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निकोलस पूरन के लिए लखनऊ सुपर जायंट्स ने 16 करोड़ रुपये क्यों ख़र्च किए?
- Author, पराग फाटक
- पदनाम, बीबीसी मराठी संवाददाता
कोच्चि में 23 दिसंबर को हुए आईपीएल ऑक्शन के बाद लखनऊ सुपरजायंट्स के मेन्टॉर गौतम गंभीर से यही सवाल पूछा गया. ऑक्शन में लखनऊ सुपरजायंट्स ने वेस्ट इंडीज़ के ख़ब्बू बल्लेबाज़ निकोलस पूरन को अपने बेड़े में शामिल करने के लिए 16 करोड़ रुपये ख़र्च किए थे.
ये रकम कितनी बड़ी थी, इसका अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि लखनऊ के पास खिलाड़ियों की नीलामी के लिए महज 23.35 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध थी और टीम प्रबंधन ने इसका 70 प्रतिशत हिस्सा केवल एक खिलाड़ी को ख़रीदने पर ख़र्च कर दिया था.
लेकिन भारत की ओर से वर्ल्ड कप और वर्ल्ड टी-20 जीत चुके टीम के अहम खिलाड़ी रहे गौतम गंभीर ने बिना किसी झिझक के साथ कहा था, "निकोलस पूरन का आईपीएल के पिछले सीज़न में कैसा प्रदर्शन रहा ये हमने देखा भी नहीं. हम पूरन की क्षमता को समझते हैं. उसके जैसा खिलाडी टीम में होना ज़रुरी है. पूरन अभी 26-27 साल के हैं. यहाँ से उनका असली करिअर शुरू होगा."
"बल्लेबाज़ ने कितने रन बनाए या गेंदबाज़ ने कितने विकेट लिए इससे ज़्यादा उसका परिणाम क्या रहा, क्या वो खिलाडी टीम को मैच जिताने में कामयाब रहा, ये देखना महत्त्वपूर्ण है. पूरन मैच विनर हैं. पूरे हंगामे में उन्होंने अपने बलबूते पर तीन-चार मैच जिता दिया तो निर्णायक साबित होगा. एक से चार नंबर के साथ साथ फिनिशर के तौर पर खेलने के क्षमते रखनेवाले कितने खिलाडी हैं? पूरन ऐसी क्षमता रखते हैं."
इस क्षमता की झलक निकोलस पूरन ने सोमवार को बेंगलुरु में दिखायी. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलौर के ख़िलाफ़ एम.चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए मुक़ाबले में पूरन जब बल्लेबाज़ी के लिए उतरे तब लखनऊ को मैच जीतने के लिए 56 गेंदो में 114 रनों की ज़रुरत थी. पूरन ने आधे घंटे में मैच का पासा पलट दिया.
उन्होंने दूसरी ही गेंद पर बड़ा छक्का लगाया. यहां से पूरन ने पीछे मुड़ के नहीं देखा. पूरन ने 19 गेंदों में चार चौके और सात छक्कों के साथ 69 रनों की आक्रामक पारी खेली. जब पूरन आउट हुए तब लखनऊ को मैच जीतने के लिए 18 गेंदों में 24 रनों की ज़रूरत रह गयी थी.
जब ऑक्शन में निकोलस पूरन का नाम आया तब चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स, दोनों टीमों ने उनके लिए बोली लगायी. दिल्ली कैपिटल्स भी इसके बाद रेस में उतरे. इसके बाद ही लखनऊ सुपरजायंट्स इस होड़ में शामिल हुए. पूरन की बेस प्राइस दो करोड रुपये थी. वह बढ़ते-बढ़ते 16 करोड़ रुपये तक पहुंच गई और आख़िर में लखनऊ सुपरजायंट्स ने 16 करोड़ रुपये ख़र्च कर पूरन को अपने दल में शामिल किया.
इस ऑक्शन में लखनऊ ने अनुभवी भारतीय गेंदबाज जयदेव उनादकट को 50 लाख रुपये, विदर्भ के युवा खिलाडी यश ठाकुर को 45 लाख रुपये, हरफ़नमौला खिलाड़ी रोमारियो शेफ़र्ड को 50 लाख रुपये, डैनियल सैम्स को 75 लाख रुपये और अमित मिश्रा को 50 लाख रुपये में ख़रीदा. वहीं प्रेरक मंकड, स्वप्निल सिंह और युद्धवीर सिंह जैसे युवा खिलाड़ियों को 20-20 लाख रुपये में जोड़ा गया. इन सभी खिलाड़ियों के ख़रीदने के लिए लखनऊ ने जितनी राशि ख़र्च की उससे ज़्यादा रकम पूरन के लिए दे दी.
इस सीज़न में पूरन ने पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स के ख़िलाफ़ दमखम दिखाया. पूरन ने 21 गेंदों में 36 रन बना दिए. चेन्नई के विरुद्ध पूरन ने 18 गेंदों में 32 रन बनाए. हैदराबाद के विरुद्ध 11 रन बनाकर टीम को मैच जिता दिया और बेंगलौर के ख़िलाफ़ उन्होंने एक अविश्वसनीय पारी खेली.
आईपीएल की रोलरकॉस्टर राइड
2017 में पूरन मुंबई इंडियन्स टीम का हिस्सा थे. 2018 सीज़न से पहले हुए ऑक्शन में पूरन अनसोल्ड रहे. 2019 में किंग्स इलेवन पंजाब टीम ने 4.2 करोड रुपये ख़र्च कर ख़रीदा. उस सीज़न में पूरन कुछ ख़ास नहीं कर पाए. लेकिन अगले सीज़न यानी 2020 में पूरन ने 170 की स्ट्राइक रेट से 353 रन बनाए. लेकिन इसके बाद वाले सीज़न में उनका बल्ला खामोश रहा.
पिछले सीज़न में पूरन सनरायजर्स हैदराबाद के लिए खेले. हैदराबाद ने उनके लिए नीलामी में 10.75 करोड रुपये ख़र्च कर दिए थे. इसके बाद हैदराबाद ने उन्हें रिलीज़ करने का निर्णय लिया. इसके बाद ही लखनऊ की टीम ने उन्हें ख़रीदा.
कैरेबियन प्रीमियर लीग के अहम खिलाड़ी
पूरन लगभग 10 साल से कैरेबियन प्रीमियर लीग में खेल रहे हैं. बारबारडोस ट्रायडेंट्स, गयाना ऑमेजॉन वॉरिअर्स और जमैका तलावाज़ की टीमों का वे हिस्सा रह चुके हैं. सीपीएल में 92 मैचों में पूरन ने 147 की स्ट्राइक रेट के साथ 1652 रन बनाए हैं. सीपीएल में उनके नाम पर एक शतक भी है. इस टूर्नामेंट में पूरन ने 121 छक्के जडे़ हैं.
ज़बरदस्त बल्लेबाज़ी के चलते ही पूरन दुनिया भर में चल रहे ट्वेन्टी-20 टीमों के रडार पर रहते हैं. पूरन ऑस्ट्रेलिया में होनेवाले बिग बैश लीग, पाकिस्तान सुपर लीग, दुबई में होनेवाली इंटरनेशनल लीग ट्वेन्टी-20, अबू धाबी टी-10 और बांगलादेश प्रीमियर लीग में खेलते हैं.
टीम के ख़राब प्रदर्शन के चलते छोड़ी कप्तानी
पिछले साल नवंबर में हुए वर्ल्ड कप टी-20 में वेस्ट इंडीज़ का प्रदर्शन ख़राब रहा. दो बार ख़िताब जीतने वाली टीम शुरुआती राउंड में ही बाहर हो गयी. आयरलैंड और स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ भी वेस्ट इंडीज़ की टीम को हार का सामना करना पड़ा था.
टीम में एक से बढकर एक पॉवर हिट करने वालों के होने के बावजूद वेस्ट इंडीज़ का प्रदर्शन साधारण सा रहा. सोशल मीडिया पर उसके साथ साथ भूतपूर्व खिलाड़ियों ने टीम की आलोचना की. इसके कुछ दिनों बाद कप्तान पूरन ने वनडे और ट्वेन्टी-20 में टीम की कप्तानी छोड़ दी. पूरन की कप्तानी में वेस्ट इंडीज़ ने ऑस्ट्रेलिया में आयोजित ट्वेन्टी-20 वर्ल्ड कप में केवल एक मैच जीता. पूरन खुद भी बल्ले के साथ कुछ ख़ास नहीं कर पाए. 6 मैचों में पूरन सिर्फ़ 79 रन बना पाए.
वो ख़तरनाक हादसा
वैसे पूरन के तूफ़ान से अंदाज़ा नहीं होता है कि उनके साथ एक ख़तरनाक हादसा हो चुका है. जनवरी 2015 में त्रिनिदाद में पूरन ट्रेनिंग से लौट रहे थे. तब उनके कार का एक्सीडेंट हुआ था. इस हादसे में पूरन के पैर में चोटें आयीं.
घुटने से लेकर पिंडली को जोडने वाले हड्डी का नुकसान हुआ. इस हादसे में दाहिने टखने को भी चोट आयी. छह महिनों तक पूरन किसी और के सहारे बिना चल भी नहीं सकते थे. तब उनकी स्थिति को देखकर यह सवाल भी उठे थे कि क्या वे मैदान में वापसी कर पाएंगे. उनके पैरों की सर्जरी करानी पड़ी. काफ़ी समय तक वे व्हीलचेयर पर रहे, इसके बाद लंबे समय तक रिहेबलिटैशन की प्रक्रिया से गुजरने के बाद उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर वापसी की.
सचिन तेंडुलकर ने की थी तारीफ़
27 सितंबर, 2020 हुए मैच में मुरुगन अश्विन की गेंद पर संजू सैमसन का लगाया हुआ स्ट्रोक बाऊंड्री के पार जाने वाले था. पूरन ने छलांग लगाते हुए कैच पकड़ा. लेकिन जैसे ही उन्होंने समझा कि वो खुद बाऊंड्री के बाहर जा रहे हैं, तब हवा में ही मुड़ते हुए उन्होंने गेंद अंदर फेंक दी. इसके चलते सोशल मीडिया पर काफ़ी दिन पूरन का नाम चर्चा में रहा. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ने ट्वीट कर इसे अब तक देखी शानदार सेव बताया था.
2014 के अंडर-19 वर्ल्ड कप के माध्यम से पूरन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में क़दम रखा. 2016 में वेस्ट इंडीज़ के लिए ट्वेन्टी-20 पदार्पण करने वाले पूरन ने भारत के ख़िलाफ़ खेलते हुए चेन्नई में पहला अर्धशतक जमाया था. स्टायलिश ख़ब्बू बल्लेबाज़ पूरन टीम की ज़रुरत पड़ने पर विकेटकीपिंग का ज़िम्मा भी संभालते हैं.
नयी फ्रैंचाइज़ होने के बावजूद लखनऊ ने पहले साल प्लेऑफ़ में जगह बनाई थी. पूरन का बल्ला ऐसे ही चलता रहा तो लखनऊ के आईपीएल चैंपियन बनने का सपना जल्द ही पूरा हो सकता है.
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