
लोगों के फ़ोनों की घंटियाँ रात भर घनघनाती रहीं
दक्षिण भारत में अफवाह के चलते हज़ारों के पलायान के बाद कल रात भूकंप के आने की अफवाह ने राजस्थान के शेखावटी इलाके में हज़ारों लोगों को घरों से निकल सड़कों पर रात बिताने को मजबूर कर दिया.
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के लिए ये रतजगा था. रात ढली और लोग सड़को पर आने लगे. किसी भूकंप जैसी अनहोनी की आशंका ने हजारों लोगों को घरों से बाहर निकाल दिया.
स्थानीय लोग कहते है मोबाइल पर घंटिया घनघनाती रहीं. लेकिन अफवाह फ़ैलाने वालो का कोई सुराग नहीं लगा.
ये कहा गया कि आधी रात बाद तीन से भोर के पांच बजे के बीच भूकंप आएगा. समय बीता तो पता चला कि वो महज अफवाह थी.
निष्क्रिय प्रशासन
क्लिक करें अफवाह के पैर बहुत तेज थे.
वो गाँव कस्बों तक फैली. इसमें तकनीक ने भी काम किया. हमें भी सीकर से अशफाक कायमखानी और भागीरथ गोदारा जैसे जागरूक नागरिको के फोन आने लगे कि कोई इस अफवाह का निर्मूलन नहीं कर रहा है.
सीकर शेखावाटी का सबसे बड़ा शहर है. सीकर में लोग एक दूसरे के घरों पर दस्तक देकर जान की हिफाजत का हवाला देते और कहते जान बचानी है तो घरों से बाहर निकलो.
हजारों लोग सड़कों पर थे. पर प्रशासन का कोई नुमाइन्दा इस अफवाह का प्रतिवाद करने नहीं निकला.
औरत मर्द और क्या बच्चे, सब की आँखों में एक अज्ञात भय उतरा हुआ था. सीकर के भागीरथ गोदारा ने यूँ मंजर किया तो लगा गणेश जी को दूध पिलाने की घटना का दोहराव हो रहा है.
इस क्षेत्र में तीन दिन से भारी बारिश के सब नुकसान हुआ है और बचाव में सेना की मदद लेनी पड़ी है.
शेखावाटी के सीकर जैसे बड़े शहरो, छोटे कस्बों और गाँव देहातो में सरकारी अमला भी है. मगर स्थानीय लोग कहते है किसी सरकारी प्रतिनिधी ने इन अफवाहों के पाँव रोकने के लिए अपने कदम नहीं बढ़ाये.
निजी कोशिशें
हाँ सीकर में एक हिंदी दैनिक का एक फोटो पत्रकार भोर में निकला और घूम घूम कर लोगो को बताता रहा कि कही कोई अनहोनी नहीं है ये महज अफवाह है. पर लोग पूछ रहे है इन अफवाहों के बीच सरकारी अमला कहाँ था.
अफवाहों की इस क्लिक करें बाढ़ ने सीकर, झुंझनु ,लाडनू , मंडवा, लक्ष्मणगढ़ , फतेहपुर जैसे कस्बों में भी लोगो को रात भर जगाये रखा.









