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दूसरी जाति में हुआ प्यार तो पिता ने कर दी बेटी की हत्या
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
''मैं उससे कहता था कि हम अलग-अलग जातियों से हैं, हमें नहीं मिलना चाहिए. लेकिन, वो कहती थी कि अगले साल जब वो 18 साल की हो जाएगी तो मुझसे ही शादी करेगी.''
ये कहना है मंजूनाथ का (पूरा नाम छुपाने की शर्त पर) जो कर्नाटक के मैसूर ज़िले में पेरियापटना तालुक के रहने वाले हैं.
मंजूनाथ अनुसूचित जाति से आते हैं और वो जिन्हें पसंद करते थे वो सर्वण वोक्कालिगा समुदाय से थीं. लेकिन, आज वो लड़की अपनी बात कहने के लिए ख़ुद मौजूद नहीं हैं क्योंकि सोमवार रात उनके पिता ने ही अपनी बेटी की हत्या कर दी. पिता अपना ज़ुर्म कबूलने के लिए खुद पेरियापटना पुलिस स्टेशन पहुंच गए.
दो जातियों के बीच प्यार और विवाद के इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस पिछले छह महीने से कोशिश कर रही थी. लेकिन, जब 50 साल के पिता ने खुद बेटी को मार दिया तो पुलिस भी इससे हैरान रह गई.
ये मामला पहली बार पुलिस के पास तब पहुंचा था जब लड़की के पिता ने अपनी बेटी की तरफ़ से छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी. उनकी शिकायत थी कि लड़की के कॉलेज के पास उसके साथ छेड़छाड़ हुई है.
मंजूनाथ कहते हैं, ''उसने मुझे बताया था कि उसे शिकायत करने के लिए मज़बूर किया गया. उसके पिता ने धमकी दी थी कि अगर शिकायत नहीं की तो वो मुझे मार देंगे. पुलिस ने मेरे साथ मारपीट के बाद मुझे छोड़ा.''
मंजूनाथ बताते हैं, ''पिता के आत्मसमर्पण के बाद दो पुलिसकर्मी मुझसे बात करने के लिए आए. उन्होंने मुझसे कहा कि अपनी सुरक्षा के लिए बाहर ना जाऊं और कुछ समय के लिए छुपकर रहूं.''
24 साल के मंजूनाथ एक छोटे किसान हैं और लगभग छह महीने पहले उनका ये रिश्ता शुरू हुआ था. वह बताते हैं, ''हमारी ज़्यादातर बात फ़ोन पर ही होती थी. कभी-कभी वो घर से बिना नाश्ता किए आती थी तो हम होटल जानकर खाना खाते थे. बाद में मैं अपने स्कूटर पर उसे कॉलेज छोड़कर आता था.''
मंजूनाथ मेलहल्ली और लड़की कागुंडी गांव के रहने वाले थे. लेकिन, पुलिस और मंजूनाथ दोनों को ही नहीं लगता कि दोनों गावों के बीच किसी तरह का तनाव था. इस इलाक़े में तंबाकू की खेती की जाती है और लड़की का गांव तंबाकू का बड़ा बाज़ार है.
एक महीना हुई काउंसलिंग
लड़की के पिता ने दो बार और मंजूनाथ के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई थी. तीसरी शिकायत भी लड़की की तरफ़ से की गई थी. मंजूनाथ ने बताया, ''उसके पिता ने उसे चप्पल से मारा था. शिकायत थी कि मैं और मेरे दोस्त उसे कॉलेज जाकर छेड़ते हैं.''
मंजूनाथ और उनके दोस्त कुछ स्थानीय दलित लड़कों के साथ पुलिस स्टेशन ये बताने गए थे कि उनके ख़िलाफ़ की गई शिकायतें गलत हैं. ''लेकिन, पुलिस ने हमें जाने के लिए कहा और लड़की से अकले में बात की.''
मंजूनाथ कहते हैं, ''उसने पुलिस को बताया कि उसके पिता मुझे मारना चाहते हैं क्योंकि हम एक-दूसरे से प्यार करते हैं. उसने कहा कि जब वो अगले साल बालिग हो जाएगी तो वो सिर्फ़ मुझसे शादी करेगी.''
''उसकी मां भी वहां थी. उसने कहा था कि जब उसकी शादी की उम्र हो जाए तो मुझे उसका अच्छे से ध्यान रखना चाहिए. इसके बाद उसे मैसूर ले जाया गया.''
मैसूर में लड़कियों के सरकारी सलाहघर में करीब एक महीने तक लड़की की काउंसलिंग की गई. इस सलाहघर में पारिवारिक विवाद वाले मामलों में लोगों को लाया जाता है.
मैसूर में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष कमला एचटी ने बीबीसी हिंदी से कहा, ''उसके माता-पिता ने उसे धमकाया था और उसके साथ मारपीट की थी (मंजूनाथ से रिश्ते के कारण).''
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पूर्व सदस्य और एडवोकेट पीपी बाबूराज ने कहा, ''ऐसा लगता है कि परिवार को इस रिश्ते के कारण अपने समाज से भी दबाव झेलना पड़ रहा था.''
मंजूनाथ ने कहा, ''दिसंबर में, लड़की के पिता ने मुझे डंडों से पीटा था. लोगों ने मुझे किसी तरह बचाया था. लेकिन, एक दोस्त की सलाह पर मैंने इस मामले की पुलिस में शिकायत नहीं की.''
मामले की हो रही जांच
कमला एचटी कहती हैं, ''जुवेनाइल जस्टिस क़ानून के प्रावधानों के तहत लड़की की काउंसिल हो रही थी. उसे माता-पिता से भी मिलने दिया जाता था. वो अचानक एक दिन आई और कहा कि वो अपने माता-पिता के साथ जाना चाहती है. वो अचानक ही स्टाफ के साथ बहुत नाराज़ हो गई थी.''
''उसकी फिर से काउंसलिंग की गई क्योंकि पहले उसने कहा था कि वो अपने घर नहीं जाना चाहती. लेकिन, बाद में उसने साफ़तौर पर कहा कि उसके माता-पिता ने उसे आश्वासन दिया है कि वो उसे परेशान नहीं करेंगे.''
पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि माता-पिता ने लड़की को मंजूनाथ से शादी के लिए कोई आश्वासन दिया था या नहीं.
मैसूर ज़िले के पुलिस अधीक्षक चेतन आर ने कहा, ''हम भी मामले की जांच कर रहे हैं इसलिए ये नहीं कह सकते कि ये सच है. हम ये जांच कर रहे हैं कि वो अकले इस हत्या में शामिल थे या कोई और भी उनके साथ था.''
कमला एचटी ने कहा, ''हमने 20 मई 2022 को उसे घर भेजने से पहले माता-पिता को भी सलाह दी थी और क़ानूनी प्रावधानों के अनुसार एक आदेश भी जारी किया गया था, जो मूल रूप से दिशा-निर्देश थे कि माता-पिता को बच्चे के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए. उसके साथ जो हुआ वो सुनकर बहुत दुख हुआ. ''
मंजूनाथ कहते हैं, ''उसने कहा था कि वो अपने पिता को मना लेगी.''
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