बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में गोलीबारी: पुलिस को कुल्हाड़ी और राइफ़लधारी दो नक़ाबपोशों की तलाश

सेना के अधिकारियों के मुताबिक पंजाब के बठिंडा स्थित एक सैन्य स्टेशन पर बुधवार तड़के हुई फायरिंग में घायल चार जवानों की मौत हो गई.
पंजाब पुलिस के मुताबिक इस मामले में राइफ़ल और कुल्हाड़ी के साथ नज़र आए दो नक़ाबपोश लोगों की तलाश की जा रही है.
हालांकि, सेना के अधिकारियों ने अब तक घटना के कारणों के जानकारी नहीं दी है और कहा है कि इस घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
वहीं, पंजाब पुलिस ने बीबीसी से कहा है कि ये घटना 'आतंकवादी हमला' नहीं है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया है कि घटना कैसे हुई, इसे लेकर कोई साफ़ तस्वीर सामने नहीं आई है.
पीटीआई ने सेना के सूत्रों के हवाले से बताया है कि कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी (कर्नल) मामले की जांच करेंगे. पुलिस को संदेह है कि दो दिन पहले गुम हो गई राइफ़ल को घटना में इस्तेमाल किया गया. सेना ने बुधवार को जानकारी दी कि गुम हुई राइफ़ल मिल गई है.

समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आर्मी चीफ़ जनरल मनोज पांडे ने घटना के बारे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को जानकारी दी है.

एफ़आईआर में क्या है?
- एक जवान ने कुर्ता पायजामा पहने दो अज्ञात नक़ाबपोश लोगों को फायरिंग के बाद बैरक से बाहर आते देखा. उनमें से एक पास राइफ़ल थी और दूसरे के पास कुल्हाड़ी थी.
- संदिग्ध हमलावर औसत कद के थे. जवान को देखने के बाद वो बैरक के करीब से जंगल के इलाके में चले गए.
- सेना के दो अधिकारी जब बैरक के अंदर गए तो उन्होंने सागर बन्ने (25 साल) और योगेश कुमार जे (24 साल) को खून से लथपथ देखा.
- दूसरे कमरे में संतोष एम नागराल (25 साल) और कमलेश आर (24 साल) के शव मिले. उनके शरीर पर गोलियों के निशान थे.
- मारे गए जवानों में से दो कर्नाटक और दो तमिलनाडु से हैं.

पुलिस ने बताया है कि सेना के मेजर आशुतोष शुक्ला की शिकायत के आधार पर बठिंडा कैंट पुलिस स्टेशन में एफ़आईआर दर्ज की गई है. इसमें दो अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ आईपीसी के सेक्शन 302 (हत्या) और आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं.
पंजाब पुलिस ने बताया है कि वो सेना के अधिकारियों के संपर्क में है. वहीं, सेना ने भी संयुक्त जांच की जानकारी दी है.
जांच अधिकारी ने क्या कहा?
बठिंडा के एसपी (डिटेक्टिव) अजय गांधी पुलिस जांच की अगुवाई कर रहे हैं.
एसपी अजय गांधी ने पत्रकारों को बताया, "INSAS राइफ़ल के 19 खाली खोखे मौके से मिले हैं. सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. पूरे इलाक़े को खाली करा लिया गया है और सेना तलाशी अभियान चला रही है "

इमेज स्रोत, ANI
सेना ने क्या बताया?
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सेना की साउथ वेस्टर्न कमान ने एक बयान में बताया है, " इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में सेना की आर्टिलरी यूनिट के चार जवानों ने गोलियां लगने की वजह से दम तोड़ दिया. किसी और जवान के घायल होने या फिर किसी और नुक़सान की जानकारी सामने नहीं आई है."
सेना की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि ये घटना सुबह साढ़े चार बजे की है.
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बयान में जानकारी दी गई है कि सेना ने तुरंत कार्रवाई करने वाली टीमों को तैनात किया है और पूरे इलाक़े की घेरेबंदी कर दी गई है.
सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है, " घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. इसमें दो दिन पहले गुम हुई INSAS राइफ़ल और 28 गोलियों की संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है."

मिलिट्री स्टेशन में गोलीबारी
- बठिंडा का मिलिट्री स्टेशन सेना के सबसे बड़े गोला-बारूद डिपो में से एक है.
- सेना का ये स्टेशन रिहाइशी इलाके से दूर है.
- स्टेशन में बुधवार सुबह गोलीबारी हुई.
- गोलीबारी में घायल चार जवानों की मौत हो गई
- पुलिस को कुर्ता पायजामा पहने दो नक़ाबपोश लोगों की तलाश
- पंजाब पुलिस के मुताबिक ये आतंकवादी घटना नहीं है
- सेना ने बताया है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
- मिलिट्री स्टेशन से दो दिन पहले गुम हुई INSAS राइफ़ल मिली.


आतंकवादी हमला नहीं: पुलिस
पंजाब पुलिस ने कहा है कि बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में हुई गोलीबारी 'आतंकवादी घटना' नहीं है.
बठिंडा के एएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा को बताया, " ये आतंकी हमला नहीं है. घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई लेकिन अभी ये जानकारी नहीं हो सकी है कि गोलियां किसने चलाईं."
एसएसपी खुराना ने बताया कि पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और तालाशी अभियान चलाया जा रहा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने पंजाब पुलिस के एडीजी एसपीएस परमार के हवाले से बताया है, "ये आतंकवादी हमला नहीं है. ये हमला बाहर से नहीं हुआ है. हम सेना के अधिकारियों के संपर्क में हैं."
दो दिन पहले गुम हुई राइफ़ल
बठिंडा मिलिट्री स्टेशन से दो दिन पहले 28 कारतूस वाली एक राइफ़ल गायब हो गई थी.
सेना और पुलिस जांच कर रहे हैं कि कहीं गोलीबारी की घटना में इसी राइफ़ल का इस्तेमाल तो नहीं किया गया है.
बीबीसी पंजाबी के मुताबिक पुलिस अधिकारियों ने पहले बताया था कि घटना के पीछे सेना के जवान ही तो नहीं है, इसकी भी जांच की जा रही है.
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