दिल्लीः जहांगीरपुरी हिंसा बांग्लादेशी लोगों को बसाने का नतीजा- बोली बीजेपी, 'आप' ने दिया ये जवाब

दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुई हिंसा के बाद अब पुलिस जांच में जुटी है. अभियुक्तों की गिरफ़्तारी चल रही है साथ ही हिंसा पर स्वत: संज्ञान लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. याचिका में अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई है.

इन सबके बीच हिंसा को लेकर राजनीतिक पार्टियाँ एक दूसरे पर आरोप लगाने में जुट गई हैं.

भारतीय जनता पार्टी ने हिंसा के लिए आम आदमी पार्टी की नीतियों को ज़िम्मेदार ठहराया है. बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता का आरोप है कि ये हिंसा आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्याओं को अवैध रूप से ठहराने की वजह से हुई है. आदेश गुप्ता ने ये भी दावा किया है कि हिंसा में गिरफ़्तार एक आरोपी आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता है.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन ने इस आरोप पर कहा, ''वो शख्स बीजेपी से ज़रूर जुड़ा हुआ होगा, तभी बीजेपी को अंदर की जानकारी है. किसी भी पार्टी से जुड़ा हो उसे सख़्त से सख़्त सज़ा मिलनी चाहिए.'

हिंसा के लिए बीजेपी ज़िम्मेदार है- आम आदमी पार्टी

आम आदमी पार्टी का आरोप है कि जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के जुलूस में हुई हिंसा के लिए बीजेपी जिम्मेदार है.

हिंसा के सामने आने के बाद ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि पुलिस और एजेंसियां केंद्र सरकार के पास हैं. उन्होंने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार से अपील की थी.

इसी क्रम में आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता आतिशी सिंह ने एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में कहा, ''दिल्ली में कानून व्यवस्था मोदी सरकार की ज़िम्मेदारी है. बीजेपी में हिम्मत है तो अरविंद केजरीवाल सरकार को कानून व्यवस्था की ज़िम्मेदारी दे दें, दिल्ली में एक भी दंगा नहीं होगा.''

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली की कानून व्यवस्था पर 'गृहमंत्री अमित शाह से सवाल पूछा जाना चाहिए'.

सत्येन्द्र जैन ने कहा,"दिल्ली में क़ानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है. दिल्ली पुलिस भाजपा के अधीन है. भाजपा पुलिस को ठीक से नियंत्रण करे और क़ानून-व्यवस्था लागू कर दंगों को रोके. दंगे कराने वाले भाजपा खुद हैं. मैं जनता को शांति बनाए रखने की अपील करूंगा."

एक समुदाय को ज़िम्मेदार ठहराना गलत- अमानतुल्लाह

आम आदमी पार्टी विधायक और दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन ने कहा है कि किसी एक समुदाय को हिंसा का ज़िम्मेदार ठहराना ग़लत है. उन्होंने कहा है, ''मस्जिद के बाहर आपत्तिजनक नारे लगाना,मस्जिद के अंदर घुसने की कोशिश करना और भगवा झंडा लगाने की कोशिश करना क्या सही है? ग़लती जिसकी भी हो उसके खिलाफ कार्रवाई हो,लेकिन सिर्फ एक समुदाय को टारगेट करना ग़लत है.''

बीजेपी सांसद मनोज तिवारी कर रहे हैं कि जहांगीरपुरी हिंसा सुनियोजित साजिश है. उनका दावा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री इस पूरी घटना से किनारा कर रहे हैं.

मनोज तिवारी ने कहा, ''जिन लोगों ने पत्थर फेंके हैं, जो लोग साजिश के तहत हिंसा फैलाना चाहते हैं, उनकी जांच होनी चाहिए, जो भी दोषी है उनके घरों की भी चेकिंग होनी चाहिए कि उनके घरों में हथियार तो नहीं हैं, उनकी आईडी क्या है, लगातार ये घटनाएं साजिश के तहत हो रही हैं.

जहांगीरपुरी हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक क्या-क्या कहा है?

  • दिल्ली के जहांगीरपुरी में शनिवार को हनुमान जयंती के जुलूस के दौरान हुई हिंसा में पुलिसकर्मियों समेत कुल 9 लोग जख़्मी हुए हैं.
  • अबतक कुल 21 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और कुछ लोग हिरासत में लिए गए हैं. पुलिस की 14 टीमें घटना की जांच में जुटी हुईं हैं
  • दिल्ली पुलिस की तरफ़ से बताया गया कि आज दोपहर में पुलिस पर पत्थर फेंकने की घटना को बढ़ा चढ़ाकर बताया गया है. वो छोटी घटना थी , जिसमें एक शख़्स को हिरासत में लिया गया है.
  • दिल्ली पुलिस के कमिश्नर राकेश अस्थाना का कहना है कि आज कोई सघन पत्थरबाज़ी नहीं हुई. उन्होंने कहा, ''एक दो पत्थर फेंके गए थे, इससे पुलिस विचलित नहीं हुई है. रूकावट के विरुद्ध भी पुलिस कार्रवाई करेगी.''
  • पुलिस सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग भी कर रही है. पुलिस कमिश्नर का कहना है कि ग़लत जानकारी फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी.

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में क्या है?

हनुमान जयंती की शोभा यात्रा के दौरान दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाक़े में हुई हिंसा पर स्वत: संज्ञान लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में इस घटना की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई है.

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस की अब तक की जांच, एकतरफ़ा और सांप्रदायिक होने के अलावा असली अपराधियों को बचाने का प्रयास रही है.

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