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अमरावती में उमेश कोल्हे की हत्या क्या नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर हुई?
- Author, नितेश राऊत
- पदनाम, अमरावती से, बीबीसी मराठी के लिए
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अब अमरावती में मेडिकल प्रोफ़ेशनल की हत्या की जांच करेगी.
उमेश कोल्हे की 11 दिन पहले महाराष्ट्र के अमरावती में हत्या कर दी गई थी.
भाजपा के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया था कि हत्या के सूत्र नूपुर शर्मा मामले से जुड़े हुए हैं.
पुलिस के मुताबिक कुछ दिन पहले उदयपुर में एक दर्जी की हत्या भी इसी मामले से जुड़ी थी.
इसलिए एनआईए अब जांच करेगी कि क्या अमरावती और जोधपुर मामलों के बीच कोई सीधा संबंध है. पुलिस ने उमेश कोल्हे हत्याकांड में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है.
अमरावती के डीसीपी विक्रम ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया कि गिरफ्तार लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 120B, और 109 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
उन्होंने कहा, "प्रथम दृष्टया लग रहा है कि उन्होंने (उमेश कोल्हे) नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर जो पोस्ट किया था उस कारण यह घटना हुई."
कैसे हुई हत्या?
उमेश कोल्हे की अमरावती तहसील कार्यालय के पास रचनाश्री मॉल में अमित वेटरनरी नामक एक मेडिकल शॉप है.
21 जून की रात वो अपनी मेडिकल शॉप बंद कर के घर चले गए थे. 51 वर्षीय उमेश कोल्हे एक गाड़ी में थे जबकि दूसरी गाड़ी में उनका बेटा संकेत और पत्नी वैष्णवी थी.
रात करीब साढ़े दस बजे चार-पांच हमलावरों ने उन्हें पकड़ लिया, चाकू से उमेश का गला काट दिया और फरार हो गए.
उमेश के बेटे संकेत ने उन्हें पास के एक निजी अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
हमले के वक्त उमेश कोल्हे की जेब में 35 हजार रुपये नकद थे. लेकिन हमलावरों ने उसे छुआ तक नहीं. इसलिए हत्या पैसे लूटने के लिए नहीं की गई थी, शुरुआती जांच में यह स्पष्ट था.
उमेश के भाई ने क्या कहा?
उमेश कोल्हे के भाई महेश कोल्हे ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया, "भैया ने कुछ मैसेज नूपुर शर्मा के बारे में कुछ ग्रुप में फॉरवर्ड किए थे. लेकिन इतने छोटे से फॉरवर्ड से जानलेवा हमला होना, हम नहीं समझ पा रहे हैं. अभी तक हमें कोई दूसरा कारण नजर नहीं आ रहा है."
महेश कोल्हे ने कहा, "उनकी ( उमेश कोल्हे) कभी किसी से दु्श्मनी नहीं थी. हमें समझ नहीं आ रहा कि हत्या के पीछे क्या वजह हो सकती है. 12 दिन हो गए लेकिन पुलिस ने हमें कोई कारण नहीं बताया है. हमने पुलिस से पूछा कि क्या यह लूटपाट का मामला है तो पुलिस ने कहा कि लूटपाट में शरीर पर घाव किए जाते हैं, गले पर नहीं."
अब अमरावती पुलिस ने एक पर्चा निकाला है जिसमें कहा गया है कि उमेश कोल्हे ने नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था. घटना की जांच में सामने आया है कि घटना उसी प्रकार से संबंधित है और अब उसी दिशा में जांच की जा रही है.
पोस्ट वायरल हो गया
दवा की दुकान चलाने वाले उमेश कोल्हे 'ब्लैक फ्रीडम' नाम के एक व्हॉट्सऐप ग्रुप के सक्रिय सदस्य थे.
इस ग्रुप में हिन्दू समर्थक पोस्ट शेयर किए जाते थे. कुछ दिन पहले उमेश कोल्हे ने भी नूपुर शर्मा के विवादित बयान के समर्थन में यहां एक पोस्ट किया था.
अमरावती पुलिस को संदेह है कि वही पोस्ट समूह के बाहर वायरल हो गया होगा. उमेश कोल्हे पर इसलिए हमला किया गया था क्योंकि उन्होंने 'गलती से' इसे एक मुस्लिम समूह को भेज दिया था.
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