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पश्चिम बंगाल में 'प्रेमी' ने सरेआम छात्रा को चाकू से गोदा, वायरल वीडियो के बाद हंगामा
- Author, प्रभाकर मणि तिवारी
- पदनाम, कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए
"मेरी बेटी स्कूल टीचर बनना चाहती थी. इसलिए मैंने उसे पढ़ने के लिए बहरमपुर भेजा था. लेकिन अब सब कुछ ख़त्म हो गया. सुशांत हमेशा मेरी बेटी का पीछा करता था. लेकिन वह ऐसा कर देगा, इसकी मैंने कल्पना तक नहीं की थी." यह चार-पाँच वाक्य कहने के दौरान ही सुतपा के पिता स्वाधीन चौधरी कई बार फफक पड़ते हैं. स्वाधीन मालदा के एक स्कूल में टीचर हैं.
सुतपा वही कॉलेज छात्रा हैं, जिन्हें उनके कथित प्रेमी सुशांत चौधरी ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िला मुख्यालय बहरमपुर में सरेआम चाकू से गोद कर हत्या कर दी.
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद विपक्ष ने क़ानून और व्यवस्था के मुद्दे पर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फौरन इस्तीफ़ा देने की मांग की है.
इस घटना ने बहरमपुर में ख़ासकर घर से दूर रह कर पढ़ने वाली छात्राओं और उनके अभिभावकों के दिलों में ख़ौफ पैदा कर दिया है.
इस हत्या के क़रीब तीन घंटे के भीतर ही मालदा जाने का प्रयास करने के दौरान सुशांत को गिरफ्तार कर लिया गया. एक स्थानीय अदालत ने उसे 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. फ़िलहाल उससे पूछताछ जारी है.
शादी का दावा
इस दौरान सुशांत ने पुलिस को कई जानकारियां दी हैं और बीते साल फ़रवरी में सुतपा से शादी का भी दावा किया है.
सुशांत के पिता निखिल चौधरी राज्य पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं और फ़िलहाल सिलीगुड़ी में तैनात हैं. इस घटना के बाद अब तक घर वाले सुशांत से मिलने नहीं पहुंचे हैं.
पिता निखिल चौधरी कहते हैं, "बेटे की करतूत के बारे में मैं किसी से बात करने की हालत में नहीं हूँ. समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करूं?"
सुशांत तीन भाइयों में बीच वाले हैं. उनके बड़े भाई शुभोजित बताते हैं, "दोनों के बीच क़रीब दो साल से प्रेम था. लेकिन कुछ दिनों से सुशांत के प्रति सुतपा का रवैया काफ़ी ख़राब हो गया था. इससे सुशांत मानसिक रूप से टूट गया था."
सुशांत की माँ इस घटना से मानसिक तौर पर टूट गई हैं. उनके घर में इस घटना के बाद चूल्हा नहीं जला है. पड़ोसी और रिश्तेदार ही खाने पीने का इंतज़ाम कर रहे हैं.
सुशांत की चाची पुतुल चौधरी कहती हैं, "दोनों में दो साल से प्यार था. लेकिन सुतपा के घरवाले इस संबंध से नाराज़ थे और दोनों की शादी के सख़्त ख़िलाफ़ थे. उसे कुछ स्थानीय लड़कों से पिटवाया गया था और लैपटॉप भी छीन लिया था."
मालदा के गौड़ कॉलेज में पढ़ने वाला सुशांत वहाँ अपनी बुआ शांति रानी चौधरी के घर रहता था. वहाँ रहने वाले सुतपा के घर बुआ के परिवार का आना जाना था और वहीं दोनों के मन में प्यार पनपा.
शांति रानी बताती हैं, "दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे. लेकिन फिर पता नहीं क्या हुआ की सुतपा सुशांत से कन्नी काटने लगी."
सुशांत ने कुबूल किया अपराध
वह बताती हैं कि कुछ दिनों से सुशांत का रवैया बदल गया था और वह बात बात में नाराज़ हो जाता था. वह कई कई दिनों तक नहीं नहाता था और ठीक से खाता-पीता भी नहीं था. मामूली बात पर भी वह अचानक भड़क उठता था.
इस बीच, सुशांत ने पुलिस को पूछताछ के दौरान कई जानकारियाँ दी हैं. बहरामपुर के एक पुलिस अधिकारी बताते हैं कि सुशांत ने प्रेम और हत्या की बात कबूल कर ली है.
सुशांत हत्या से तीन दिन पहले मालदा से बहरमपुर आया था और चोरी-छिपे सुतपा की गतिविधियों की निगरानी कर रहा था.
पुलिस के मुताबिक़, सुशांत ने बताया है कि उसने बीते साल फ़रवरी में सुतपा से शादी कर ली थी. लेकिन चार महीने से उनके संबंध में दरार आ गई थी. इसके बाद वह मानसिक अवसाद की भी दवा लेने लगा था.
पुलिस के अनुसार, सुशांत को शक था कि वह अब किसी और से प्यार करने लगी है. इसलिए उसने उसकी हत्या करने का फ़ैसला किया. पुलिस के अनुसार, उसी मेस के दरवाज़े पर चाकू से गोद कर हत्या कर दी जहाँ वह रहती थी.
मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक के. सबरी राजकुमार बताते हैं कि फ़िलहाल सुशांत से पूछताछ चल रही है और उससे मिली जानकारियों की पुष्टि की जा रही है. पुलिस प्रेम और मानसिक अवसाद समेत तमाम पहलुओं की जाँच कर रही है.
पुलिस सुशांत के फ़ेसबुक पोस्ट को भी खंगाल रही है. दूसरी ओर, विपक्ष ने इस घटना के बहाने क़ानून और व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और स्थानीय सांसद अधीर चौधरी ने इस घटना के विरोध में आयोजित मोमबत्ती जुलूस का नेतृत्व किया.
अधीर कहते हैं, "बहरमपुर महिलाओं के लिए काफ़ी सुरक्षित जगह थी. लेकिन अब क़ानून और व्यवस्था की स्थिति काफ़ी बिगड़ गई है. दोषी को ऐसी सज़ा मिलनी चाहिए कि एक मिसाल बने."
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी कहते हैं, "इस घटना से महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है. यह घटना क़ानून और व्यवस्था के पूरी तरह ढहने का सबूत है. ममता को फौरन इस्तीफ़ा दे देना चाहिए."
लोगों के दिल में ख़ौफ़
इस घटना के बाद इलाक़े में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं. शहर के कई इलाक़ों में इन छात्र-छात्राओं के रहने के लिए मेस (पीजी) बने हुए हैं.
इस घटना ने ऐसे अनियमित मेस में सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा कर दिया है. पहले इनका कहीं कोई पंजीकरण नहीं होता था. लेकिन इस घटना के बाद प्रशासन ने इनमें रहने वाले छात्रों और उनके पिता के आधार कार्ड, पते और टेलीफोन नंबर स्थानीय थाने और नगरपालिका में देना अनिवार्य कर दिया है.
अब हर मेस मालिक को नियमित रूप से अपडेट करना होगा कि कब कौन रहने आया और कब गया.
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