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ऋषभ पंत के एक्सीडेंट की कवरेज से नाराज़ केंद्र, टीवी चैनलों को किया आगाह
भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार दुर्घटना और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के अलावा कई ऐसे मामले हैं जिनकी न्यूज चैनलों पर हुई रिपोर्टिंग को लेकर सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने नाराजगी जाहिर की है.
मंत्रालय ने सभी टीवी चैनलों को महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के खिलाफ हिंसा, मौत और दुर्घटना की रिपोर्टिंग कैसी की जानी चाहिए उसे लेकर एक एडवाइजरी जारी की है.
मंत्रालय ने प्रोग्राम कोड के खिलाफ जाकर खून, शवों, हमले के समय खून से सनी तस्वीरों और परेशान करने वाली फुटेज के इस्तेमाल को लेकर आगाह भी किया है.
बयान में कहा गया है कि टीवी चैनल, सोशल मीडिया से हिंसक वीडियो उठाकर बिना एडिटिंग के अपने चैनलों पर चला रहे हैं जिससे बच्चों पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालती हैं और ऐसा करना पीड़ितों की निजता पर सीधा हमला है.
30 दिसंबर, शुक्रवार की सुबह क्रिकेटर ऋषभ पंत, कार दुर्घटना में ज़ख्मी हो गए थे. उनकी कार दिल्ली-देहरादून हाईवे पर डिवाइडर से टकरा गई थी.
टक्कर के बाद उनकी कार में आग लग गई थी और वह पूरी तरह से जल गई थी.
हादसे के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर ऋषभ पंत की वो तस्वीरें आने लगी जिनमें उनके चेहरे से खून निकल रहा था. वहीं उनके पीछे कार जलती हुई दिख रही थी. तस्वीरों में उनकी आंखें बुरी तरह जख्मी दिखाई दे रही थीं.
मंत्रालय का कहना है कि कुछ न्यूज चैनलों ने ऋषभ पंत के एक्सीडेंट की ऐसी परेशान करने वाली तस्वीरों को बिना एडिट किए ऑनएयर किया.
कुछ डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म पर भी ऐसी तस्वीरें दिखाई दीं जिनमें ऋषभ पंत के माथे पर पट्टी बंधी हुई है और उस पर खून के निशान दिखाई दे रहे हैं.
मंत्रालय का कहना है कि टीवी चैनलों ने शवों, घायल लोगों की तस्वीरों और वीडियो, जिनमें खून दिखाई दे रहा है, करीब से बुजुर्गों और बच्चों को बेरहमी से पीटते हुए लगातार रिपीट मोड में दिखाया है. चैनलों ने इन तस्वीरों का ब्लर नहीं किया और न ही लॉन्ग शॉट का इस्तेमाल किया. इस तरह की घटनाओं की रिपोर्टिंग का तरीका दर्शकों के लिए परेशान करने वाला है.
मंत्रालय का कहना है कि इस तरह की घटनाओं की रिपोर्टिंग कैसी करनी है उसे प्रोग्राम कोड और एडवरटाइजिंग कोड में पहले से बताया गया है, जिसके तहत टीवी चैनलों को काम करना है.
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का जिक्र
प्रेस रिलीज़ और किन घटनाओं पर जताई चिंता
- 28 सितंबर, 2022: एक व्यक्ति पीड़िता के शव को घसीट रहा था. तस्वीरों में पीड़ित के चेहरे पर फोकस किया गया, जिसमें खून चारों तरफ बिखरा हुआ था.
- 6 अगस्त, 2022: बिहार के पटना में एक दर्दनाक घटना हुई, जिसमें एक शिक्षक पांच साल के बच्चे को बेरहमी से तब तक पीटते हुए देखा जा सकता है जब तक वह होश नहीं खो बैठता. वीडियो को आवाज़ के साथ चलाया गया, जिसमें दया की भीख मांगते हुए बच्चे की दर्दनाक चीखें सुनी जा सकती हैं. इसे चैनलों ने 9 मिनट से ज़्यादा दिखाया.
- 4 जून, 2022: पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के मृत शरीर की वो तस्वीरें दिखाई गई जिसमें उन्हें गोलियां लगी हुई थीं. तस्वीरों को धुंधला नहीं किया गया.
- 25 मई, 2022: असम के चिरांग जिले में एक व्यक्ति, दो नाबालिग लड़कों को डंडे से बेरहमी से पीटते हुए दिखाई दे रहा था. इस वीडियो को भी आवाज़ के साथ चलाया गया जिसमें लड़कों के रोने की आवाज़ साफ तौर पर सुनाई दे रही है.
- 15 मई, 2022: कर्नाटक में एक पड़ोसी, महिला वकील के साथ बेरहमी से पिटाई की जिसे बिना धुंधला किए हुए चैनलों ने दिखाया.
- 12 अप्रैल, 2022: पांच शवों की तस्वीरों को बिना धुंधला किए हुए बार-बार दिखाया गया.
- 11 अप्रैल, 2022: केरल में एक व्यक्ति अपनी 84 साल की मां को बेरहमी से पीट रहा है. इन तस्वीरों को करीब 12 मिनट तक बिना धुंधला किए चलाया गया.
क्या कह रहे हैं लोग
इसके अलावा सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कई और घटनाओं का जिक्र करते हुए टीवी चैनलों से मौत, अपराध, दुर्घटना और हिंसा के मामलों की रिपोर्टिंग को प्रोग्राम कोड के तहत ही करें.
मंत्रालय के एडवाइजरी जारी करने पर कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है. राजेंद्र नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि सिर्फ बात करने से कुछ नहीं होगा, केंद्र सरकार को चैनलों के खिलाफ ऐसा करने पर कार्रवाई करनी होगी. ऐसे आगाह करने का कोई फायदा नहीं है.
वहीं अंशमन रथ नाम के यूजर ने लिखा कि इस एडवाइजरी की बहुत जररूत थी.
अब कैसी है पंत की तबीयत
30 दिसंबर को सड़क दुर्घटना के बाद क्रिकेटर ऋषभ पंत को देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद उन्हें एयरलिफ्ट करके मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती किया गया.
यहां ऋषभ पंत के दाएं घुटने के लिगमेंट का ऑपरेशन किया गया. ये ऑपरेशन डॉ दिनशॉ पार्दीवाला ने किया. अस्पताल ने बताया, "शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे डॉ पार्दीवाला और उनकी टीम ने पंत का ऑपरेशन किया जो करीब दो से तीन घंटे तक चला."
फिलहाल ऋषभ पंत को चोट से उबरने में कुछ महीनों का समय लगेगा.
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