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कर्नाटक: दो महिला अफ़सरों की लड़ाई सोशल मीडिया पर छाई, तस्वीरें वायरल
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, बेंगलुरु से
कर्नाटक की सियासत आजकल दो हाई प्रोफ़ाइल अधिकारियों की आपसी जंग का गवाह बन रही है. इन दो अधिकारियों के झगड़े ने कर्नाटक की नौकरशाही को शर्मसार किया है और सियासी लीडरशिप को हैरान.
दरअसल एक महिला आईपीएस अधिकारी ने एक महिला आईएएस अधिकारी पर कुछ निजी और कुछ उनके काम से संबंधित आरोप लगाए हैं.
निजी आरोपों में तीन या चार पुरुष अफ़सरों के साथ फ़ोटो शेयर करने जैसा 'अनुपयुक्त व्यवहार' शामिल है.
आईपीएस अधिकारी डी रूपा मौदगिल ने अतीत में कुछ ऐसे राज़ खोले थे जिनकी वजह से उस वक्त के उनके बॉस को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जेल) के पद से हटना पड़ा था.
ताज़ा केस में उन्होंने आईएएस अधिकारी रोहिनी सिंधुरी पर इल्ज़ाम लगाए हैं. सिंधुरी को मांड्या ज़िले में 2015 में ज़िला पंचायत का सीईओ रहते हुए एक साल में एक लाख टॉयलेट बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अवॉर्ड दे चुके हैं.
आईपीएस रूपा मौदगिल का दावा है कि रोहिनी सिंधुरी ने एक लाख टॉयलेट वाला आंकड़ा ग़लत बताया था.
मौदगिल इस वक्त कर्नाटक हैंडिक्राफ़्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की महानिदेशक हैं. सिंधुरी हिंदू रिलिजियस इंस्टीट्यूटशन ऐंड चैरिटेबल इनडॉवमेंट डिपार्टमेंट की आयुक्त हैं.
नौकरशाही की फ़जीहत
अपने ऊपर लगे आरोपों के जवाब में सिंधुरी ने पत्रकारों को बताया है कि वे उचित प्लेटफ़ॉर्म पर इसका जवाब देंगी और फ़िलहाल वे चाहती हैं कि मौदगिल 'जल्द स्वस्थ हो जाएं.'
बीबीसी हिंदी के साथ शेयर किए अपने एक बयान में सिंधुरी लिखती हैं, "मानसिक बीमारी एक बड़ी समस्या है. इसका इलाज दवाओं और काउंसलिंग के ज़रिए करवाया जाना चाहिए."
कर्नाटक के गृह मंत्री अरगा ज्ञानेंद्र ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया है.
उन्होंने पत्रकारों को बताया, "ये अधिकारी अपनी निजी लड़ाइयों को इस तरह सार्वजनिक नहीं कर सकते. ये कर्नाटक की सारी नौकरशाही का अपमान है. मैंने मुख्य सचिव से बात की है और उन्हें तुरंत कार्रवाई करने को कहा है."
इस बीच मौदगिल ने रोहिनी सिंधुरी के विरुद्ध अपने 19 आरोपों की सूची, एक पत्र के माध्यम से मुख्य सचिव और कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव को भेज दी है.
उधर सिंधुरी के पति सुधीर रेड्डी एक थाने में रूपा मौदगिल के ख़िलाफ़ हैकिंग और उनकी पत्नी की तस्वीरें इस्तेमाल करने की शिकायत दर्ज़ करवाई है.
रेड्डी कहते हैं, "ये सब मुद्दे उठाने वाली रूपा कौन होती हैं? उन्होंने कहा कि सिंधुरी ने कुछ तस्वीरें भेजी हैं. किसे भेजी हैं? ये तीन अधिकारी कौन हैं जिन्हें तस्वीरें मिली हैं?"
इस तकरार पर वरिष्ठ नौकरशाह कमेंट करने से बच रहे हैं. बीबीसी हिंदी ने कम से कम तीन वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया. इन लोगों ने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा, "हम इस फ़साद की वजह जानते हैं. ये सब इतना निजी है कि हम बता नहीं सकते."
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई की सलाह के बाद मुख्य सचिव वंदिता शर्मा ने दोनों महिला अधिकारियों को नियम क़ायदे समझाए हैं. उन्हें ये बताया गया है कि एक दूसरे के ख़िलाफ़ आरोप-प्रत्यारोप ऑल इंडिया सर्विस रूल्स के विरुद्ध है.
क्या हैं आरोप?
सिंधुरी ने मौदगिल पर जो 19 आरोप लगाए हैं उनमें से कुछ निजी हैं और कुछ उनके काम से संबंधित. और इनमें से अधिकतर आरोप नई घटनाओं से संबंधित नहीं हैं.
ताज़ा आरोप ये है कि सिंधुरी ने कुछ 'असभ्य-से' फ़ोटोग्राफ़ तीन-चार आईएएस अधिकारियों को भेजे हैं.
मौदगिल ने बीबीसी हिंदी को बताया, "सिंधुरी लोकायुक्त के नोटिस का जवाब नहीं देती हैं लेकिन कुछ आईएएस अधिकारियों को ये तस्वीरें भेज देती हैं."
सिंधुरी ने अपने लिखित जवाब में मुख्य सचिव को बताया है कि, "आरोप झूठे हैं और मैं आपसे कार्रवाई करने का निवेदन करती हूँ."
मौदगिल ने डीके रवि का मुद्दा भी उठाया जिनकी आत्महत्या की जांच सीबीआई ने की थी.
मुख्य सचिव को अपने ख़त में मौदगिल ने लिखा है, "अगर रवि ने सोशल मीडिया पर उनके साथ चैट्स में अपनी हदें पार की थीं तो सिंधुरी ने उन्हें ब्लॉक क्यों नहीं किया?''
मौदगिल ने कोरोना के दौरान चमराजनगर जनरल हॉस्पिटल में मैसूर से ऑक्सिजन की आपूर्ति का मुद्दा भी उठाया है. उस वक़्त सिंधुरी मैसूर की डिप्टी कमिशनर थीं.
तब ऑक्सिजन की कमी से करीब 24 लोगों की मौत हो गई थी.
कैसे हुई शुरुआत
ये सारा मुद्दा तब गरमाया जब सिंधुरी और जेडीएस के विधायक एस आर महेश की एक रेस्तरां में ली हुई तस्वीरें सामने आईं. वहां एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी मौजूद था.
ये तस्वीरें इसलिए ख़ास हैं क्योंकि विधायक महेश ने सिंधुरी पर मैसूर का डिप्टी कमिशनर रहते हुए, अपने निवास पर स्विमिंग पूल बनाने का आरोप लगाया था.
उधर विधायक पर भी सरकारी ज़मीन हड़पने का इल्ज़ाम लगा.
इस तस्वीर का हवाला देते हुए मौदगिल ने पूछा कि क्या यह एक 'समझौता बैठक' थी? अगर उसने अपनी आधिकारिक क्षमता में निर्णय लिया था तो अधिकारी वहां क्यों थी.?
मौदगिल ने सिंधुरी पर मांड्या और हसन ज़िलों में सर्विस के दौरान भी अनियमितताएं करने के आरोप लगाए हैं.
मौदगिल ने लकी अली के पिता कॉमेडियन महमूद अली की ज़मीन का मसला भी उठाया है.
उन्होंने कहा है कि सिंधुरी के पति सुधीर रेड्डी बिना किसी अनुमति के इस भूमि का सर्वे कर रहे थे. सिंधुरी पर आरोप है कि वे इस मामले में अपने पति की रियल इस्टेट कंपनी की मदद कर रही थीं.
संक्षेप में, मौदगिल की मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी में आरोपों की सूची ये साबित करने के लिए है कि तस्वीरों को शेयर करना एक निजी मामला नहीं है.
आरोपों पर रोहिनी सिंधुरी ने क्या कहा?
अपने ऊपर लगे आरोपों के जवाब में सिंधुरी ने कहा: "रूपा मेरे ख़िलाफ़ एक झूठा, व्यक्तिगत बदनामी का अभियान चला रही हैं जो उनकी आम कार्यप्रणाली है. उन्होंने यही अपनी हर पोस्टिंग के दौरान किया है. वे हमेशा मीडिया का ध्यान खींचना चाहती हैं और उनका सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल इसका सबूत है. वे हमेशा किसी न किसी को टार्गेट करती हैं और अपना आधिकारिक काम करने के बजाय यही उनका पसंदीदा शगल है. ''
तस्वीरें शेयर करने वाले आरोप पर सिंधुरी कहती हैं, "ये तस्वीरें नहीं स्क्रीनशॉट्स हैं. इन्हें सोशल मीडिया से उठाया गया है. इन्हें ग़लत ढंग से मुझे बदनाम करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. क्या मौदगिल ये बता सकती हैं कि मैंने तस्वीरें किन लोगों को भेजी हैं. तभी इसकी तस्दीक की जा सकती है.''
सिंधुरी के पति सुधीर रेड्डी ने पत्रकारों से कहा, "सबसे पहले तो रूपा हैं कौन? क्या वो सिंधुरी से सीनियर हैं या क्या वे स्वयं गवर्नमेंट हैं? वे एक अधिकारी हैं. यहां सैकड़ों अधिकारी हैं. तो उन्हें क्या चाहिए? उनका निजी एजेंडा क्या है? सबसे पहले हम यही जानना चाहते हैं. उनका दूर-दूर तक सिंधुरी से कोई नाता नहीं है. वे सिंधुरी के बारे में क्यों बात कर रहीं हैं? उनको क्या समस्या है? मेरे ख़्याल से ये ईर्ष्या का मामला है. उनके साथ कुछ दिमागी मसला भी हो सकता है."
`"उनके कुछ सोशल मीडिया फॉलोअर्स हो सकते हैं. सिंधुरी का तो कोई सोशल मीडिया अकाउंट भी नहीं है. उनकी पब्लिसिटी में कोई रूचि नहीं है. उनका फ़ोकस अपने काम पर है. कहा जा रहा है कि उन्होंने कुछ तस्वीरें भेजी हैं. ये तस्वीरें किसे भेजी हैं? वो तीन अफ़सर कौन हैं जिन्हें तस्वीरें भेजी गई हैं. सबसे पहले तो ये सब सवाल करने वाली वे होती कौन हैं?"
सिंधुरी ने कहा है कि वे आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई के अलावा उचित अधिकारियों के समक्ष भी अपनी बात रखेंगी.
सिंधुरी ने मुख्य सचिव वंदिता शर्मा को पत्र भेजकर अपना पक्ष रखा है.
उन्होंने पत्रकारों को बताया, "मैंने ये भी कहा है कि न तो मौदगिल मेरी सीनियर हैं और न ही बॉस. उन्होंने जो भी किया है वो सर्विस कंडक्ट रूल्स का उल्लंघन है."
उधर मौदगिल ने अपने बीस आरोपों के बाद कुछ और इल्ज़ाम सिंधुरी पर लगाए हैं. उन्होंने पूछा है कि सिंधुरी के ख़िलाफ़ हुई जांच के बाद उनपर ज़रूरी विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं हुई थी.
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