शरद पवार ने अतीक़ अहमद हत्याकांड पर योगी सरकार को घेरा, कही ये बात: प्रेस रिव्यू

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने बीते मंगलवार मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नाम लिए बग़ैर बीजेपी नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना की है.

इस कार्यक्रम में शरद पवार के भतीजे और एनसीपी नेता अजीत पवार भी मौजूद थे, जिनके पिछले कुछ दिनों से बीजेपी में शामिल होने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं.

अंग्रेजी अख़बार द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, शरद पवार ने कहा है कि अगर सत्ता में मौजूद ताक़तें क़ानून का उल्लंघन करने की आदत डालेंगी तो ये देश को ग़लत रास्ते पर ले जाएगा.

उन्होंने कहा, "कोई भी देश अपने संविधान और क़ानूनों के तहत चलता है. अगर सत्ता में मौजूद ताक़तें संविधान और क़ानून को नज़रअंदाज़ करते हुए कदम उठाने की आदत डाल लेंगी तो हम सभी ग़लत रास्ते पर जाएंगे. अगर क़ानून हाथ में लेने की बात इस तरह खुलकर की जाएगी और ऐसा अराजकता भरा माहौल बनाने की कोशिश की जाएगी तो इससे देश को नुक़सान होगा."

अख़बार के मुताबिक़, पवार अपने इस बयान के ज़रिए अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ अहमद की हत्या की ओर इशारा कर रहे थे.

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ज़िले में बीते शनिवार स्थानीय अस्पताल के बाहर अतीक़ अहमद और अशरफ़ अहमद की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस और राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

हिंदी अख़बार जनसत्ता ने इस मामले पर प्रकाशित अपनी ख़बर में बताया है कि सुप्रीम कोर्ट 24 अप्रैल को अतीक़ और अशरफ की हत्या के मामले में स्वतंत्र जांच की मांग कर रही याचिका पर सुनवाई करेगी.

अख़बार लिखता है कि याचिका दायर करने वाले वकील विशाल तिवारी की दलील सुनने के बाद सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली बेंच ने इस याचिका की तत्काल सुनवाई की बात पर सहमति जताई.

याचिका में अतीक़ और अशरफ हत्याकांड की जांच के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति के गठन की गुहार लगाई गई है. साथ ही 2017 के बाद से प्रदेश में हुए 183 एनकाउंटरों की जांच का भी अनुरोध किया गया है.

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समलैंगिक विवाह पर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने बीते मंगलवार समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता देने पर विचार करने के लिए दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए एक अहम टिप्पणी की है.

अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह पर्सनल लॉ के क्षेत्र में जाए बिना देखेगा कि क्या साल 1954 में आए विशेष विवाह क़ानून के तहत अधिकार दिए जा सकते हैं.

इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी की है.

सुनवाई के दौरान दलील दी गयी कि क़ानूनी दृष्टि में शादी का अर्थ एक बायोलॉजिकल पुरुष और बायोलॉजिकल महिला के बीच रिश्ता रहा है.

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महिला और पुरुष में भेद करने की कोई पुख़्ता अवधारणा नहीं है.

फ़ॉक्सकॉन चेन्नई स्थित आफ़ोन प्लांट का विस्तार करेगा

आईफ़ोन बनाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन चेन्नई स्थित अपने प्लांट को आने वाले समय में विस्तार दे सकती है.

अंग्रेजी अख़बार इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, फ़ॉक्सकॉन अपने चेन्नई स्थित मैनुफैक्चरिंग प्लांट को विस्तार देते हुए दो नई इमारतें खड़ी कर सकती है.

इसके साथ ही फ़ॉक्सकॉन बेंगलुरु के व्हाइटफ़ील्ड इलाक़े में एक रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भी खोल सकती है.

बता दें कि फ़ॉक्सकॉन के अध्यक्ष यंग लियु पिछले महीने ही एक साल के अंदर दूसरी बार भारत पहुंचे थे जिस दौरान उन्होंने भारत में निवेश बढ़ाने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की थी.

कांग्रेस ने पुलवामा हमले पर मांगा व्हाइट पेपर

कांग्रेस ने बीते मंगलवार पुलवामा हमले को लेकर छिड़े नए विवाद पर केंद्र सरकार से व्हाइट पेपर लाने की मांग की है.

अंग्रेजी अख़बार द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि सरकार इस मामले पर एक व्हाइट पेपर लाकर बताए कि जवानों को एयरलिफ़्ट क्यों नहीं किया गया.

कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने कहा है कि साल 2019 में उनकी पार्टी ने किसी तरह का राजनीतिक बयान नहीं दिया था. लेकिन अब जब पूर्व सेनाध्यक्ष शंकर रॉयचौधरी ने चिंता व्यक्त की है तो वह ये मुद्दा उठा रहे हैं.

कांग्रेस से जुड़े पूर्व कर्नल चौधरी और पूर्व विंग कमांडर अनुमा आचार्य ने कहा है कि रक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ-साथ पूरा देश जनरल रॉयचौधरी और जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की चिंताओं को समझता है.

कर्नल चौधरी ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से सवाल किया है कि वह ये बताए कि ढाई हज़ार सीआरपीएफ़ जवानों को हवाई रास्ते से लेकर क्यों नहीं जाया गया जबकि इसकी गुज़ारिश की गयी थी. इसके साथ ही साल 2019 में दो जनवरी से 13 फरवरी के बीच आतंकी हमले की चेतावनी देने वाले इंटेलिजेंस इनपुट्स को दरकिनार क्यों किया गया."

बता दें कि जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अपने हालिया इंटरव्यू में इस मामले पर केंद्र सरकार को घेरा है. इसके बाद जनरल शंकर रॉयचौधरी ने भी अहम टिप्पणियां की हैं.

आवारा कुत्तों पर सख़्त हुई केंद्र सरकार, जारी किया ये आदेश

पिछले कुछ समय में आवारा कुत्तों की ओर से बच्चों और वृद्ध नागरिकों पर हमला करने की ख़बरें आने के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से कहा है कि वे पिछले महीने अधिसूचित किए गए एनिमल बर्थ कंट्रोल एक्ट को प्रभावी ढंग से लागू करे.

अंग्रेजी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और नगरपालिकाओं से एंटी-रेबीज़ कार्यक्रम को भी प्रभावशाली ढंग से चलाने की बात कही है.

बता दें कि हाल ही में अलीगढ़ में छह-सात आवारा कुत्तों ने एक वृद्ध शख़्स को जान से मार दिया है. इससे पहले मार्च में आई एक ख़बर के मुताबिक़, दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में आवारा कुत्तों ने एक ही परिवार के दो बच्चों को दो दिन के अंतराल में जान से मार दिया था.

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