बीजेपी को मोदी का संदेश- 400 दिन शेष हैं, सभी तबकों तक पहुंचने में करें वक़्त का इस्तेमाल - प्रेस रिव्यू

नरेंद्र मोदी

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मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं से कहा कि अगले लोकसभा चुनावों में मात्र 400 दिन का वक़्त बचा है. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनावी हितों को परे रखते हुए समाज के सभी वर्गों के लिए पार्टी को पूरे समर्पण की भावना से काम करना चाहिए.

राजधानी दिल्ली में हुई बीजेपी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आख़िरी दिन मोदी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को अल्पसंख्यक और हाशिए पर रहने वाले समुदायों समेत समाज के सभी तबकों तक पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए.

सूत्रों के हवाले से द हिंदू, जनसत्ता और द इंडियन एक्सप्रेस ने कहा है कि मोदी ने "संवेदनशीलता के साथ समाज के सभी अंगों से रिश्ता जोड़ने" की बात की और ख़ासकर पसमांदा, बोहरा और सिखों जैसे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों समेत दूसरे वर्गों के लिए काम करने की बात की. हालांकि तीनों अख़बारों का कहना है कि उन्होंने इन समुदायों का नाम लिया या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है.

द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, "इन समुदायों के बीच भरोसा क़ायम करने के लिए" उन्होंने ये अपील की है.

द हिन्दू अख़बार में छपी ख़बर के अनुसार, मोदी ने कहा कि भारत का "सबसे अच्छा दौर आने वाला है जिसे कोई रोक नहीं सकता". ऐसे में बीजेपी को देश के विकास के प्रति समर्पित होने की और अमृत काल (2047 तक के 25 साल के वक्त) को कर्तव्य काल में बदलने की ज़रूरत है.

अख़बार लिखता है कि मोदी ने इस दौरान सूफ़ीवाद की बात की और कार्यकर्ताओं से कहा कि वो अलग-अलग वर्गों, अलग-अलग तरह का काम करने वालों से मिलें.

अख़बार के अनुसार, नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी को किसी तरह का "अतिविश्वास" नहीं कहना चाहिए. उन्होंने कहा कि 1998 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस कम लोकप्रिय थी, लेकिन फिर भी दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में उसने बीजेपी को हरा दिया था.

बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी

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अगले चुनावों पर नज़र

मोदी ने पर्यावरण बचाने की भी बात की और कहा कि सरकार के अभियानों के साथ-साथ पार्टी को भी "बेटी बचाओ" की तरह "धरती बचाओ" का अभियान शुरू करना चाहिए. उन्होंने कृत्रिम खाद का इस्तेमाल कम करने की भी सलाह दी.

अख़बार लिखता है कि मोदी के संबोधन के बारे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेन्द्र फडनवीस ने मीडिया से कहा, "बीजेपी अब एक राजनीतिक आंदोलन नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है और सामाजिक और आर्थिक स्तर पर बदलाव लाने की कोशिश कर रही है."

वहीं द इंडियन एक्सप्रेस ने इस ख़बर को लेकर लिखा है कि इस साल नौ राज्यों में और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र एक रणनीति के तहत बीजेपी अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है, इसी उद्देश्य से मंगलवार को पीएम मोदी ने "बिना चुनावी उद्देश्यों को मन में रखते हुए और वोटों के बारे में न सोचते हुए" समाज के सभी तबकों तक पहुंचने की बात की है.

अख़बार लिखता है कि मोदी के संबोधन को बीते साल जुलाई में हैदराबाद में हुई बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की तर्ज पर समझा जा सकता है. बीते साल हुई कार्यकारिणी में मोदी ने पसमांदा मुसलमानों और केरल में ईसाई समुदाय से जुड़ने के लिए रास्ते तलाश करने की बात की थी.

उस वक्त बीजेपी ने उत्तर प्रदेश और बिहार में पसमांदा मुसलमानों के लिए आउटरीच कार्यक्रम बनाया था और ये सुनिश्चित करने की कोशिश की थी कि केंद्र की योजनाएं उन तक पहुंचें.

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द इंडियन एक्सप्रेस और हिंदुस्तान टाइम्स में छपी ख़बर के अनुसार, पसमांदा मुसलामानों तक पहुंचने के लिए पार्टी के कार्यक्रमों के बारे में देवेन्द्र फडनवीस ने कहा, "प्रधानमंत्री ने कहा है कि हमारा सफ़र तब तक पूरा नहीं होगा जब तक हम सभी अल्पसंख्यकों को मुख्यधारा में शामिल नहीं कर लेते. उन्होंने सभी समुदायों तक पहुंचने की बात की और कहा कि चुनाव में अब 400 दिन बचे हैं और हमें अल्पसंख्यक समुदायों के लिए काम करने के लिए इस वक्त का इस्तेमाल करना चाहिए."

फडनवीस ने कहा, "प्रधानमंत्री का संबोधन हमें प्रेरित करने वाला था. उन्होंने हमें दिशा दी और भविष्य का विज़न दिया. उन्होंने कहा कि देश का सुनहरा दौर आ रहा है और हमें और मेहनत करनी चाहिए. ये एक राजनेता का भाषण नहीं था बल्कि एक स्टेट्समैन संबोधन था."

जनसत्ता ने लिखा है कि प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि "18 से लेकर 25 साल के आयुवर्ग के लोगों ने भारत का इतिहास नहीं देखा है और उन्हें पिछली सरकारों के तहत हुए 'भ्रष्टाचार और ग़लत कामों' की जानकारी नहीं है. इसलिए उन्हें जागरूक करने की आवश्यकता है, उन्हें भाजपा के सुशासन के बारे में बताने की अवश्यकता है."

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जगत प्रकाश नड्डा

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अगले आम चुनावों तक नड्डा बने रहेंगे पार्टी अध्यक्ष

मंगलवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का कार्यकाल भी एक साल और बढ़ाने का फ़ैसला किया गया है. जून 2019 में पार्टी का कार्यभार संभालने वाले नड्डा अब जून 2024 तक पार्टी के अध्यक्ष बने रहेंगे.

इसके लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रस्ताव दिया था जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया. गृहमंत्री अमित शाह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है.

इस साल कई राज्यों में होने वाले और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र इसे महत्वपूर्ण फ़ैसला माना जा रहा है.

श्रीलंका

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श्रीलंका की मदद के लिए भारत सरकार आई सामने

भारत सरकार ने आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे अपने पड़ोसी श्रीलंका की मदद करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को भरोसा दिया है. सोमवार को भारत आधिकारिक तौर पर श्रीलंका के 'डेट रीस्ट्रक्चरिंग' (क़र्ज़ का पुनर्संयोजन) कार्यक्रम का समर्थन करने वाला उसका पहला क्रेडिटर बना.

द हिंदू में छपी एक ख़बर के अनुसार, ये फ़ैसला ऐसे वक्त आया है जब श्रीलंकाई नेताओं के एक हाई लेवल प्रतिनिधिमंडल ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ बातचीत ख़त्म की है और भारतीय विदेश मंत्री 19 और 20 जनवरी को कोलंबो पहुंचने वाले हैं.

एक सूत्र के हवाले से अख़बार लिखता है कि "सोमवार शाम को भारत ने लिखित रूप से अपना आर्थिक भरोसा (फ़ाइनेन्शियल एश्योरेन्स) मुद्रा कोष को भेज दिया है. आधिकारिक तौर पर श्रीलंका को क़र्ज़ देने वाले यानी उसके क्रेडिटर की तरफ़ से दिया गया आर्थिक भरोसा कर्ज़ देने वाले निजी क़र्ज़दाताओं के समक्ष उसकी छवि को मज़बूत बनाएगा."

अर्थव्यवस्था के बिगड़ते हालातों के बीच श्रीलंका ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 2.9 अरब डॉलर के पैकेज की गुज़ारिश की थी और भारत के इस फ़ैसले के बाद वो इस कोशिश में एक क़दम आगे पहुंच गया है.

श्रीलंका के लिए भारत, चीन और जापान उसके बड़े क़र्ज़दाता रहे हैं. भारत के इस क़दम के बाद मुद्रा कोष से उसे मदद मिलने की संभावना बढ़ गई है, लेकिन जापान और चीन से भी इस तरह का भरोसा मिल जाए तो उसके लिए क़र्ज़ ले पाना आसान हो जाएगा.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि भारत के बाद जापान से भी "जल्द ही" मुद्रा कोष को आर्थिक भरोसा दिया जा सकता है.

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स्कूटरचालक पर बुज़ुर्ग को घसीटने का आरोप

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कर्नाटक के बेंगलुरू में 71 साल के एक बुज़र्ग को कथित तौर पर स्कूटर सवार एक व्यक्ति के एक किलोमीटर तक घसीटने का मामला सामना आया है.

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार, बंगलुरू के मगड़ी रोड पर स्कूटर पर सवार शख़्स की टक्कर एक बुज़ुर्ग की एसयूवी से हो गई थी. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, स्कूटर चालक से बात करने के लिए बुज़ुर्ग अपनी कार से उतरे, लेकिन उसने ने मौक़े से भागने की कोशिश की.

उन्होंने पीछे से स्कूटर को पकड़ने की कोशिश की ताकि वो भाग न सके, लेकिन क़रीब एक किलोमीटर तक स्कूटर उन्हें घसीटता हुआ ले गया.

इस मामले में पुलिस ने स्कूटर चालक को हिरासत में लिया है और उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है. पीड़ित बुज़ुर्ग को चोटें आई हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

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