बिहार: कैमूर में दो महिला होमगार्ड का शिक्षक को पीटने का वीडियो वायरल, क्या है मामला

वीडियो कैप्शन, बुज़ुर्ग शिक्षक पर डंडे बरसाती दिखीं महिला पुलिसकर्मी
    • Author, चंदन कुमार जजवाड़े
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, पटना से

बिहार के कैमूर में दो महिला होमगार्ड के सरेआम 58 साल के एक शिक्षक को पीटने का मामला सामने आया है जिसके बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए दोनों महिला होमगार्ड को तीन महीने के लिए नौकरी से निलंबित कर दिया है.

ये घटना कैमूर ज़िले के भभुआ की है जहां शुक्रवार को ट्रैफिक संचालन के दौरान ये घटना घटी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

कैमूर के पुलिस अधीक्षक ललित मोहन शर्मा के मुताबिक़ दोनों महिला होम गार्ड को तीन महीने के लिए नौकरी से निलंबित कर दिया गया है.

कैमूर के ज़िला पदाधिकारी के आदेश में कहा गया है कि "दो महिला होमगार्ड के एक व्यक्ति को पीटने का वायरल वीडियो सामने आने के बाद उसकी जांच की गई जिसके बाद दोनों को तत्काल प्रभाव से तीन महीने के लिए कर्तव्य से वंचित किया जाता है."

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पीड़ित शिक्षक का क्या है कहना?

पीड़ित शिक्षक की पहचान नवल किशोर पांडे के तौर पर की गई है.

58 साल के नवल किशोर का कहना है कि वो एक निजी स्कूल में अंग्रेज़ी विषय के शिक्षक हैं और शुक्रवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद जयप्रकाश चौक से वापस आ रहे थे. उस वक्त सड़क पर ट्रैफिक था और वो अपने साइकिल से रोड पार कर रहे थे.

महिला होमगार्ड ने उनसे कुछ कहा लेकिन वो इसे नज़रअंदाज़ करते हुए आगे बढ़ गए. इस पर एक महिला होमगार्ड साइकिल के आगे आ गईं और दूसरे ने पीछे से साइकिल पकड़ ली. दोनों उन्हें ये कहते हुए पीटने लगीं कि "आपने क्या कहा और क्यों गाली दी?"

उन्होंने कहा, "चौक पर भीड़भाड़ थी. मैंने दोनों हाथों से साइकिल पकड़ी हुई थी. उन्होंने एक डंडा मेरे हाथ पर लगा दिया. मैंने उन्हें नज़रअंदाज़ किया और बिना कुछ बोले आगे बढ़ा तो उन्होंने पीछे से आकर मेरी साइकिल पकड़ ली. एक होमगार्ड मेरे आगे हो गईं और दूसरी मेरे पीछे हो गईं. दोनों ने मुझे मारना शुरू कर दिया. लेकिन मैंने उनसे कुछ नहीं कहा था."

नवल किशोर पांडे

इमेज स्रोत, Abhinav Kumar

नवल किशोर ने इस मामले में पुलिस में शिकायत नहीं कराई है. वो कहते हैं, "इसके बाद वहां कई लोग जुट गए और उन्होंने महिला होमगार्ड से मुझे छोड़ने के लिए कहा. मुझे क़रीब 20 डंडे पड़े हैं. मुझे समझ नहीं आया कि मैं क्या करूं, मुझे दर्द हो रहा था इसलिए मैं घर आ गया."

उन्होंने कहा कि महिला होमगार्ड को नौकरी से बर्ख़ास्त किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "मुझे चोट तो आई ही है, मेरे सम्मान को भी चोट पहुंची है."

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पुलिस ने क्या कहा?

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कैमूर के जिला पुलिस अधीक्षक ललित मोहन शर्मा ने कहा, "देखने पर ये पुलिस की छवि धूमिल करने का मामला लग रहा है. इस तरह की हरकत की उम्मीद पुलिस से नहीं की जाती."

उन्होंने बीबीसी को बताया है कि मामला सामने आने के बाद भभुआ के डिप्टी पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच करने को कहा गया. उन्होंने चौबीस घंटों के बीच अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी जिसके बाद विभाग ने दोनों महिला होमगार्ड को निलंबित किया है.

उन्होंने बताया कि जांच में महिला होमगार्ड ने कहा है कि जब नवल किशोर को सड़क से हटने को कहा गया तो उन्होंने स्थानीय ज़ुबान में महिला होमगार्ड के लिए कुछ अपशब्द कहे, जिसके बाद महिला होमगार्ड ने उन्हें पीटा.

ललित मोहन शर्मा कहते हैं कि "जो भी वजह हो, लेकिन ये ग़लत था इसलिए हमने इसके ख़िलाफ़ एक्शन लिया है."

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