
अधिकांशत: रेगिस्तानी राजस्थान मे वर्षा जनित हादसों में मरने वालो की तादाद 33 हो गई है. इस बीच राज्य सरकार ने जयपुर और सीकर जिले में बाढ़ जैसे हालात से निबटने के लिए सेना की मदद ली है.
सेना की एक टुकड़ी ने जयुपर में पानी से घिरी बस्तियों से पानी की निकासी की है.
फौज के जवान सीकर के लक्ष्मणगढ़ में भी बचाव में लगे है. मौसम विभाग ने अब कोई ताजा भारी वर्षा की चेतावनी जारी नहीं की है. इससे लोगो ने राहत की साँस ली है.
सरकारी सूत्रों ने बताया कि ये मौतें राज्य के 12 जिलो पिछले दो दिनों में हुई भारी बारिश का नतीजा हैं.
इनमे 23 लोगो की जान जगह जगह भरे पानी ने ले ली. अकेले जयपुर जिले में ही दस मौते हुई है. इन मौतों में मकान ढ़हने और बिजली से मरने वालों की संख्या भी शामिल है.
राज्य सरकार ने भारी बारिश से प्रभावित ज़िलों के लिए ढाई करोड़ की सहायता राशि जारी की है.
सेना की कार्रवाई
सेना ने रेगिस्तानी क्षेत्र के सीकर जिले में भी पानी से घिरे लोगो की मदद की है. सेना के एक प्रवक्ता ने बताया की सेना के जवान मिट्टी से भरे कोई 10000 बैग और जल निकासी के पंप लेकर इन प्रभावित इलाको में लोगो को मदद करते रहे.
मुख्य मंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को हालात की समीक्षा की और राहत के काम में तेजी लाने की हिदायत दी. गहलोत ने वर्षा हादसों में मरने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रूपये की सहायता देने का निर्देश दिया है.
भौगोलिक आधार पर भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान में अभी कुछ समय पहले ही लोग सूखे को लेकर आशंकित थे और बरसात के लिए दुआ कर रहे थे. अब वो आसमान में घने बादलो का बसेरा देख कर सहम जाते है. और लोग अब वर्षा रोकने के लिए दुआ कर रहे हैं.









