कर्नाटक: सिद्धारमैया सरकार की पांच गारंटी पर 'मुहर', राहुल गांधी बोले- झूठे वादे नहीं करते

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- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी की सरकार ने कैबिनेट की पहली बैठक में चुनाव के दौरान की पांच गारंटी को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है.
राज्य में भाजपा को हराने में कांग्रेस के इन वादों ने अहम भूमिका निभाई है.
कांग्रेस ने इन पांच वादों की घोषणा चुनावी आचार संहिता लागू होने और मैनिफेस्टो जारी करने से काफ़ी पहले कर दी थी.
कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार इन वादों को दोहराया था.

क्या हैं ये वादे-
गृहलक्ष्मी- घर की महिला प्रमुख को 2000 रुपये
गृह ज्योति- बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार को 200 यूनिट तक बिजली मुफ़्त
अन्न भाग्य- बीपीएल परिवार को 10 किलोग्राम चावल
शक्ति- महिलाओं के लिए मुफ़्त बस सेवा
युवा निधि- बेरोजगार ग्रेजुएट को दो साल तक 3,000 रुपये प्रति महीना और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों को 1,500 रुपये प्रति महीना

कैबिनेट की बैठक के ठीक बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पत्रकारों से कहा, "वादे के मुताबिक हमने पांच गारंटी के लिए फंड दिए जाने को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी है. आज इसे लेकर आदेश भी जारी कर दिया जाएगा. इसे इसी वित्तीय वर्ष से लागू किया जाएगा."
"इस पर कुल अतिरिक्त खर्च करीब 50 हज़ार करोड़ रुपये आएगा. अगले हफ़्ते की कैबिनेट मीटिंग में ख़र्च के ब्योरे का खाका तैयार होगा."
बीजेपी का कहना है कि इन पांच गारंटियों को लागू करने से राज्य पर कर्ज का बोझ हो जाएगा.

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मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस बयान के लिए बीजेपी पर पलटवार किया.
उन्होंने कहा, "मुझे भरोसा है कि राज्य पर कर्ज का बोझ लादे बिना हम इन पांच गारंटियों को लागू करेंगे. मुझे नहीं लगता कि हमारी सरकार के लिए हर साल 50 हज़ार करोड़ रुपये जुटाना नामुमकिन होगा."
सिद्धारमैया ने प्रदेश की पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार को 'गैरज़िम्मेदार' बताया. उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी आलोचना की.
15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के मुताबिक कर्नाटक को उसके हक़ का हिस्सा नहीं दिया गया
सिद्धारमैया ने कहा, "कैबिनेट की अगली बैठक में वित्तीय असर पर चर्चा होगी लेकिन जो भी नतीजा आए, हम इस लागत पर वापस नहीं जाएंगे. मैंने अधिकारियों से कहा है कि वो इंदिरा कैंटीन (शहरी गरीबों के लिए योजना) की समीक्षा करें."

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विमर्श विमर्श के बाद लिया फैसला
सिद्धारमैया ने शपथ ग्रहण समारोह में जाने से पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) आईएसएन प्रसाद, सचिव (वित्त) जाफर पीसी से विचार विमर्श किया.
अधिकारियों को आम तौर पर कैबिनेट नोट तैयार करने के लिए कहा जाता है.
2013 में कैबिनेट गठन से पहले ही सिद्धारमैया ने 'अन्न भाग्य योजना' और इसी तरह की अन्य योजना के लिए 4,410 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने को मंजूरी दी थी.
सिद्धारमैया का बीजेपी पर हमला
सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य का बजट 310 लाख करोड़ रुपये था. समय के साथ हर साल बजट में 10 प्रतिशत की वृद्धि होती है. इसके साथ ही सख्त टैक्स कलेक्शन से राज्य का रेवेन्यू बढ़ेगा और कुछ विभागों के टारगेट बढ़ाए जाएंगे.
15वें वित्त आयोग के अनुसार राज्य को एक लाख करोड़ रुपये मिलने चाहिए थे लेकिन भाजपा सरकार इतनी 'नासमझ और गैर जिम्मेदार' थी कि उसने उस राशि को लेने की जहमत ही नहीं उठाई.

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उन्होंने कहा, "इतना ही नहीं 15वें वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट में 5 हजार 495 करोड़ रुपये की सिफारिश की गई थी. उसे भी भाजपा सरकार ने नहीं मांगा और इस आंकड़े को कर्नाटक से राज्यसभा सांसद और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हटा दिया."
"उनके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से हमारे राज्य को नुकसान हुआ है."
"वित्त आयोग ने जिस पैसे को देने की सिफारिश की थी उसे जमा करने का काम राज्य करता है. यह वह पैसा था जिसे राज्य को वापस करने की जरूरत है."
उन्होंने कहा, "हम अलग अलग टैक्स की मदद से चार लाख करोड़ रुपये जमा कर केंद्र को देते हैं और उसमें ये यह पैसा हमें वित्त आयोग की तरफ से मिलना चाहिए था."
सिद्धारमैया ने पत्रकारों को बताया कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत से गुजारिश की जाएगी कि वो अगले हफ़्ते तीन दिन के लिए विधानसभा का सत्र बुलाएं ताकि नए सदस्य शपथ ले सकें और स्पीकर का चुनाव हो सके.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरवी देशपांडे प्रोटेम स्पीकर होंगे. वो नौ बार के विधायक हैं.

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राहुल गांधी ने क्या कहा?
कैबिनेट के औपचारिक तौर पर इन गारंटी को मंजूरी देने का एक संकेत राहुल गांधी के कांतिरावा स्टेडियम में दिए भाषण से भी मिला था.
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आए विभिन्न दलों के नेताओं और कांग्रेस के मुख्यमंत्री के मंच से जाने के बाद राहुल गांधी ने यहां लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ''आपने अपना प्यार और अपनी शक्ति कांग्रेस पार्टी को दी, हम इस बात को कभी नहीं भूलेंगे. ये सरकार दिल से आपके लिए काम करेगी. हम झूठे वादे नहीं करते. हम वादे पूरे करेंगे.''
राहुल ने कहा, "पिछले पांच सालों में आपने कौन सी मुश्किलें सहन कीं, वो आप और हम जानते हैं. मीडिया में बहुत लिखा गया, कि ये चुनाव कांग्रेस पार्टी क्यों जीती. अलग अलग विश्लेषण हुआ, अलग अलग थ्योरी चली."

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, " हमारे साथ सच और ग़रीब थे. बीजेपी के पास पैसे, पावर, पुलिस और बाकी सब कुछ था. कर्नाटक के लोगों ने उन्हें रोक दिया. आपने उनके भ्रष्टाचार को हराया."
"आपने नफरत को हराया. नफरत हार गई. प्यार जीत गया. नफरत के बाज़ार में कर्नाटक के लोगों ने प्यार की दुकान खोल दी."
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का मक़सद किसानों और युवाओं को उनके पैरों पर खड़ा करने का है.
उन्होंने कहा, "हम भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देंगे."

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मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार 'प्यार के साथ' सभी वर्गों के लोगों को साथ लाएगी.
हम बीजेपी की तरह नहीं हैं. बीजेपी कहती कुछ है और करती कुछ और है. हमने जो वादे किए हैं, उन सभी को पूरा करेंगे.
2000 रुपये के नोट को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "वो जब भी जापान जाते हैं, इसी तरह की घोषणा करते हैं."
"पिछली बार जब वो जापान गए थे एक हज़ार रुपये के नोट हटाए गए थे. इस बार ये 2000 का नोट है. वो जो कुछ करते हैं उससे हमारे देश के लोगों को परेशानी होती है. "
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