अमित शाह ने अदानी, बीबीसी डॉक्यूमेंट्री और 2024 चुनावों पर क्या कहा

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अदानी मामले पर कहा है कि इसमें बीजेपी के लिए कुछ छिपाने के लिए नहीं है और न ही किसी बात से डरने की ज़रूरत है.
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया है और कैबिनेट का सदस्य होने के नाते उनका इस मुद्दे पर कुछ भी बोलना सही नहीं होगा.
पिछले कुछ दिनों से अदानी का मामला सुर्ख़ियाँ बटोर रहा है.
एक अमेरिकी शोध संस्था हिंडनबर्ग की जनवरी में आई रिपोर्ट में अदानी ग्रुप के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए गए थे. हालाँकि अदानी ग्रुप ने इससे इनकार किया था.
लेकिन हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद अदानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई और शेयरधारकों को बड़ा नुक़सान हुआ.
गौतम अदानी एक समय एशिया के सबसे धनी व्यक्ति और दुनिया के अमीर लोगों की सूची में तीसरे नंबर पर थे. लेकिन कंपनी को नुक़सान के कारण वे अब काफ़ी नीचे चले गए हैं.
इस मामले को लेकर संसद में विपक्षी दलों ने काफ़ी हंगामा किया. लेकिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के बाद अपने जवाब में पीएम नरेंद्र मोदी ने इस मामले पर कुछ नहीं कहा, जबकि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उनसे इस पर कई सवाल पूछे थे.
अदानी मामले पर विवाद

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राज्यसभा में तो पीएम मोदी के अभिभाषण के दौरान अदानी से रिश्ते को लेकर ख़ूब नारेबाज़ी भी हुई थी.
लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण के कुछ अंश हटाए जाने पर भी अमित शाह ने स्पष्टीकरण दिया.
उन्होंने कहा- संसद की कार्यवाही एक्सपंज वाक्यों से भरी पड़ी है. संसद में नियमों के हिसाब से बहस करनी होती है, संसदीय भाषा में करनी होती है.
हालाँकि कांग्रेस पार्टी और ख़ुद राहुल गांधी का आरोप है कि उन्होंने अपने भाषण में अदानी और अंबानी का ज़िक्र किया, इसी वजह के उनके भाषण के अंश हटा दिए गए हैं.
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राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने इस बारे में लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा, लेकिन उन्हें इस पर कार्रवाई की कोई उम्मीद नहीं है.
लोकसभा में अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने अदानी और अंबानी को लेकर पीएम मोदी से कई सवाल पूछे थे. लेकिन पीएम मोदी ने अपने भाषण में इसका कोई ज़िक्र नहीं किया.

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इंटरव्यू के दौरान अमित शाह ने 2014 के लोकसभा चुनाव का भी ज़िक्र किया.
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 के चुनाव में कोई स्पर्धा नहीं है. अमित शाह ने कहा- देश एकतरफ़ा मोदी के साथ आगे बढ़ रहा है. देश की जनता को तय करना है. अभी तो लोकसभा चुनाव में मुख्य विपक्षी पार्टी का लेबल जनता ने किसी को नहीं दिया है.
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अमित शाह ने इंटरव्यू के दौरान भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलने पर भी अपनी राय रखी.
उन्होंने कहा कि अगर प्रोडक्ट अच्छा है, तो उसे गाजे-बाजे के साथ मार्केट करना ही चाहिए.
अमित शाह ने कहा- पीएम मोदी का काम देश और दुनिया के सामने गौरव के साथ रखा जाना चाहिए. ये पूरे भारत का गौरव है. अगर मोदी जी के समय में जी-20 का नेतृत्व भारत को मिला है और जी-20 यशस्वी तरीक़े से संपन्न होता है तो इसका यश मोदी जी को मिलना ही चाहिए. क्यों न मिले?
पीएफ़आई पर दावा

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अमित शाह ने पॉपुलर फ़्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफ़आई) के मामले पर कांग्रेस को घेरा और कहा कि बीजेपी सरकार ने इस संगठन को सफलतापूर्वक बैन किया.
उन्होंने कहा- पीएफ़आई कैडर पर कई मामले थे, उन्हें समाप्त करने का काम कांग्रेस ने किया, जिसे कोर्ट ने रोका. हमने पीएफ़आई को सफलतापूर्वक बैन किया. पीएफ़आई देश में धर्मांधता और कट्टरता बढ़ाने वाला संगठन था. आतंकवाद का एक प्रकार से सामग्री तैयार करने का काम वे लोग कर रहे थे.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल पीएफ़आई पर पाँच साल का बैन लगाने की घोषणा की थी.
केंद्र सरकार का कहना था कि पीएफ़आई का संबंध आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश और प्रतिबंधित संगठन सिमी से रहा है. केंद्र सरकार का ये भी कहना था कि पीएफ़आई देश की आतंरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा ख़तरा बन गया है.
अमित शाह ने पीएम नरेंद्र मोदी पर बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी.
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अमित शाह से सवाल पूछा गया था कि जैसे हिंडनबर्ग रिपोर्ट, बीबीसी डॉक्यूमेंट्री सामने आई हैं, क्या किसी तरह की कोई साज़िश है?
इस पर अपने जवाब में अमित शाह ने कहा, ''सत्य जो होता है, उस पर एक हज़ार साज़िशें रच लो, कुछ नहीं होता है. वो सूर्य की भांति तेजस्वी बनकर ही बाहर आता है. ये तो मोदी जी के पीछे 2002 से कर रहे हैं. हर बार मोदी जी मज़बूत होकर, सच्चे बनकर और जनता की ज़्यादा लोकप्रियता हासिल करके बाहर आए हैं.''
हाल की में मुग़ल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान किया गया था. बीते सालों में मुग़ल शासकों को लेकर बीजेपी नेताओं की तरफ़ से बयान आते रहे हैं.
शहरों के नाम बदलने, मुग़लों के योगदान हटाए जाने से जुड़े सवाल पर भी अमित शाह ने अपनी प्रतिक्रिया दी.
नाम बदलने पर क्या बोले अमित शाह

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अमित शाह ने कहा, ''मुग़लों का योगदान ना हटाना चाहिए. न हम हटाना चाहते हैं. पर अगर कोई इस देश की परंपरा को स्थापित करना चाहता है तो इसमें किसी की आपत्ति नहीं होनी चाहिए.''
उन्होंने आगे कहा- एक भी शहर ऐसा नहीं है, जिसका पुराना नाम न हो और बदला है. इस पर बहुत सोच समझकर हमारी सरकारों ने फ़ैसले लिए हैं और हर सरकार का ये विधायी अधिकार है.

अमित शाह ने इंटरव्यू के दौरान ये भी दावा किया कि बिहार और झारखंड में नक्सवादी उग्रवाद लगभग समाप्त हो चुका है.
गृह मंत्री ने कहा, "मुझे विश्वास है कि छत्तीसगढ़ में भी कुछ ही समय में शांति बहाल करने में हम सफल होंगे. जम्मू-कश्मीर में भी आतंकवाद से संबंधित सभी प्रकार के आँकड़े सबसे अच्छी स्थिति में हैं.
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अमित शाह ने पूर्वोत्तर राज्यों में मोदी सरकार की नीतियों का भी ज़िक्र किया और कहा कि पीएम मोदी ने उत्तर-पूर्व और भारत के बाक़ी के हिस्सों के बीच जो मन की दूरी थी उसे समाप्त कर दिया है.
अमित शाह ने कहा- आज उत्तर-पूर्व के लोगों को मन से लगता है कि बाक़ी हिस्सों में हमारा सम्मान है. बाक़ी राज्यों से लोग उत्तर-पूर्व जाते हैं तो वे उनका भी सम्मान करते हैं.
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