क्या मुस्लिम सरपंच की जीत पर लगे थे पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे? फ़ैक्ट चेक

कटनी में विवाद

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    • Author, प्रशांत शर्मा
    • पदनाम, बीबीसी डिसइन्फ़ार्मेशन युनिट

सोशल मीडिया पर मध्यप्रदेश के कटनी ज़िले का एक वीडियो वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि वीडियो में जश्न मनाते लोगों ने "पाकिस्तान ज़िंदाबाद" के नारे लगाए.

ट्विटर, फ़ेसबुक और व्हाट्सएप्प ग्रुप में बीते कुछ दिनों से एक वीडियो को ख़ूब शेयर किया जा रहा है.

वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि "राशिया बेगम के चुनाव जीतते ही मध्यप्रदेश के कटनी में लगे 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे."

30 सेकंड के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग एक घर के बाहर जमा होकर जश्न मनाते दिख रहे हैं. इस दौरान सभी लोगों को एक साथ नारे लगाते हुए सुना जा सकता है.

दावे के अनुसार वीडियो में मौजूद भीड़ ने "पाकिस्तान ज़िंदाबाद" के नारे लगाए.

बहुत से न्यूज़ प्लेटफार्म और समाचार चैनलों ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो के सन्दर्भ में किये जा रहे दावों को सच जानकर ख़बर चलायी.

वायरल हो रहे वीडियो को अब तक लगभग 40 हज़ार से ज़्यादा बार अलग अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर किया जा चुका है और पाँच लाख से ज़्यादा बार देखा जा चुका हैं.

बीबीसी ने जब वायरल हो रहे वीडियो की पड़ताल की तो पाया कि वीडियो को सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ और झूठी सूचना के साथ फैलाया जा रहा है.

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कहाँ और कब का है वीडियो ?

बीबीसी ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा वीडियो मध्यप्रदेश के कटनी ज़िले में आने वाली चाका ग्राम पंचायत का है.

एक जुलाई 2022 को चाका ग्राम पंचायत में सरपंच के चुनाव के लिए मतदान था. सरपंच चुनावों में एक प्रत्याशी वाजिद भाई की पत्नी रहीसा बेग़म भी थी. चुनाव के नतीजे आने के बाद रहीसा बेगम चाका ग्राम पंचायत का चुनाव जीतकर लगातार दूसरी बार सरपंच बनी.

चुनाव में मिली जीत को लेकर वाजिद भाई और रहीसा बेग़म के समर्थकों ने उनके घर के बाहर जीत का जश्न मनाया और जमकर नारेबाज़ी की.

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क्या लगे "पाकिस्तान ज़िंदाबाद" के नारे ?

बीबीसी ने जब वायरल वीडियो में लग रहे नारों को कई बार, बड़े ध्यान से सुना तो पता चला कि वीडियो में लगने वाले नारे "पाकिस्तान ज़िंदाबाद" के नहीं थे.

नारे वाजिद भाई के समर्थन में लग रहे थे और नारों के बोल थे, "जीत गया भई जीत गया, वाजिद भाई जीत गया" और "वाजिद भाई ज़िंदाबाद".

बीबीसी ने मामले में और जानकारी के लिए कटनी के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार जैन से बात की.

सुनील कुमार जैन ने बीबीसी को बताया कि पुलिस को घटना का जो वीडियो मिला है उसमें पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे नहीं है. उन्होंने भी कहा कि नारे 'वाजिद भाई ज़िंदाबाद' के लग रहे थे.

लेकिन पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस वीडियो को जांच के लिए उसे फ़ोरेंसिक एक्सपर्ट को सौंप दिया है.

ट्विटर पर काशिफ़ ककवी नाम के एक यूज़र ने वाजिद खान के मीडिया को दिए स्पष्टीकरण का वीडियो भी साझा किया है.

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वायरल वीडियो मामले के तूल पकड़ने के बाद वाजिद खुद मीडिया के सामने आए और मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा, "जीत के जश्न में किसी भी तरह के कोई आपत्तिजनक नारे नहीं लगे थे."

उन्होंने कहा, "उनकी पत्नी बीजेपी की सक्रिय सदस्य है और पिछले पाँच साल भी वही सरपंच रही हैं और ये उनकी लगातार दूसरी जीत है."

वाजिद आगे कहते है कि जीत के जश्न में आये समर्थक "जीत गया भई जीत गया वाजिद भाई जीत गया" और "वाजिद भाई ज़िंदाबाद" "वाजिद ख़ान ज़िंदाबाद" के नारे लगा रहे थे जिसे "पाकिस्तान ज़िंदाबाद" बताया गया.

वाजिद ख़ान ने पुलिस से वीडियो की निष्पक्ष जाँच की मांगकर,दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

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