उमेश पाल हत्याकांड: यूपी पुलिस की गोली से कैसे मरे विजय उर्फ़ उस्मान चौधरी? - प्रेस रिव्यू

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ज़िले में यूपी पुलिस के साथ मुठभेड़ में बीते सोमवार 23 वर्षीय युवक विजय चौधरी उर्फ़ उस्मान की मौत हो गयी.
पुलिस का दावा है कि इस शख़्स ने ही हाल ही में बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल पर पहली गोली चलाई थी.
अंग्रेजी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, 23 वर्षीय विजय चौधरी उर्फ़ उस्मान के सिर पर पचास हज़ार रुपये का इनाम था.
पुलिस ने बताया है कि सुबह साढ़े पांच बजे हुई इस मुठभेड़ में कथित शूटर की गर्दन, सीने और जांघों पर गोलियां लगीं.
इसके बाद उसे प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया.
इस मुठभेड़ में नरेंद्र नामक एक कांस्टेबल भी जख़्मी हुआ है जिसे स्थानीय हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया गया है.
प्रयागराज के कमिश्नर रमित शर्मा ने बताया, "हमें जानकारी मिली थी कि उमेश पाल और उनके दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या के मामले में फ़रार चल रहा एक अपराधी कौंधियारा क्षेत्र में देखा गया है. इस जानकारी के आधार पर कौंधियारा, खीरी, और शंकरगढ़ पुलिस थानों की टीम ने संबंधित क्षेत्र को घेरते हुए तलाशी अभियान शुरू किया."
"पुलिसकर्मी जैसे ही अपराधी के क़रीब पहुंचे तो उसने गोलियां चलाना शुरू कर दिया. इसके जवाब में पुलिसकर्मियों ने गोलियां चलाईं जिसमें अपराधी जख़्मी हो गया. घायल अपराधी को एसआरएन अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया."
पुलिस को मृतक के पास से 0.32 बोर की पिस्टल और कई ज़िंदा कारतूस मिले हैं.
हालांकि, विजय चौधरी की पत्नी सुहानी ने पुलिस पर उनके पति को एक फ़ेक एनकाउंटर में मारने का आरोप लगाया है.

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विजय या उस्मान...?
उत्तर प्रदेश पुलिस के रिकॉर्ड्स में इस शख़्स का नाम उस्मान के रूप में दर्ज किया गया है. लेकिन इसका असली नाम विजय चौधरी है.
यूपी पुलिस से जुड़े सूत्र ने अख़बार को बताया है कि 'जब ये शख़्स अतीक़ अहमद के गैंग में शामिल हुआ तब अतीक़ ने ही इसे उस्मान नाम दिया.'
पुलिस से जुड़े सूत्रों ने ये भी बताया है कि इस शख़्स को अतीक़ अहमद से मिलवाने वाला शख़्स अतीक गैंग का शूटर ग़ुलाम था जिसके सिर पर ढाई लाख रुपये का इनाम है.
और 'उस्मान से कहा गया था कि इस हत्या के बाद उसे दस लाख रुपये और एक एसयूवी कार मिलेगी. हालांकि, इस हत्याकांड के बाद उसे सिर्फ़ पचास हज़ार रुपये मिले.'
पुलिस सूत्रों ने ये भी बताया है कि 'अतीक़ गैंग में शामिल होने से पहले विजय एक पॉकेटमार स्तर का अपराधी था.'
बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड में ये दूसरा एनकाउंटर है जिसमें कथित शूटर की मौत हुई है. इससे पहले 27 फ़रवरी को पुलिस की अरबाज़ नाम के शख़्स के साथ मुठभेड़ हुई थी जिसमें उसकी मौत हो गयी थी.
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क्या कहता है परिवार
विजय चौधरी उर्फ़ उस्मान के परिवार वालों का कहना है कि उसे एक फर्ज़ी एनकाउंटर में मारा गया है.
विजय चौधरी की पत्नी सुहानी ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति और ससुर को पुलिस की टीम सुबह ही उठाकर ले गयी थी.
सुहानी ने कहा, "पुलिस ने बहुत ग़लत किया है. क़ानून का काम किसी की हत्या करना नहीं है. क़ानून लोगों की हिफ़ाजत करने के लिए बनाया गया है."
हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, समाजवादी पार्टी ने भी इसे फ़ेक एनकाउंटर की संज्ञा दी है.
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आईपी सिंह ने कहा, "ये प्रयागराज में दूसरा फ़ेक एनकाउंटर लगता है. उमेश पाल जी की हत्या करने वाले असली अपराधी कहां गायब हो गये हैं. माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को इस बुलडोज़र संस्कृति वाली सरकार में निचली से लेकर शीर्ष अदालत तक सभी न्यायालय बंद कर देने चाहिए."

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कांग्रेस पार्टी ने मेघालय में बीजेपी को घेरा
कांग्रेस पार्टी ने बीते सोमवार मेघालय में कोनराड संगमा की पार्टी एनपीपी को समर्थन देने के मुद्दे पर पाखंड बरतने का आरोप लगाया है.
अंग्रेजी अख़बार द टेलीग्राफ़ में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, कांग्रेस पार्टी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर बीजेपी पर पाखंडी होने का आरोप लगाया है.
कांग्रेस एमपी विंसेंट पाला ने पुराने वीडियो जारी किए हैं जिनमें कथित रूप से पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा मेघालय की कोनराड संगमा सरकार को भ्रष्ट बताते दिख रहे हैं.
पाला ने कहा, "बीजेपी अब एनपीपी के साथ सरकार बना रही है. वो इसी तरह देश के लोगों को मूर्ख बना रही है."
मेघालय विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बीजेपी ने एनपीपी को सरकार गठन में समर्थन देने का फ़ैसला किया है.
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "(एनपीपी के ख़िलाफ़) भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप बीजेपी के छोटे नेताओं ने नहीं, देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने लगाए थे.
जेपी नड्डा ने कहा था कि एक विशेष दल बनाया जाएगा जो संगमा सरकार के भ्रष्टाचार की जांच करेगा. अब वे गले मिल रहे हैं. ये सबसे बड़ा पाखंड है."

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बढ़ रहे हैं अचानक कार्डियक अरेस्ट के मामले
डॉक्टरों का मानना है कि सेहतमंद लोगों के अचानक कार्डियक अरेस्ट की वजह से मरने के मामलों में उछाल देखने को मिल रहा है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, कुछ अस्पतालों ने ऐसे मामलों की संख्या में दस से पंद्रह फ़ीसदी की बढ़त दर्ज की है. और ये अमेरिका में हुए शोध के नतीजों से मेल खाता है.
मैक्स अस्पताल में कार्डियक विभाग के निदेशक डॉक्टर बलबीर सिंह ने इन आंकड़ों को सही बताते हुए कहा है कि हालिया दिनों में कुछ ऐसे लोगों की मौत हुई है जिनकी उम्र तीस साल से कम थी.
हालांकि, उन्होंने कहा है कि इस मामले में विस्तृत अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है. डॉक्टर सिंह ने बताया है कि कोविड से पहले पचास साल से कम उम्र में मरने वालों की संख्या 15 फ़ीसद थी जो अब बढ़कर 24 फ़ीसद हो गयी है.
दिल्ली के प्रतिष्ठित अस्पताल एम्स के प्रोफ़ेसर राकेश यादव के मुताबिक़, इस मामले में ऐसे आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं जिनके आधार पर ठीक-ठीक कुछ कहा जा सके, लेकिन अलग-अलग स्रोतों से जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक़ ऐसे मामलों की संख्या में 10 से 15 फ़ीसद की बढ़त देखी गयी है.
डॉक्टर यादव ने कहा है कि अगर आप कोविड 19 से संक्रमित रहे हैं और सांस लेने में तकलीफ़ हो रही है तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
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