केरल: साथ रहने के लिए 'आज़ाद' हुईं नसरीन और फ़ातिमा, लेकिन डर बरकरार

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- Author, मेरिल सेबास्टियन
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, दिल्ली
केरल हाई कोर्ट के आदेश के बाद साथ रहने के लिए 'आज़ाद' हुए लेस्बियन जोड़े का कहना है कि उन्हें अब भी अपने घरवालों का डर सता रहा है.
बाइस साल की अदीला नसरीन ने आरोप लगाया था कि उनकी पार्टनर फ़ातिमा नूरा को उनके घरवालों ने बंधक बना लिया है. आदिला की ओर से दायर हेबियस कॉर्पस पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने ये आदेश जारी किया.
केरल हाई कोर्ट ने सोमवार को ये फ़ैसला दिया था कि नसरीन और 23 वर्षीया फ़ातिमा साथ एक साथ रहने के लिए आज़ाद हैं.
नसरीन और फ़ातिमा ने कहा कि वे अदालत के फ़ैसले को लेकर 'उत्साहित' थे लेकिन वे अभी भी 'पूरी तरह से आज़ाद' नहीं हैं.

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नसरीन की प्रतिक्रिया
नसरीन ने कहा, "असल में यह बेहद मुश्किल था. यह सब भावनात्मक तौर पर तोड़ देने वाला था. मैं बेसुध सी थी. मुझे एलजीबीटी कम्युनिटी में बहुत सारे लोगों का साथ मिला. सबने मेरी काफी मदद की और समर्थन किया. उनकी मदद से और हाईकोर्ट के आदेश की बदौलत अब हम खुश और आज़ाद हैं."
"लेकिन असल में हम पूरी तरह आज़ाद नहीं हैं. क्योंकि हमारा परिवार अब भी हमें धमका रहा है, ख़ासकर फ़ातिमा का परिवार. दरअसल उन्होंने हाई कोर्ट में सहमति जताई थी. लेकिन जब हम साथ रहने लगे तो वो हमें बुलाने लगे और इमोशनली ब्लैकमेल करने लगे. यह बहुत बुरा था."
"लंबे तनाव के बाद हमने एक बार फिर साथ में सफ़र शुरू किया है. मेरे परिवार ने मुझसे कोई बात नहीं की. उन्होंने कहा कि वो मुझसे कोई रिश्ता नहीं रखना चाहते. उन्होंने मुझे अस्वीकार कर दिया. मुझे नहीं पता कि वो बाद में बात करेंगे या नहीं. अभी हम लोगों की नौकरी चेन्नई में है. इसलिए हम फिलहाल वहां जाएंगे."
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फ़ैसला
साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को असंवैधानिक करार दिया था.
आईपीसी का ये प्रावधान समलैंगिक जोड़ों के सेक्स को अप्राकृतिक करार देता था.
लेकिन इसके बावजूद एलजीबीटी कम्युनिटी के लोग भारत में भेदभाव का सामना करते हैं.
हालांकि भारत में समलैंगिकों के अधिकारों के पक्ष में आंदोलन होते रहे हैं लेकिन इसका असर ज़्यादातर बड़े शहरों में ही देखा गया है.
सऊदी अरब में मुलाक़ात
नसरीन और फ़ातिमा ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उनकी सऊदी अरब में पढ़ाई करते समय हुई थी और वहीं पर वे दोनों एकदूसरे के क़रीब आ गई थीं.
वे पिछले कई सालों से साथ रह रही थीं लेकिन पिछले महीने ही दोनों ने अपने घरवालों को इस रिश्ते के बारे में बताया.
फ़ातिमा ने मंगलवार को एक टीवी चैनल से कहा, "इतने सालों से हम अपने घरों में घुटते रहे थे."
उन्होंने कहा, "मैं कोर्ट के आदेश से बहुत खुश हूं. मैं अब हल्का महसूस कर रही हूं. वो (परिवार के लोग) सपोर्ट कर रहे थे. मुझे नहीं पता कि ये झूठा दिखावा था या नहीं. लेकिन मेरी मां ने कहा कि वो हमारी रिलेशनशिप को सपोर्ट करेगी, हमारी आर्थिक मदद करेगी. लेकिन हमें सुनना चाहिए कि वो क्या कहती हैं, जैसे उन्होंने हमें वापस सऊदी जाने और वहीं बसने के लिए कहा. लेकिन हम ऐसा नहीं करना चाहते."
कड़े विरोध का सामना
जैसे ही इस जोड़े ने अपने रिश्ते के बारे में घरवालों को बताया, उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ा.
इसके बाद उन्हें गैर सरकारी संगठन वनजा कलेक्टिव के पास पनाह लेनी पड़ी. वनजा कलेक्टिव केरल के कोझिकोड शहर में एलजीबीटीक्यू लोगों के लिए काम करने वाली संस्था है.
परिजनों के भरोसा दिलाने के बाद नसरीन और फ़ातिमा इस बात के लिए तैयार हो गईं कि वे नसरीन के घर जा सकती हैं. नसरीन के परिवारवालों ने कहा था कि उन्हें कोई तकलीफ़ नहीं होगी.
लेकिन कुछ दिनों बाद उन्होंने आरोप लगाया कि फ़ातिमा के घरवाले उन्हें जबरन वहां से ले गए.
इसके बाद नसरीन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और अदालत का दरवाज़ा खटखटाया. उन्होंने कोर्ट से साथ रहने की इजाज़त मांगी.
केरल हाई कोर्ट
मंगलवार को फ़ातिमा केरल हाई कोर्ट के समक्ष पेश हुईं और उन्होंने कहा कि वे अपनी पार्टनर नसरीन के साथ रहना चाहती हैं.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने कुछ ही मिनटों के भीतर इस जोड़े के पक्ष में अपना फ़ैसला सुना दिया.
साल 2018 में केरल हाई कोर्ट में ऐसे ही एक अन्य लेस्बियन कपल का मामला सामने आया था. वे दोनों साथ रहना चाहते थे लेकिन एक साथी का कहना था कि उनकी पार्टनर को घरवालों ने उन्हें जबरन बंधक बना रखा है.
केरल हाई कोर्ट ने तब भी उस जोड़े के पक्ष में ही फ़ैसला दिया था.
मंगलवार के फ़ैसले के बाद नसरीन ने न्यूज़ वेबसाइट क्विंट को बताया कि ये पूरी प्रक्रिया काफ़ी मुश्किल साबित हुई और इससे वे भावनात्मक रूप से काफी थक गई हैं.
फ़ातिमा ने एक स्थानीय टेलिविज़न चैनल से कहा, "हम जानते हैं कि हमें साथ रहने के लिए संघर्ष करना होगा. लेकिन हमें उम्मीद नहीं थी कि हमें मीडिया, अदालत और बहुत से लोगों से इतना समर्थन मिलेगा."
उन्होंने कहा, "हम अभी अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में नहीं बताना चाहते. क्योंकि फिलहाल हम सुरक्षित नहीं हैं."
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