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लखनऊ के लुलु मॉल में नमाज़ के वायरल वीडियो का क्या है पूरा मामला
- Author, अनंत झणाणें
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ से
लखनऊ में हाल में मशहूर 'लुलु' मॉल के उद्घाटन के बाद विवाद उठ खड़ा हुआ है.
दरसअल, मॉल में कुछ नमाज़ियों का नमाज़ अदा करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ. इसके बाद कुछ धार्मिक संगठनों ने उसका विरोध करना शुरू कर दिया.
वीडियो मॉल की दूसरी मंज़िल पर फ्लोर एरिया है, जिसमें लोग दिन के समय नमाज़ अदा करते नज़र आ रहे हैं.
वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया आने लगी कि अगर मॉल में नमाज़ अदा करने की इजाज़त है तो फिर उसकी तर्ज़ पर दूसरे धार्मिक कार्यक्रमों की भी इजाज़त होनी चाहिए.
गुरुवार को इस मांग को लेकर कुछ लोगों ने मॉल के अंदर दाखिल होने की कोशिश भी की लेकिन परिसर के बाहर तैनात पुलिस ने उन्हें मॉल में प्रवेश नहीं करने दिया. लखनऊ पुलिस ने मॉल प्रबंधन की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर सुशांत गोल्फ सिटी स्थित लुलु मॉल में नमाज पढ़ने वालों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया है.
मॉल के जनसंपर्क अधिकारी ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में गुरुवार की रात केस दर्ज कराया. धारा 153ए (धर्म, भाषा, जाति के आधार पर नफ़रत फैलाने की कोशिश), धारा 295ए (धार्मिक भावना आहत करने की कोशिश) समेत कई अन्य धाराओं के तहत एफ़आईआर दर्ज हुई है.
पुलिस को दिए गए पत्र में मॉल प्रबंधन ने ये भी कहा है कि, "मॉल के अधिकारियों द्वारा जांच में पाया गया कि नमाज़ में लुलु मॉल में नियुक्त कोई भी अधिकारी या कर्मचारी सम्मिलित नहीं था."
इस घटना के बाद मॉल में सुरक्षा के काफी कड़े इंतज़ाम देखने को मिले. मॉल के इर्द-गिर्द एहतियातन बड़ी संख्या पुलिस बल की तैनाती की गई है.
शुक्रवार को लखनऊ के डीएम और आला पुलिस अधिकारी भी मॉल पहुंचे और इस इंतजाम का जायज़ा लिया. हालांकि उन्होंने मीडिया को कोई औपचारिक बयान नहीं दिया.
फ़िलहाल पुलिस नमाज़ियों की पहचान करने में जुटी हुई है और मॉल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है.
मॉल प्रबंधन का क्या कहना है?
जब बीबीसी की टीम लखनऊ के लुलु मॉल पहुंची तो मॉल के प्रबंधन ने कोई औपचारिक बयान देने से इनकार कर दिया. सिर्फ़ मॉल के जीएम समीर वर्मा का एक वीडियो शेयर कर दिया.
वीडियो में समीर वर्मा कह रहे हैं, "लुलु मॉल सभी धर्मों का आदर करता है. किसी भी प्रकार का संगठित धार्मिक कार्य या प्रार्थना की अनुमति यहां नहीं दी जाती है. हम अपने फ्लोर स्टाफ, सिक्योरिटी स्टॉफ को कड़ी ट्रेनिंग देते हैं कि ऐसी गतिविधियों पर कड़ी और पर्याप्त नजर रखी जाए. इस मॉल को हम अंतरराष्ट्रीय स्तर का शॉपिंग डेस्टिनेशन बनाना चाहते हैं और हम अपने मीडिया के दोस्तों से ये आग्रह करते हैं कि आप सभी हमारा इस चीज में सहयोग करें."
क्या है मॉल में ग्राहकों की राय?
बीबीसी ने मॉल में शॉपिंग और सैर करने आए ग्राहकों से बात की और उनसे इस विवाद के बारे में उनकी राय जानने की कोशिश की.
250 किलोमीटर दूर खलीलाबाद से लुलु मॉल घूमने आए अकमल हुसैन का कहना था कि वो खलीलाबाद से लखनऊ केवल लुलु मॉल देखने आए थे.
मॉल में नमाज अदा करने के वीडियो वायरल होने के बारे अकमल को जानकारी नहीं थी. तो क्या मॉल में धार्मिक कार्यक्रमों की इजाज़त होनी चाहिए? इस बारे में वो कहते हैं कि, "मॉल में एक प्रेयर रूम होना चाहिए."
अपने परिवार के साथ मॉल घूमने आए लखनऊ के नसीब अली का कहना था वो देश के सबसे बड़े मॉल्स में से एक लुलु मॉल देखने आए हैं. नसीब को भी मॉल से जुड़े वायरल वीडियो के बारे में जानकरी नहीं थी.
लेकिन उनका कहना था, "अगर आप यहां शॉपिंग करने आए हैं तो केवल शॉपिंग ही करिए. धार्मिक काम तो उनकी अपनी जगह पर करने पर चाहिए. यहां शॉपिंग मॉल है तो यहां पर शॉपिंग ही होना चाहिए. धार्मिक काम इसके अंदर नहीं होना चाहिए. अपनी जगह पर ही हर चीज़ अच्छी लगती है."
लखनऊ के लुलु मॉल को खुले सिर्फ़ पांच दिन ही हुए हैं लेकिन लखनऊ की रहने वाली दीपिका यहां पर तीन बार आ चुकी हैं. अपने छोटे बेटे के साथ मॉल घूमने आईं दीपिका कहती हैं कि, "देखिए ये इस बात निर्भर करता है कि हम कहां से हैं, मान लीजिए अगर मैं कोई दुकान खोलती हूं और मैं हिंदू हूं तो अपनी पूजा कर सकती हूं. ये देश जो है वो धर्मनिरपेक्ष देश है तो मैं सोचती हूं ये सब कुछ ठीक है और जो लोग आ रहे हैं वो एंजॉय करने आ रहे हैं."
क्या मॉल में धार्मिक प्रार्थना करने की इजाज़त होनी चाहिए?
इस बारे में दीपिका कहती हैं, "मुझे ऐसा लगता है कि मॉल ऐसी जगह है जहां लोग सोच कर आते हैं मुझे मॉल जाना है. एयरपोर्ट जाना लोगों की ज़रूरत है. तो यह ठीक है अगर किसी ने यहां नमाज अदा की भी है तो उन्होंने अपने खुदा से दुआ मांगी है कि उनका मॉल अच्छा चले. और हम भी दुआएं ही करते हैं चाहे हम किसी भी धर्म के हों. किसी ने इतना बड़ा क़दम उठाया है. और हर धर्म के लोग आकर यहां एंजॉय ही कर रहे हैं तो यह ठीक है."
धूमधाम से खुला लुलु मॉल
सभी प्रमुख अखबारों में लखनऊ के लुलु मॉल के उद्घाटन का ऐलान करते हुए कई-कई पेज के विज्ञापन छपे हैं. शायद ही लखनऊ के इतिहास में किसी मॉल की शुरुआत से जुड़ा इतना प्रचार स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया में देखने को मिला.
10 जुलाई यानी बकरीद के दिन लखनऊ के लुलु मॉल का उद्घाटन खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया. हालांकि उन्होंने मॉल में कोई भाषण या बयान नहीं दिया लेकिन उनके साथ शासन के नेता और आला अधिकारी भी इस उद्घाटन में मौजूद थे.
लुलु मॉल चेन के संस्थापक यूसुफ़ अली ने खुद मुख्यमंत्री को गोल्फ बग्गी पर बैठा कर 400 मीटर लंबा दो मंज़िला मॉल को दिखाया.
मॉल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए और उनका शुक्रिया अदा करते हुए यूसुफ अली ने कहा कि, "मैं अगस्त 2017 में मुख्यमंत्री से उनका आशीर्वाद लेने के लिए मिला. हमारा प्रपोज़ल देखने के बाद मुझे मुख्यमंत्री ने कहा, आप काम शुरू कर दीजिए आपको कोई दिक़्क़त या तकलीफ़ नहीं होगी. तो यह हमारे निवेशकों का हमारे मुख्यमंत्री का कॉन्फिडेंस है. जो आप मॉल देख रहे हैं, वो हमारे चीफ़ मिनिस्टर के सपोर्ट से है. और हमने उसी समय मुख्यमंत्री जी को रिक्वेस्ट किया था कि आप ही आकर उद्घाटन करना. आपने हमारी बात मानी और आए, उसके लिए धन्यवाद."
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