मंदिर में मची भगदड़ में नौ की मौत

भगदड़ (फ़ाइल फ़ोटो)
इमेज कैप्शन, भारत में मंदिरों में भगदड़ आम बात हो गई है

बिहार के बांका जिल़े के एक मंदिर में मची भगदड़ में नौ लोगों की मौत हो गई और अन्य अनेक लोग घायल हो गए हैं. मृतकों में चार महिलाएँ शामिल हैं.

राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने मीडिया को बताया कि तिलडीहा गांव स्थित इस मंदिर में बकरे की बलि के अवसर पर भारी संख्या में लोग इकट्ठे थे और इस दौरान भगदड़ मच जाने से नौ लोगों की मौत हो गई और अन्य अनेक लोग घायल हो गए.

घायलों का उपचार बांका के ज़िला अस्पताल में चल रहा है.

प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.

त्योहारों और विशेष आयोजनों के मौकों पर धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की भीड़ भारत में आम बात है लेकिन कई बार भगदड़ मचने से रंग में भंग हो जाता है.

इस साल मार्च में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में कृपालु महाराज के आश्रम में मची भगदड़ में 60 लोगों की जान चली गई थी.

जनवरी में कोलकाता के पास गंगासागर मेले में मची भगदड़ में सात तीर्थयात्री मारे गए थे.

लेकिन वर्ष 2008 भगदड़ की दो बड़ी दुर्घटनाएँ हुईं थीं.

इस साल राजस्थान के चामुंडा मंदिर में मची भगदड़ में 224 लोगों की मौत हो गई थी और 2008 में ही हिमाचल प्रदेश के नैना देवी मंदिर में मची भगदड़ में 145 लोगों की मौत हो गई थी.