सिद्धू मूसेवाला: दिल्ली पुलिस ने बताया कैसे हत्या को अंजाम दिया गया

सिद्धू मूसेवाला

इमेज स्रोत, Hindustan Times

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने कहा है कि पंजाब के जानेमाने गायक और कांग्रस नेता सिद्धू मूसेवाला पर सबसे पहले मनप्रीत मन्नू नाम के एक व्यक्ति ने गोली चलाई थी जिसके बाद पांच और शूटरों ने उन पर गोलियां चलाई थीं.

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के एचजीएस धालीवाल ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या में दो मॉड्यूल शामिल थे जिनका सीधा संपर्क कनाडा में बसे गैंगस्टर गोल्डी बरार से था.

पुलिस का कहना है कि इस मामले में उन्होंने 6 शूटरों की पहचान की थी. सोमवार को पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो मुख्य शूटर हैं.

एचजीएस धालीवाल ने कहा, हमलावरों ने हमला करने से पहले कई बार इलाक़े का दौरा कर जगह के बारे में अधिक जानकारी इकट्ठा की थी. जिन तीन शूटरों को सोमवार को गिरफ्तार किया गया है उनके पास से 8 ग्रेनेड, 9 इलेक्ट्रिक डिटोनेटर, 3 पिस्तौल (50 गोलियां) और एक असॉल्ट राइफ़ल बरामद किए गए.

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पुलिस का कहना है कि प्रियव्रत फौजी (26 साल) नाम का एक व्यक्ति इनमें से एक मॉड्यूल का प्रमुख था और गोल्डी बरार के साथ सीधे संपर्क में था. दुर्घटना के वक्त टीम का नेतृत्व प्रियव्रत ने ही किया था.

पुलिस के अनुसार प्रियव्रत पर हत्या के दो और आरोप हैं. इनमें से एक मामला 2015 का सोनीपत का है जिसमें उन्हें गिरफ़्तार किया गया था. सोनीपत में ही 2021 की एक और हत्या के मामले में पुलिस को उनकी तलाश थी.

पुलिस का कहना है कि फतेहपुर के एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में प्रियव्रत देखा गया था.

गिरफ़्तार किए गए दूसरे शूटर का नाम कैलाश (24 साल) है. उसे भी फतेहपुर के एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था. हरियाणा के झज्जर में 2021 में हुई एक हत्या के मामले में उनकी तलाश थी.

तीसरा व्यक्ति 29 साल का केशव कुमार है जिन्होंने सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने वालों की मदद की. हत्या की घटना से पहले को कार में शूटरों को लेकर मानसा तक गए थे, हत्या के बाद भी वो शूटरों को कार में बैठाकर वहां से ले गए थे.

2020 में पंजाब के बठिंडा में हत्या के सिलसिले में उन्हें गिरफ़्तार किया गया था.

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कैसे हुई हत्या?

एचजीएस धालीवाल ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या में दो मॉड्यूल शामिल थे. पहला मॉड्यूल बोलेरो गाड़ी में था जिसका नेतृत्व प्रियव्रत फौजी कर रहा था. गाड़ी में ड्राइवर और मनप्रीत के अलावा अंकित सिरसा और दीपक मुंडे इनके साथ थे."

दूसरा मॉड्यूल कोरोला गाड़ी में सवार था जिसमें मनप्रीत मन्नू ट्राइवर के क़रीब बैठा था.

पंजाब पुलिस ने बताया था कि सिद्धू मूसेवाला के घर से निकलने के बाद संदीप नाम के एक व्यक्ति ने हमलावरों को इसकी ख़बर दी. उस समय उनके साथ दो मित्र थे लेकिन कोई सिक्योरिटी नहीं थी.

उन्होंने गाड़ी का पीछा किया. आगे बढ़ने पर कोरोला ने सिद्धू की गाड़ी को एवरटेक किया और फिर मनप्रीत मन्नू ने एके 47 से उनपर गोलियां चलाईं. ये गोलियां सिद्धू को लगीं.

इसके बाद कोरोला में सवार दोनों लोग उतरे, तब तक पीछे से आती बोलेरो उनके नज़दीक आ गई थी. बोलेरो से भी चारों शूटर उतरे और छह लोगों ने सिद्धू की गाड़ी पर हमला किया.

वारदात को अंजाम देकर ये लोग दोनों गाड़ियों में वहां से निकल गए. वहां से जाने के बाद बोलेरो में सवार लोगों ने कुछ किलोमीटर आगे जाकर बोलेरो छोड़ दिया. उन्हें केशव ने वहां से लेकर फतेहपुर तक पहुंचाया. ये लोग कुछ दिन तक फतेहपुर में कुछ दिन तक रूके थे.

इन्हें बाद में 19 जून को गिरफ़्तार किया गया.

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अब तक क्या-क्या हुआ?

  • सिद्धू मूसेवाला के नाम से जाने जाने वाले शुभदीप सिंह पर पंजाब के मानसा में जवाहरके गांव के पास 29 मई को हमला हुआ. हमले में उनकी मौत हो गई.
  • हत्या के एक दिन पहले पंजाब सरकार ने चार सौ से अधिक लोगों को दी गई सुरक्षा वापिस ले ली थी.
  • इस हत्या की ज़िम्मेदारी कनाडा स्थित गैंगस्टर गोल्डी बरार में ली थी. उन्होंने एक फ़ेसबुक पोस्ट कर कहा था ये काम उनकी गैंग ने किया है.
  • सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में गोल्डी बरार लॉरेंस बिश्नोई की गैंग के साथ मिल कर काम कर रहे थे.
  • जून 15 को पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई को गिरफ्तार कर चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था. उन्हें सात दिनों के रिमांड पर भेजा गया था.
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