कर्नाटक में बंपर जीत के बावजूद बड़ी 'दुविधा' में फंसी कांग्रेस- प्रेस रिव्यू

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इमेज कैप्शन, डीके शिवकुमार (बाएं) और सिद्धारमैया (दाएं) दोनों ही सीएम पद के लिए अड़े दिख रहे हैं

कर्नाटक विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस पार्टी अब एक बड़े असमंजस में दिख रही है. ये दुविधा है राज्य के मुख्यमंत्री पद के नाम को चुनने की जिसपर रविवार को हुई विधायक दल की बैठक में भी कोई फ़ैसला नहीं हो पाया.

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार और पूर्व सीएम सिद्धारमैया सीएम पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं.

कर्नाटक में कांग्रेस की हर गतिविधि फ़िलहाल अख़बारों में छाई हुई है. पार्टी की इसी दुविधा की अंग्रेज़ी अख़बार द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने अपने पहले पन्ने पर जगह दी है. प्रेस रिव्यू में सबसे पहले यही ख़बर.

अख़बार ने लिखा है कि शनिवार को कर्नाटक में मिली बड़ी जीत के 24 घंटे गुज़र जाने के बाद पार्टी ने रविवार को विधायक दल की बैठक बुलाई. लेकिन किसी नाम पर सहमति नहीं बन पाने की वजह से अब सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार में से किसी एक को सीएम पोस्ट के लिए चुनने का काम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को दिया गया है.

ख़बर के अनुसार, रविवार शाम को साढ़े छह बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू हो चुकी थी, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार इस बैठक में सवा सात बजे पहुँचे, वो भी राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे के फ़ोन करने के बाद.

अख़बार कहता है कि फ़िलहाल डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया दोनों की ओर से ही पीछे हटने के कोई संकेत नहीं मिले हैं. बल्कि बैठक के दौरान दोनों के समर्थकों की नारेबाज़ी जारी रही.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि सोमवार तक विधायकों से उनकी राय जानी जाएगी और इसके बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों नेता राहुल गांधी से मिलने दिल्ली पहुँचेंगे.

ख़ास बात ये भी है कि सीएम पद के लिए कोई नाम तय हुए बग़ैर ही पार्टी ने शपथग्रहण की तारीख़ तय कर दी है. कर्नाटक के नए सीएम का शपथग्रहण समारोह 18 मई यानी गुरुवार को होना है.

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया

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सीएम पद के लिए दोनों नेताओं की दावेदारी

सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों ही नेता और उनके समर्थक लगातार दावेदारी मज़बूत करने में जुटे हैं.

एक ओर कुरुबारा संघ के सदस्यों ने सिद्धारमैया को सीएम बनाने की माँग रखने के लिए बैठक आयोजित की तो वहीं, वोक्कालिगा समुदाय के बीच प्रभाव रखने वाले आदिचंचनागिरि मठ के स्वामी श्री निर्मलानंदाता ने डीके शिवकुमार को सीएम पद दिए जाने का समर्थन किया.

डीके शिवकुमार ने कई मंदिरों और मठ का दौरा किया और अपने समर्थकों के साथ रणनीतिक वार्ताएं भी कीं. नोनाविनकेरे मठ का दौरा करने के बाद उन्होंने कहा, "मैंने पार्टी की ख़ातिर जेल की सज़ा के साथ ही कई प्रताड़नाएं झेली हैं. जब सिद्धारमैया को सीएम का पद (2013 में) दिया गया तो मैं शांत था. अब न्याय का समय आ गया है."

दूसरी ओर सिद्धारमैया ने ख़ुद बहुत कुछ नहीं कहा, लेकिन उन्होंने अपने नाम की पैरवी का ज़िम्मा समर्थकों पर ज़रूर छोड़ दिया है.

कर्नाटक के पूर्व मंत्री बसवराज रेयारेड्डी ने कहा, "एक स्थिर सरकार सबसे ज़रूरी है. पाँच साल के लिए केवल एक सीएम बनाना बेहतर होगा. सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों ही योग्य हैं. शिवकुमार ने पार्टी को बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है, लेकिन सिद्धारमैया लोगों के बीच प्रचलित हैं. अगर आप मुझसे पूछें तो सिद्धारमैया को पाँच साल के लिए सीएम बनाना चाहिए, लेकिन ये फ़ैसला हाई कमान के ऊपर है."

सिद्धारमैया के समर्थकों का दावा है कि विधानसभा चुनाव में जीतने वाले कांग्रेस के 136 विधायकों में से 70 फ़ीसदी सिद्धारमैया को सीएम बनाने के पक्ष में हैं. वहीं, शिवकुमार के समर्थक भी कुछ ऐसा ही दावा कर रहे हैं.

निर्मलानंदाता स्वामी कहते हैं, "किसी भी पैमाने से शिवकुमार सीएम बनने के योग्य हैं. उन्होंने पार्टी के लिए कड़ी मेहनत की, इसका उन्हें इनाम मिलना चाहिए. आमतौर पर कोई पार्टी चुनाव जीतती है तो उसके प्रदेशाध्यक्ष को ही पद दिया जाता है. मैं उम्मीद करता हूं कि मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी शिवकुमार के साथ न्याय करेंगे."

ख़बर के अनुसार, डीके शिवकुमार के धड़े का कहना है कि उनके नेता को वोक्कालिगा और लिंगायत जैसे दोनों बड़े समुदायों से आने वाले विधायकों का समर्थन है. कर्नाटक में कांग्रेस के 37 लिंगायत और 29 वोक्कालिगा समुदाय से विधायक हैं.

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केरल में बिहार के व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या का शक़, आठ गिरफ़्तार

केरल पुलिस ने चोरी के शक़ में बिहार के एक व्यक्ति की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या किए जाने के सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया है.

अंग्रेज़ी अख़बार 'द इंडियन एक्सप्रेस' की ख़बर के अनुसार, पुलिस ने बताया कि कोंडोट्टी के पास एक मकान के 'सनशेड' (छप्पर) से राजेश मांझी नाम का शख़्स गिरा. इसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे पीट-पीटकर मार दिया.

पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों ने दावा किया कि ये शख़्स शनिवार देर रात साढ़े 12 बजे छप्पर से गिरा और लोगों ने उसे पकड़ लिया. इसके बाद लोगों ने शख़्स को बांधा और पीटना शुरू कर दिया.

पुलिस ने वहाँ रहने वाले 8 लोगों को लिंचिंग के मामले में गिरफ़्तार किया है.

मल्लपुरम पुलिस प्रमुख सुजीत दास ने मीडिया को बताया कि पीड़ित के साथ मारपीट का सबूत है.

उन्होंने कहा, "अभियुक्तों ने सबूत नष्ट करने की कोशिश की. उन्होंने सीसीटीवी फ़ुटेज डिलीट करने की कोशिश की. हम सबकुछ रिकवर कर रहे हैं. फ़िलहाल, आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और एक शख़्स को सबूत नष्ट करने की कोशिश के आरोप में हिरासत में लिया गया है."

सुजीत दास ने ये भी कहा कि शुरुआती जाँच में पाया गया है कि पीड़ित चोरी करने के इरादे से ही उस इलाके में आया था.

इस मामले की जाँच के लिए एक स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है.

पुलिस ने बताया कि बिहार निवासी पीड़ित अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुके थे. सभी अभियुक्तों ने पीड़ित को प्लास्टिक के पाइप और डंडों से पीटा. पोस्टमॉर्टम के बाद पीड़ित का शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया है.

हिंसक झड़प के बाद अकोला में धारा 144 लागू

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महाराष्ट्र: अकोला में 'द केरला स्टोरी' फ़िल्म पर विवाद, एक की मौत

महाराष्ट्र के अकोला में शनिवार रात सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दो समुदायों के बीच हुई झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई.

अंग्रेज़ी अख़बार 'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' की ख़बर में दावा किया गया है कि ये तनाव फ़िल्म 'द केरला स्टोरी' पर किए गए एक पोस्ट के बाद फैला.

तनाव के मद्देनज़र संवेदनशील इलाकों में रविवार दोपहर से 36 घंटे के लिए इंटरनेट सस्पेंड कर दिया गया है और कर्फ़्यू लगाया गया है.

कहा जा रहा है कि इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर एक पोस्ट किया गया जिसमें कहा गया कि फ़िल्म में पैग़ंबर का अपमान किया गया है. इसके बाद दो समुदायों के बीच पत्थरबाज़ी हुई, जिसमें विलास गायकवाड़ नाम के एक 40 वर्षीय इलेक्ट्रिशियन की मौत हो गई.

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय की ओर से बताया गया कि इस मामले में अब तक 30 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. स्थिति अब नियंत्रण में है और फडणवीस, जिनके पास गृह विभाग भी है, वो डीजीपी से लगातार संपर्क में हैं.

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