अमरावती में हुई हत्या और नूपुर शर्मा के बयान का हो सकता है कनेक्शन - प्रेस रिव्यू

नूपुर शर्मा

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राजस्थान के उदयपुर में दर्ज़ी कन्हैयालाल की हत्या के ठीक एक सप्ताह पहले, 21 जून को अमरावती में भी एक हत्या हुई थी.

उमेश प्रह्लादराव कोहले पेशे से केमिस्ट थे. 54 साल के उमेश की 21 जून को हत्या कर दी गई थी.

द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, शुरुआती जांच में पाया गया है कि कोहले को कथित तौर पर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नुपूर शर्मा के विवादित बयान का समर्थन करने के लिए मार दिया गया. अख़बार के मुताबिक़, कोहले ने नुपूर शर्मा के विवादित बयान का समर्थन करते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट डाली थी, जिसके बाद उनकी हत्या हो गई.

उमेश कोहले के बेटे संकेत कोहले की शिकायत के बाद अमरावती में सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन ने जांच शुरू की थी. इस दौरान पुलिस ने दो लोगों को 22 साल के मुदस्सिद अहमद और 25 साल के शाहरुख पठान को गिरफ़्तार किया था. उनसे जब सख़्ती से पूछताछ की गई तो पता चला कि इस घटना को अंजाम देने में चार और लोग भी शामिल थे.

उमेश पर यह हमला रात को दस बजे से लेकर साढ़े दस बजे के दौरान हुआ. वह 21 जून की तारीख़ थी और उमेश अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे. उमेश के बेटे संकेत और उनकी पत्नी दूसरी स्कूटर पर सवार थे.

उमेश के बेटे संकेत ने अपनी शिकायत में लिखवाया था, "हम प्रभात चौक से आगे बढ़ रहे थे और हमारे स्कूटर महिला कॉलेज के सामने से गुज़र रहे थे. मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक एकाएक मेरे पिता के स्कूटर के सामने आ गए. उन्होंने मेरे पिता का स्कूटर रुकवाया और उनमें से एक ने धारदार चाकू से मेरे पिता के गर्दन की बांयी ओर हमला कर दिया. मेरे पिता गिर पड़े और उनकी गर्दन से खून बह रहा था. मैंने तुरंत अपनी स्कूटर रोकी और मदद के लिए चिल्लाने लगा. इसके बाद वे सभी मौक़े से फ़रार हो गए."

कोहले को अस्पताल तो जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

एक सूत्र के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि कोहले ने नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाली एक सोशल मीडिया पोस्ट को वॉट्सऐप पर शेयर किया था. उन्होंने ग़लती से ये पोस्ट एक मुस्लिम शख़्स को भी शेयर कर दी थी, जो उनके कस्टमर थे. गिरफ़्तार किए गए एक शख़्स ने कहा कि उन्होंने पैग़ंबर मोहम्मद का अपमान किया था और इसलिए उनको मरना ही था.

पुलिस ने वह चाकू बरामद करके ज़ब्त कर लिया है, जिससे उमेश की हत्या की गई थी.

फडणवीस

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बीजेपी के महाराष्ट्र मुख्यालय के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए फडणवीस, तेलंगाना जाने पर भी संदेह

राज्य में सत्ता वापसी का जश्न मनाने के लिए शुक्रवार को बीजेपी के महाराष्ट्र मुख्यालय में एक समारोह का आयोजन किया गया, लेकिन इस कार्यक्रम में राज्य के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस शामिल नहीं हुए.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, उद्धव ठाकरे की महाविकास अघाड़ी गठबंधन सरकार गिरने के बाद महाराष्ट्र में सत्ता में वापसी का जश्न मनाने के उद्देश्य से दक्षिण मुंबई स्थित पार्टी के मुख्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.

इस कार्यक्रम में देवेंद्र फडणवीस के साथ-साथ उनके क़रीबी भी नदारद रहे. विधायक गिरीश महाजन, प्रवीण दारेकर, प्रसाद लाड और संजय कुते जैसे कई नेताओं ने कार्यक्रम में शिरकत नहीं की.

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गुरुवार को डिप्टी सीएम का पद संभालने से पहले सीएम एकनाथ शिंदे के साथ एक साझा प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वह सरकार का हिस्सा नहीं बनेंगे और सरकार को बाहर से समर्थन देंगे. लेकिन इस घोषणा के कुछ देर बाद ही इस बात की घोषणा कर दी गई कि देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम बन रहे हैं.

कार्यक्रम में मौजूद एक विधायक आशीष शेलार ने हालांकि फडणवीस के कार्यक्रम में शामिल ना होने पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह आयोजन मुंबई यूनिट के कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित की गई थी, इसमें महाराष्ट्र के सभी नेताओं के शामिल होने की संभावना पहले से ही नहीं थी.

उन्होंने आगे कहा, "रही बात फडणवीस के ना शामिल होने की तो पार्टी ने एकबार भी यह नहीं कहा था कि वे इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे. ना ही बतौर डिप्टी सीएम, उनकी रोज़ाना की कार्यसूची में इसका उल्लेख था."

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अमर उजाला अख़बार की ख़बर के अनुसार, एक क़रीबी सूत्र ने बताया कि वह महाराष्ट्र के दो दिवसीय विशेष सत्र की तैयारियों में व्यस्त थे, इसलिए वे इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बने.

वही अख़बार ने इस बात की भी आशंका ज़ाहिर की है कि हो सकता है फडणवीस, हैदराबाद में आज से शुरू हो रहे दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी शामिल हों.

अख़बार के मुताबिक, बीजेपी के एक पदाधिकारी ने कहा है, "फडणवीस ने बीजेपी के शीर्ष नेताओं से बात की है और उन्हें राज्य की स्थिति के बारे में सूचित किया है. वह हैदराबाद में आज से शुरू हो रही बैठक में शामिल नहीं होंगे क्योंकि विधानसभा सत्र के साथ, कार्यकारिणी की बैठक की तारीख़ें ओवरलैप कर रही हैं."

संजय राउत

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संजय राउत से ईडी ने की 10 घंटे पूछताछ

शिवसेना नेता संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया था. शुक्रवार को ईडी के दफ़्तर पहुंचे राउत से अधिकारियों ने क़रीब 10 घंटे तक पूछताछ की.

पात्रा चॉल मामले में कथित मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में संजय राउत से पूछताछ की गई है.

पूछताछ के बाद ईडी कार्यालय से बाहर आए राउत ने कहा, "अगर उनके मन में हमें लेकर कोई संदेह है तो यह हमारा दायित्व है कि हम उनके संदेह को दूर करें. आज मुझसे 10 घंटे तक पूछताछ की गई और मैंने अपनी ओर से पूरा सहयोग किया."

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