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दुनिया के अभी ये सात देश जिनकी कमान है भारतवंशियों के पास
भारतीय मूल के ब्रितानी सांसद ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. दुनिया भर के नेताओं में इसे लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इसे एक ऐतिहासिक घटना बताया है. वहीं, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनक को बधाई देते हुए कहा है कि वह आने वाले दिनों में उनके साथ मिलकर दोनों देशों के साझा हितों पर काम करेंगे.
भारतीय सोशल मीडिया में सुनक की इस उपलब्धि पर ख़ासी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.
भारतीय व्यवसायी आनंद महिंद्रा ने इस मौके पर ट्वीट कर लिखा है कि 'विंस्टन चर्चिल ने साल 1947 में भारतीय स्वतंत्रता के मौक़े पर कहा था कि '...भारतीय नेता कम क्षमताओं वाले लोग होंगे.' आज हमारी आज़ादी के 75वें वर्ष में हम भारतीय मूल के एक शख़्स को ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनते देख रहे हैं...ज़िंदगी ख़ूबसूरत है.'
इस मौक़े पर दुनिया के दूसरे तमाम मुल्कों में शीर्ष पदों पर बैठे भारतीय मूल के नेताओं का ज़िक्र किया जा रहा है.
इस समय अमेरिका से लेकर ब्रिटेन, कनाडा, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया समेत कई अफ़्रीकी और एशियाई मुल्कों में भारतीय मूल के नेता प्रतिष्ठित पदों पर हैं.
आइए जानते हैं ब्रिटेन के अलाव उन छह देशों के बारे में जिनकी कमान उनके पास है, जिनकी जड़े भारत से जुड़ी रही हैं.
पुर्तगाल में प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा
यूरोप में भारतीय मूल के नेताओं में एंटोनियो कोस्टा का नाम प्रमुखता से लिया जाता है. वह पुर्तगाल के प्रधानमंत्री हैं.
एंटोनियो के पिता ओरलैंडो कोस्टा एक कवि थे. उन्होंने उपनिवेश विरोधी आंदोलन में हिस्सा लिया था और पुर्तगाली भाषा में 'शाइन ऑफ़ एंगर' नामक मशहूर किताब लिखी थी.
दादा लुई अफोन्सो मारिया डी कोस्टा भी गोवा के निवासी थे. हालांकि, एंटोनियो कोस्टा का जन्म मोज़ांबीक़ में हुआ, पर उनके रिश्तेदार आज भी गोवा के मरगाओ के नज़दीक रुआ अबेद फ़ारिया गांव से जुड़े हैं.
अपनी भारतीय पहचान पर कोस्टा ने एक बार कहा था कि 'मेरी चमड़ी के रंग ने मुझे कभी भी कुछ भी करने से नहीं रोका. मैं अपनी त्वचा के रंग के साथ सामान्य रूप से रहता हूँ.'
यही नहीं, कोस्टा भारत के ओसीआई कार्ड धारकों में शामिल हैं. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2017 में उन्हें उनका ओसीआई कार्ड सौंपा था.
मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ
मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ भी भारतीय मूल के राजनेता हैं, जिनकी जड़ें भारत के बिहार से जुड़ी हुई हैं.
प्रविंद जगन्नाथ के पिता अनिरुद्ध जगन्नाथ भी मॉरिशस की राजनीति के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे. वह मॉरिशस के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री पद पर रहे थे.
मौजूदा प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ कुछ समय पहले अपने पिता की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने के लिए भी वाराणसी आए थे. इसके साथ ही वह अलग-अलग मौकों पर भारत आते रहे हैं.
मॉरिशस के मौजूदा राष्ट्रपति पृथ्वीराजसिंह रूपन भी भारतीय मूल के राजनेता ही हैं.
सिंगापुर की राष्ट्रपति हलीमा याक़ूब
सिंगापुर की राष्ट्रपति हलीमा याक़ूब के पूर्वजों की जड़ें भी भारत से जुड़ी हैं. उनके पिता भारतीय मूल के थे. उनकी माँ मलय मूल की थीं.
सिंगापुर में मलय आबादी लगभग 15 फ़ीसद है. मलय मूल के लोग इंडोनेशिया और मलेशिया में फैले हुए हैं.
इसके बाद भी हलीमा याक़ूब ने सिंगापुर की पहली महिला राष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया है.
इससे पहले वह सिंगापुर की संसद में अध्यक्ष पद की भूमिका निभा रही थीं. हलीमा याक़ूब ने इससे पहले संसद की पहली महिला अध्यक्ष बनकर भी इतिहास रचा था.
सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी
लैटिन अमेरिकी देश सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी भी ऐसे राजनेता हैं, जिनके तार भारत से जुड़े हुए हैं.
भारतीय-सूरीनामी हिंदू परिवार में जन्म लेने वाले चंद्रिका प्रसाद संतोखी को चान संतोखी कहा जाता है.
कुछ ख़बरों के मुताबिक़, चंद्रिका प्रसाद संतोखी ने राष्ट्रपति पद की शपथ संस्कृत भाषा में ली थी.
गुयाना के राष्ट्रपति इरफ़ान अली
कैरिबियाई देश गुयाना के राष्ट्रपति इरफ़ान अली के पूर्वजों की जड़ें भी भारत से जुड़ी हैं.
उनका जन्म साल 1980 में एक भारतीय मूल के परिवार में हुआ था.
सेशेल के राष्ट्रपति वावेल रामकलावन
सेशेल के राष्ट्रपति वावेल रामकलावन भी भारतीय मूल के नेता हैं, जिनके पूर्वज भारत के बिहार प्रांत से जुड़े हुए हैं. उनके पिता एक लोहार थे. वहीं, उनकी माँ एक शिक्षक थीं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2021 में उन्हें भारत का बेटा बताते हुए कहा था कि 'वावेल रामकलावन की जड़ें बिहार के गोपालगंज से जुड़ी हुई हैं. आज न सिर्फ़ उनके गाँव बल्कि पूरे भारत के लोग उनकी उपलब्धियों पर गर्व करते हैं.'
अमेरिका में कमला हैरिस ने रचा इतिहास
भारतीय मूल के शीर्ष नेताओं में अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस भी हैं.
साल 2021 में उन्हें 85 मिनट के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शक्तियां दी गई थीं. इसके साथ ही कमला हैरिस अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति पद की शक्ति संभालने वाली पहली महिला बन गयीई थीं.
इससे पहले कमला हैरिस ने अमेरिकी लोकतंत्र के 250 साल लंबे इतिहास में पहली महिला, पहली काली और पहली एशियाई-अमेरिकी महिला उप-राष्ट्रपति बनकर भी इतिहास रचा था.
कमला हैरिस भारत के साथ अपने जुड़ाव का खुलकर ज़िक्र करने के लिए भी जानी जाती हैं.
उन्होंने साल 2018 में अपनी आत्मकथा, 'द ट्रुथ वी टोल्ड' में लिखा है कि "लोग मेरा नाम किसी विराम चिन्ह यानी "Comma-la'' की तरह बोलते हैं."
इसके बाद कैलिफोर्निया की सीनेटर कमला अपने भारतीय नाम का मतलब समझाती हैं. कमला ने बताया था कि "मेरे नाम का मतलब है 'कमल का फूल'. भारतीय संस्कृति में इसकी काफ़ी अहमियत है. कमल का पौधा पानी के नीचे होता है. फूल पानी के सतह से ऊपर खिलता है. जड़ें नदी तल से मज़बूती से जुड़ी होती हैं."
कमला भारत में जन्मी मां और जमैका में पैदा हुए पिता की संतान हैं.
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