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पवन खेड़ा दिल्ली एयरपोर्ट पर नाटकीय ढंग से गिरफ्तार, अब तक क्या क्या हुआ?
असम पुलिस ने गुरुवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को हिरासत में लिया. वे दिल्ली से कांग्रेस के कई दूसरे नेताओं के साथ छत्तीसगढ़ के रायपुर में कांग्रेस पार्टी के 85वें महाधिवेशन में शामिल होने के लिए जा रहे थे.
उनके साथ इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-204 में जनरल सेक्रेटरी वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सुप्रिया श्रीनेत भी शामिल थे.
असम पुलिस की इस कार्रवाई को कांग्रेस पार्टी ने तानाशाही बताया है. वहीं पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है, जिस पर कोर्ट ने दोपहर तीन बजे सुनवाई करते हुए पवन खेड़ा को अंतरिम राहत दी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई उनकी कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर असम के हाफलोंग में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद असम पुलिस ने यह कार्रवाई की है.
उन्हें हिरासत में लेते समय काफी हंगामा हुआ. कांग्रेस नेताओं का कहना था कि बिना गिरफ्तारी वारंट के उन्हें ले जाने नहीं दिया जाएगा. पवन खेड़ा के साथ मौजूद कांग्रेस नेताओं ने प्लेन के पास ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया.
इसके बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने असम पुलिस का वो डॉक्युमेंट दिखाया जिसमें पवन खेड़ा को हिरासत में लेने के लिए उनसे मदद मांगी गई थी.
पवन खेड़ा ने क्या कहा?
इस घटना की जानकारी ख़ुद पवन खेड़ा ने पत्रकारों को दी है. कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किए गए उनकी बातचीत के एक वीडियो में वो अपनी आपबीती बता रहे हैं.
पवन खेड़ा ने बताया, "मुझे कहा गया कि आपका सामान देखना है, तो मैंने कहा कि मेरे पास तो कोई सामान है ही नहीं, केवल हैंडबैग है. तो फिर कहा गया कि आइए, कुछ कन्फ्यूज़न है."
उन्होंने बताया, "जब फ्लाइट से नीचे आया तो कहा गया कि आप नहीं जा सकते, अभी डीसीपी आएंगे आपसे मिलने. मुझे ख़ुद नहीं मालूम. पिछले 20 मिनट से डीसीपी का ही इंतज़ार कर रहा हूं."
खेड़ा ने कहा, "क्या नियम हैं, क्या क़ानून हैं, क्यों मुझे रोका जा रहा है, मुझे नहीं पता."
किस नेता ने क्या कहा?
पवन खेड़ा के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई का विरोध करने के लिए बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी पर पलटवार किया है.
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पत्रकारों से कहा, "जो कुछ भी हुआ वो क़ानूनी रूप से किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिजनों के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी करने के बाद कांग्रेस अब 'विक्टिम कार्ड' खेल रही है."
भाटिया ने कहा कि "दिल्ली एयरपोर्ट की हवाई पट्टी पर प्रदर्शन करके क़ानून का उल्लंघन किया है और साथी यात्रियों की ज़िंदगी को ख़तरे में डाला है. लोग कांग्रेस के प्रदर्शन से सहमत नहीं थे."
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, "ये घटना देश नहीं दुनियाभर के अंदर हमारे देश की बदनामी करवाएगी. ये सरकार चाहती क्या है? क्या प्रधानमंत्री, गृह मंत्री को इसकी जानकारी नहीं है?"
"कौन मान सकेगा इस बात को? क्या उनकी जानकारी कि बिना कोई ऐसी हिम्मत कर सकता है. देश के अंदर बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बनती जा रही है."
"इसलिए बार बार कहते हैं कि लोकतंत्र को खतरा हो रहा है. संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं."
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, "ये बीजेपी के काम करने का तरीका है. उन्हें लोकतंत्र और कानून पर भरोसा नहीं है."
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "मोदी सरकार का तानाशाही, द्वेषपूर्ण और लोकतंत्र विरोधी चेहरा देश के सामने है. दिनदहाड़े लोकतंत्र को बंधक बनाकर, कांग्रेस के अधिवेशन को रोकने की साज़िश में भाजपा के पूरे तंत्र ने निर्लज्जता की सारी हदें पार कर दी हैं. मगर ऐसी कायराना हरकतों से हम डट कर लड़ेंगे!"
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, "एक तरफ केंद्र की बीजेपी सरकार हमें राज्य में परेशान कर रही है कि हम ठीक से आयोजन न कर पाएं. इसके लिए पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के घर रेड डाली गई है. सरकार को परेशान करने के लिए कल तीन कार्यालय में रेड डाली गई.
"हमारे मेहमानों को रोका जा रहा है. ऐसा कोई वो देश से भाग नहीं रहे थे कि उन्हें पकड़ा जाए. इसका मतलब है कि बीजेपी इस महाधिवेशन से डरी हुई और इसे असफल करना चाहती है."
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, "पहले ईडी ने रायपुर में छापामारी की, अब पवन खेड़ा को दिल्ली पुलिस द्वारा रायपुर के जहाज़ से उतारा गया है. तानाशाही का दूसरा नाम अमितशाही है."
उन्होंने कहा, "मोदी सरकार हमारे राष्ट्रीय महाधिवेशन को बाधित करना चाहती है. हम डरने वाले नहीं हैं, देशवासियों के लिए संघर्ष करते रहेंगे."
इंडिगो ने क्या कहा?
एएनआई के अनुसार इंडिगो ने बताया है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर रायपुर जाने वाली फ़्लाइट में पुलिस ने एक यात्री से उतरने को कहा.
एयरलाइंस कंपनी ने बताया, कई अन्य यात्रियों ने अपनी मर्जी से इस फ्लाइट से उतरने का फ़ैसला किया."
एयरलाइन का कहना है कि पवन खेड़ा को उतारने के कारण इस हंगामे में फंसे बाकी यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से रायपुर भेजा जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की एक पीठ ने पवन खेड़ा को अंतरिम राहत दी है.
कोर्ट ने दिल्ली के द्वारका कोर्ट को उन्हें अंतरिम जमानत पर छोड़ने का निर्देश दिया है.
सर्वोच्च न्यायालय ने अर्णब गोस्वामी मामले का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश और असम सरकार को इस मामले में दर्ज सारे एफ़आईआर को क्लब करने का नोटिस जारी किया है.
पवन खेड़ा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई की अपील लेकर पहुंचे थे.
इससे पहले जब दिन में तीन बजे सुनवाई शुरू हुई तो सिंघवी ने मामले से संबंधित सभी याचिकाओं को एक साथ करने की अपील की और कहा कि उनके मुवक्किल बिना शर्त मांगी मांग लेंगे क्योंकि किसी को ठेस पहुंचाने का उनका कोई इरादा नहीं था.
सिंघवी की ओर से कहा गया कि चूंकि सभी एफ़आईआर उस प्रेस कांफ्रेंस में दिए गए बयान के कारण ही दर्ज हुई हैं इसलिए उन्हें क्लब किया जाना चाहिए.
कॉपी - अभिनव गोयल
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