
राज ठाकरे के बयान पर नीतीश के तेवर कड़े.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहारियों के बारे में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे के ताजा बयान पर गहरी नाराजगी जताई है.
उन्होंने राज ठाकरे को 'सिरफिरा' बताते हुए कहा है कि ऐसे किसी 'ऐरे गैरे' की बंदरघुड़की से बिहार में कोई डरने वाला नहीं है.
पटना में पत्रकारों से बातचीत में नीतीश ने यहां तक कह दिया कि लगता है महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने शासन को आउटसोर्स कर दिया है.
राज ठाकरे ने हाल ही में कहा कि वो महाराष्ट्र में रहने वाले बिहारियों को घुसपैठिया कहेंगे और उन्हें वहां से भगाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार से आए लोगों की वजह से महाराष्ट्र में अपराध बढ़ रहा है.
यही नहीं, रविवार को ठाकरे ने एक कदम आगे बढ़ते हुए यहां तक कह दिया कि वो महाराष्ट्र में हिंदी चैनलों को बंद करा देंगे.
महाराष्ट्र सरकार पर सवाल
"आप एक सिरफिरे व्यक्ति की बात कर रहे हैं, जो खबरों में बने रहने के लिए इस तरह का बयान देता है. ऐसी बंदरघुड़की से बिहार में कोई डरने वाला नहीं है."
नीतीश कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार ने पत्रकारों से कहा, ''आप एक सिरफिरे व्यक्ति की बात कर रहे हैं, जो खबरों में बने रहने के लिए इस तरह का बयान देता है. ऐसी बंदरघुड़की से बिहार में कोई डरने वाला नहीं है. इन लोगों की आदत है. चार लोगों को पीट कर वीडियो बनाता है और मीडिया वाले को बताकर उसे खूब प्रचारित करवाता है. ऐसे तत्वों से जो सरकार नहीं निबट सकती है, वो आतंकवाद से क्या निबटेगी?''
इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए महाराष्ट्र सरकार की मंशा और शासकीय क्षमता पर और भी गंभीर सवाल उठाए.
उन्होंने कहा, ''किसी सनकी को हमारे डीजीपी ने चिट्ठी नहीं लिखी है. वहां के पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी भेजी गई है. महाराष्ट्र की सरकार ने अपने गवर्नेंस को आउटसोर्स कर दिया होगा, हमने ऐसा नहीं किया है. शर्म की बात है कि कोई ऐरा-गैरा आदमी वहां की पुलिस और वहां की सरकार की ओर से बोल रहा है. कानून के मुताबिक चलिए और हमसे कोई आपत्ति है तो वहां की पुलिस हमारी पुलिस से और वहां की सरकार हमारी सरकार से बात करे.''
पिछले दिनों मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस को जानकारी दिए बिना एक युवक को राज्य के सीतामढ़ी जिले से उठा लिया था जिस पर मुंबई में 11 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान एक शहीद स्मारक को नुकसान पहुंचाने का आरोप है.
देर से दिया बयान
इस मामले पर नाराजगी जताते हुए बिहार सरकार ने मुंबई पुलिस को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी.

राज ठाकरे के बयान की चौतरफा आलोचना हो रही है.
इसी बात पर भड़के राज ठाकरे ने कहा कि मुंबई पुलिस पर अगर कोई कार्रवाई हुई तो महाराष्ट्र में बिहारियों को भी घुसपैठिया मान कर मुंबई से खदेड़ दिया जाएगा.
रविवार को नीतीश कुमार की ये प्रतिक्रिया तब आई है, जब राज्य के विपक्षी दलों ने उन पर एक खास कारण से राज ठाकरे के खिलाफ कुछ नहीं बोलने का आरोप लगाना शुरू कर दिया था.
कहा जाने लगा कि मुंबई में 'बिहार दिवस' के आयोजन के समय एमएनएस की धमकी के आगे झुक कर नीतीश कुमार ने वहां कार्यक्रम के आयोजन की सहमति राज ठाकरे से प्राप्त की थी.
इसी लांछन को दूर करने और देश भर में राज ठाकरे के खिलाफ जताए जा रहे रोष को देख समझ कर नीतीश कुमार ने देर से ही सही, लेकिन बेहद तीखे तेवर दिखाए हैं.









