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अतीक़ अहमद हत्याकांड: 22 सेकेंड तक चली गोलियां, पुलिस ने क्यों नहीं किया पलटवार -प्रेस रिव्यू
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ज़िले में बीते शनिवार पूर्व सांसद अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ अहमद की सनसनीख़ेज अंदाज़ में गोली मारकर हत्या कर दी गयी है.
इसके बाद से देश भर के तमाम अख़बारों और टीवी चैनलों में हत्याकांड के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की जा रही है.
अंग्रेजी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने इस मामले पर प्रकाशित अपनी ताज़ा ख़बर में यूपी पुलिस की ओर से किसी तरह का पलटवार नहीं किए जाने पर सवाल खड़ा किया है.
ख़बर के मुताबिक़, हमलावरों ने आधुनिक हथियारों से अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ अहमद पर 22 सेकेंड तक ताबड़तोड़ 29 गोलियां चलाईं.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक़, इनमें से अतीक़ अहमद को आठ गोलियां और उनके भाई अशरफ़ अहमद को नौ गोलियां लगी थीं.
सवाल ये उठ रहे हैं कि लगभग 22 सेकेंड तक हुई इस फायरिंग के बाद भी अतीक़ अहमद की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने किसी तरह का पलटवार क्यों नहीं किया.
अख़बार लिखता है कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जिस तरह टीवी कैमरों के सामने जिस तरह अचानक से ये गोलीबारी शुरू हुई थी, लगभग उसी अंदाज़ में ठीक 22 सेकेंड बाद हमलावरों ने ज़मीन पर अपने हथियार फेंककर हाथ हवा में उठाकर आत्मसमर्पण कर दिया. और पुलिस उन्हें गाड़ी में बिठाकर ले गयी.
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया है जिसका नेतृत्व एडीसीपी क्राइम सतीश चंद्र कर रहे हैं.
पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने की वजह बताते हुए एक पुलिसकर्मी ने कहा है कि "संभवत: उन्हें पलटवार करने का समय ही नहीं मिला."
वहीं, पूर्व डीजीपी एके जैन ने कहा है, "ये सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि पुलिसकर्मियों को प्रतिक्रिया देने का वक़्त नहीं मिला होगा. लेकिन इससे इतर पेशेवर समझ के मुताबिक़ पुलिस की ओर से गोली चलाना उचित नहीं होता."
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महाराष्ट्र में लू लगने से मरने वालों की संख्या 13 हुई
महाराष्ट्र में शिंदे सरकार की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान लू लगने से मरने वालों की संख्या 13 तक पहुंच गयी है.
अंग्रेजी अख़बार द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, नवी मुंबई के एक विशाल मैदान में बीते रविवार आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में लाखों लोगों ने हिस्सा लिया था.
ये कार्यक्रम सुबह 11 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक चला. इस दौरान 100 से ज़्यादा लोग बीमार पड़ गए जिनमें से अब तक 13 लोगों की मौत हो गई है.
और अभी भी कम से कम 18 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज़ किया जा रहा है.
कांग्रेस, एनसीपी, और शिवसेना (उद्धव ठाकरे) ने इस मामले में राज्य सरकार और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है.
इस कार्यक्रम के मंच पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मौजूद थे.
एनसीपी नेता अजीत पवार ने कहा है कि "ये सबको पता है कि अप्रैल और मई के दौरान तापमान काफ़ी बढ़ जाता है. दिन के वक़्त तापमान चालीस डिग्री तक पहुंच जाता है. ऐसे में इस बात की जांच किए जाने की ज़रूरत है कि इस कार्यक्रम का समय किसने तय किया था."
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थोक महंगाई दर 29 महीनों के निचले स्तर पर
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बीते सोमवार बताया है कि मार्च महीने में थोक महंगाई दर 1.34 फीसद दर्ज की गयी है.
अंग्रेजी अख़बार हिंदू बिज़नेस लाइन में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, ये पिछले 29 महीनों में सबसे निचला स्तर है.
मंत्रालय ने बताया है कि इस गिरावट की वजह मूल धातुओं, कुछ खाद्य पदार्थों, टेक्सटाइल्स और खनिज पदार्थों एवं प्लास्टिक उत्पादों के दामों में गिरावट आना है.
इससे पहले खुदरा महंगाई दर में भी गिरावट दर्ज की गयी थी जो मार्च में 5.66 फीसद पर पहुंच गयी है.
फरवरी में यही दर 6.44 फीसद दर्ज की गयी थी.
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पाकिस्तान में तोड़ा गया 118 साल पुराना अहमदिया उपासना स्थल
पाकिस्तान के सरगोधा ज़िले में बीते रविवार अल्पसंख्यक अहमदिया समुदाय के प्राचीन पूजा स्थल को तोड़ दिया गया है.
अंग्रेजी अख़बार द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित ये पूजास्थल लगभग 100 साल पुराना था जिसकी पाकिस्तान के अल्पसंख्यक अहमदिया समुदाय में काफ़ी ख़ास जगह थी.
एक पुलिसकर्मी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि रविवार को लाहौर से लगभग 200 किलोमीटर दूर सरगोधा ज़िले में अहमदिया समुदाय के पूजास्थल पर तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान संगठन के कई कार्यकर्ता जुटे थे.
इन लोगों ने अहमदिया समुदाय के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की. इसके बाद हथौड़ों से 118 साल पुराने पूजा स्थल के साथ तोड़-फोड़ की गयी.
पाकिस्तान में पिछले कुछ सालों में इस्लाम धर्म को मानने वाला इस अल्पसंख्यक समुदाय के ख़िलाफ़ घटनाओं में तेजी देखी गयी है.
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सूडान में संघर्ष जारी, अब तक 185 लोगों की मौत
सूडान में सेना और अर्ध सैनिक बलों के बीच जारी संघर्ष में अब तक 185 लोगों की मौत हो गयी है.
अंग्रेजी अख़बार द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, संयुक्त राष्ट्र दूत वॉल्कर पर्थेस ने मीडिया को बताया है कि अब तक कम से कम 185 लोगों की मौत हो गयी है और 1800 से ज़्यादा लोग घायल हो चुके हैं.
दोनों पक्ष घने रिहाइशी इलाकों में भी टैंकों और आर्टिलरी जैसे हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. सूडान के शहरों में लड़ाकू विमानों की आवाज़ें सुनी जा सकती हैं.
इसके साथ ही रात में एंटी एयरक्राफ़्ट मिसाइलें इस्तेमाल किए जाने की ख़बरें भी आ रही हैं.
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