विस्तारा और एयर इंडिया का विलय: सिंगापुर एयरलाइंस और टाटा संस के बीच क़रार

सिंगापुर एयरलाइंस ने मंगलवार को ये कहा कि विस्तारा एयरलाइंस का टाटा संस की एयर इंडिया में विलय होगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, विस्तारा एयरलाइंस में इस समय टाटा संस की 51 फ़ीसदी और सिंगापुर एयरलाइंस की 49 फ़ीसदी शेयरहोल्डिंग है.

इस सौदे को लेकर सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड (एसआईए) और टाटा संस में जो समझौता हुआ है, उसके तहत एयर इंडिया में एसआईए की 25.1 फ़ीसदी हिस्सेदारी होगी.

एसआईए ने एक बयान में कहा है कि इस क़रार के तहत कंपनी एयर इंडिया में 250 मिलियन डॉलर (2058 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी.

नियामकों की मंज़ूरी मिल जाने के बाद उम्मीद की जा रही है कि मार्च, 2024 तक ये सौदा पूरा हो जाएगा. विलय के बाद माना जा रहा है कि भारत के एयरलाइन सेक्टर में दबदबा रखने वाली इंडिगो जैसी कंपनियों को कड़ी चुनौती मिलेगी.

एविएशन मार्केट

भारत के घरेलू बाज़ार में जगह बनाने के लिए सिंगापुर एयरलाइंस लंबे समय से कोशिश कर रही थी. लेकिन इस क़रार के बाद उसे दुनिया के सबसे तेज़ी से उभरते एविएशन मार्केट में क़दम मज़बूत करने में मदद मिलेगी.

समझौते से टाटा संस के लिए भी काफ़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं. कंपनी को उम्मीद है कि इस क़रार से एयर इंडिया और लो-कॉस्ट एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस की स्थिति बेहतर होगी.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस का एयर एशिया इंडिया में विलय होने जा रहा है. एयर एशिया इंडिया को टाटा ने अपने पुराने पार्टनर एयर एशिया से पहले ही खरीद लिया है.

सिंगापुर एयरलाइंस ने कहा है कि टाटा के साथ उसकी इस बात पर सहमति बनी है कि अगले दो वित्तीय वर्षों तक अगर एयर इंडिया को फ़ंड्स की ज़रूरत पड़ेगी तो और पूंजी का निवेश किया जाएगा.

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25.1 फ़ीसदी की हिस्सेदारी के लिए एसआईए को 615 मिलियन डॉलर तक ख़र्च करना पड़ सकता है, लेकिन इस रक़म का भुगतान विलय होने के बाद ही करना है.

कंपनी ने कहा है कि वो विकास की योजना को बढ़ाने के लिए अपने आंतरिक संसाधनों का इस्तेमाल करेगी.

एसआईए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोह चून फ़ोंग ने इस समझौते पर कहा, "हम एयर इंडिया के कायापलट की योजना को आगे बढ़ाने, उसकी संभावनाओं को ज़मीन पर उतारने और वैश्विक मंच पर उसे एक अग्रणी एयरलाइन के तौर पर स्थापित करने के लिए मिल कर काम करेंगे."

एसआईए की ओर से जारी किए गए बयान में टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन के हवाले से कहा गया है कि उनकी कंपनी एयर इंडिया को मज़बूत करने के लिए सिंगापुर एयरलाइंस के साथ पार्टनरशिप को लेकर उत्साहित है.

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एयर इंडिया का अधिग्रहण

इससे पहले नमक से सॉफ़्टवेयर तक का कारोबार करने वाले टाटा समूह ने पिछले साल अक्टूबर में क़र्ज़ में डूबी सरकारी एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया की 100 फ़ीसदी हिस्सेदारी 18,000 करोड़ रुपये में ख़रीद ली थी.

ग़ौरतलब है कि एयर इंडिया को ख़रीदने के लिए सात कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई थी.

एयर इंडिया को ख़रीदने की दौड़ में टाटा सन्स ने स्पाइस जेट के प्रमोटर को मात दी. क़ीमत के तौर पर ये तय हुआ था कि टाटा सन्स एयर इंडिया के 15,300 करोड़ रुपये के क़र्ज़ का ज़िम्मा लेगा बाक़ी रक़म का वो नक़द में भुगतान करेगा.

रतन टाटा ने एयर इंडिया की 'घर वापसी' का स्वागत करते हुए तब ये कहा था, "टाटा समूह का एयर इंडिया की बोली जीतना एक बड़ी ख़बर है. एयर इंडिया को फिर से खड़ा करने के लिए हमें काफ़ी कोशिश करनी होगी. हमें उम्मीद है कि इससे टाटा समूह की एविएशन इंडस्ट्री में मौजूदगी से मज़बूत व्यापारिक अवसर पैदा होंगे."

"भावनात्मक रूप से कहें तो जेआरडी टाटा के नेतृत्व में एयर इंडिया ने एक समय में दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित एयरलाइंस में से एक का रुतबा हासिल किया था. शुरुआती सालों में एयर इंडिया का जो साख और सम्मान था, टाटा समूह को उसे फिर से हासिल करने का एक मौक़ा मिला है.

जेआरडी टाटा अगर हमारे बीच होते तो उन्हें बेहद ख़ुशी होती. चुनिंदा उद्योगों को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोले जाने के लिए अपनाई हालिया नीति के लिए हम सरकार का शुक्रिया अदा करते हैं. वेकलम बैक, एयर इंडिया."

सरकार पहले भी एयर इंडिया को बेचने की कई बार कोशिश कर चुकी थी, लेकिन इसके लिए खरीदार नहीं मिले थे. सरकार ने इस बार एयर इंडिया को बेचने की शर्तों में काफ़ी बदलाव किए थे.

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एयर इंडिया इतना आकर्षक क्यों है?

घाटे में चलने के बावजूद एयर इंडिया के पास काफ़ी परिसंपत्तियां है. लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर उसका अपना स्लॉट है. 130 विमानों का बेड़ा और साथ में हज़ारों ट्रेंड पायलट और क्रू.

टाटा समूह को इस सौदे के साथ ही देश के हवाई अड्डों पर 4400 घरेलू और 1800 अंतरराष्ट्रीय लैंडिंग और पार्किंग स्लॉट्स और विदेशों में 900 स्लॉट्स मिले हैं.

इसके अलावा एयर इंडिया के पास करोड़ों डॉलर का रियल एस्टेट है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, साल 2020 के मार्च के महीने में इसका मूल्यांकन 6 अरब डॉलर का किया गया था.

एयर इंडिया के पास 40,000 कलाकृतियों का कलेक्शन है जिसमें स्पैनिश कलाकार सल्वाडोर डाली का गिफ़्ट किया हुआ ऐशट्रे भी शामिल है.

भारत का विमानन क्षेत्र 20 फ़ीसदी की सालाना दर से बढ़ रहा है. विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय बाज़ार की पूरी क्षमता का दोहन अभी तक नहीं हो पाया है. विशेषज्ञों का कहना है कि एयर इंडिया में टाटा समूह के लिए काफ़ी संभावनाएं हैं.

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