्य सरकार के साथ कोई आधिकारिक संबंध नहीं था क्योंकि राज्य सरकार के ऊपर यह आरोप थे कि उसने मुसलमानों के खिलाफ दंगों को होने दिया.
ब्रिटेन में गुजराती मूल के लोगों की बड़ी संख्या है और अब ब्रितानी सरकार का कहना है कि ब्रितानी हितों को गुजरात सरकार से संबंध बना कर अधिक बेहतर ढंग से साधा जा सकता है.
कई मानवाधिकार संगठनों ने और दंगों में मारे गरे ब्रितानी नागरिकों के परिवार वालों ने ब्रितानी सरकार के इस फैसले की निंदा की है.












