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केरल: नीट परीक्षा से पहले लड़कियों से इनरवियर उतारने के लिए कहा गया
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
केरल के कोल्लम ज़िले में रविवार को हुई नीट परीक्षा के दौरान एक सेंटर पर कई लड़कियों से इनरवियर उतारने के लिए कहे जाने का मामला सामने आया है.
कोल्लम के एक शैक्षणिक संस्थान में ये परीक्षा हो रही थी जहां इन लड़कियों से ये कहा गया कि वे अपने इनरवियर उतारने के बाद ही परीक्षा में शामिल हो सकेंगी.
चौंका देने वाली घटना की जानकारी तब सामने आई जब एक पिता ने कोल्लम रूरल पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई.
परीक्षा केंद्र पर हुई इस ज़्यादती की वजह से हुई शर्मिंदगी के कारण उनकी बेटी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था.
लड़की के पिता गोपाकुमार सूरानद ने बीबीसी हिंदी को बताया, "उसने मुझे बताया कि जो कुछ भी उसने पढ़ रखा था, वो सब भूल गई. फिर भी उसने कुछ सवालों के जवाब किसी तरह लिखे."
अपनी शिकायत में गोपाकुमार ने बताया है, "मेरी बेटी को परीक्षा केंद्र पर इनरवियर उतारने के लिए कहा गया जबकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जो ड्रेस कोड तय किया है, उसमें इस बात का कोई ज़िक्र नहीं था. मेरी बेटी ने जब ऐसा करने से मना कर दिया तो उसे परीक्षा देने से मना कर दिया गया."
पुलिस में दर्ज शिकायत में गोपाकुमार ने लिखा है, "मेरी बेटी ने बताया कि एक कमरा इनरवियर से भरा हुआ था. उनमें से बहुत से लोग रो रहे थे. नीट एक प्रमुख प्रवेश परीक्षा है, इस तरह के भद्दे बर्ताव से बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. बहुत सी लड़कियां अपनी ब्रॉ का हुक खोल और बंद कर रही थीं."
'मानवीय गरिमा का अपमान'
लड़की के चाचा अजित कुमार ने बीबीसी हिंदी को बताया, "पहले तो उसे इनरवियर उतारने के लिए कहा गया. वो रोने लगी थी और बाद में उसे एक कमरे में ले जाया गया. जब वहां चारों ओर लड़के और लड़कियां थीं तो इनरवियर उतारने के लिए कहने की क्या ज़रूरत थी?"
कोल्लम रूरल के पुलिस सुप्रिटेंडेंट कार्यालय के एक अधिकारी ने बीबीसी हिंदी को बताया, "हमने लड़की का बयान दर्ज किया है. हम शिकायत पर कार्रवाई करेंगे और कुछ समय में एफ़आईआर दर्ज कर ली जाएगी."
गोपाकुमार ने बताया कि उस परीक्षा केंद्र की अन्य लड़कियों के माता-पिता भी अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस से संपर्क कर रहे हैं.
केरल की सामाजिक न्याय मामलों की मंत्री आर बिंदु ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बीबीसी हिंदी से कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ-साथ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भी इस बारे में लिखेगी क्योंकि ये मानवीय गरिमा का अपमान है.
उन्होंने कहा, "ऐसी घटनाओं का छात्र-छात्राओं के दिलोदिमाग पर गहरा असर पड़ता है और ऐसी निंदनीय घटनाएं दुबारा नहीं होनी चाहिए."
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है...
ऐसा नहीं है कि नीट परीक्षा में इस तरह की घटना पहली बार हुई है. साल 2017 में केरल के ही कन्नूर ज़िले में ऐसा ही एक वाक़या हुआ था.
तब एक लड़की ने शिकायत की थी कि उसे परीक्षा में शामिल होने से इसलिए रोका गया था क्योंकि उसने काले रंग की ट्राउज़र पहन रखी थी.
उस लड़की को अपनी मां के साथ दूसरी ट्राउज़र खरीदने के लिए पैदल ही कुछ किलोमीटर चल कर जाना पड़ा था.
रविवार का दिन होने की वजह से उस रोज़ ज़्यादातर दुकानें बंद थीं. जब वो लड़की प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर टेस्ट से गुजर रही थी तो मशीन बीप-बीप करने लगी.
अब समस्या उस लड़की की ब्रा में लगे मेटल हुक की वजह से हुई. लड़की को अपनी ब्रा उतारकर अपनी मां को देनी पड़ी जिसके बाद ही वो परीक्षा में शामिल हो पाई.
इसके अगले साल केरल के ही पालक्काड ज़िले में एक लड़की को शर्मिंदगी भरी स्थिति का सामना करना पड़ा जब उसे ब्रा उतारने के लिए कहा गया और उस लड़की का अनुभव तब और ख़राब हो गया जब उसने देखा कि इनविजलेटर (परीक्षा निरीक्षक) उसे लगातार घूर रहे थे.
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