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ओडिशा: विधायक की गाड़ी भीड़ पर चढ़ी, सात पुलिसकर्मी समेत 22 लोग घायल
- Author, संदीप साहू
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
बीजू जनता दल के विधायक प्रशांत जगदेव ने बाणपुर में कथित तौर पर भीड़ पर अपनी गाड़ी चढ़ा दी, जिसमें सात पुलिसकर्मियों और दो पत्रकारों सहित 22 लोग घायल हो गए.
इनमें से एक आदमी की हालत गंभीर बताई जा रही है. बताया गया है घटना के समय विधायक जगदेव अपनी गाड़ी ख़ुद चला रहे थे.
विधायक के इस आचरण से गुस्साई जनता ने उन्हें गाड़ी से खींचकर बाहर निकाला और उनकी जमकर पिटाई की, जिससे विधायक गंभीर रूप से घायल हो गए.
उन्हें इलाज के लिए भुवनेश्वर के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है.
केंद्रांचल के पुलिस आईजी नरसिंह भोल ने कहा कि चिल्का के विधायक इस समय पुलिस की कस्टडी में हैं और उनके ख़िलाफ़ हत्या की कोशिश सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
उन्होंने कहा, "जैसे ही विधायक जगदेव अस्पताल से रिहा होंगे हम उन्हें गिरफ़्तार करेंगे और जेल भेजेंगे."
गौरतलब है कि शनिवार बाणपुर ब्लॉक के अध्यक्ष का चुनाव होना था और इसकी बाणपुर ब्लॉक के सामने विभिन्न राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं समेत काफ़ी लोग मौजूद थे. तभी विधायक ने अपनी गाड़ी भीड़ के अंदर घुसा दी.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाणपुर के थाना प्रभारी ने गाड़ी के सामने आकर विधायक जगदेव को रोकने की कोशिश की. लेकिन जगदेव ने उन्हें भी नहीं बख्शा और गाड़ी आगे बढ़ाते रहे जिससे थाना प्रभारी सहित कुछ और पुलिसकर्मी और आम लोग, जिनमें महिलाएं भी थीं, घायल हो गए.
खोरधा के एसपी अलेख चंद्र पही ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि इस घटना में थाना प्रभारी सहित कुल सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर अभी भी तनाव है और इस बात के मद्देनज़र बाणपुर में क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो प्लाटून पुलिस तैनात कर दिए गए हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?
घटनास्थल पर उपस्थित लोगों का कहना कि घटना के समय विधायक शराब पी रखे थे.
एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, "विधायक नशे में धुत थे. जब उन्होंने गाड़ी भीड़ के अंदर घुसा दी, तो हम लोगों ने चिल्लाया ओर उन्हें रुकने के लिए कहा. लेकिन उन्होंने हमारी एक नहीं सुनी और गाड़ी आगे बढ़ाते रहे."
घटनास्थल पर उपस्थित एक महिला, जिन्हें इस घटना में मामूली चोटें आईं, ने कहा, "सब कुछ इतना अचानक हुआ कि हमें संभलने और अपने आप को बचाने का मौका ही नहीं मिला. हम चिल्लाते रहे और वे गाड़ी चलाते रहे."
आखिरकार विधायक की गाड़ी एक पेड़ से टकरा कर रुक गई. लेकिन इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने विधायक जगदेव को गाड़ी से खींचकर बाहर निकाला और उन पर टूट पड़े.
विपक्षी दलों ने इस घटना की कड़ी निन्दा करते हुए तत्काल विधायक की गिरफ़्तारी की मांग की है. भुवनेश्वर के भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, "ऐसे लोगों की जगह कहीं और नहीं, बल्कि जेल में है. उन्हें 48 घंटों के अंदर गिरफ़्तार कर जेल भेजा जाए."
पहले भी कई आरोप लगे हैं विधायक पर
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व पीसीसी अध्यक्ष शरत पटनायक ने भी घटना की कड़ी निन्दा करते हुए विधायक की तत्काल गिरफ़्तारी की मांग की है.
मामले को नजाकत को समझते हुए सत्तारूढ़ बीजद ने भी विधायक से पल्ला झाड़ लिया है. बीजद प्रवक्ता और राज्य सभा सांसद सस्मित पात्र ने कहा है, "यह एक बर्बर कांड है और बीजू जनता दल इसकी कड़ी निन्दा करती है. मैं लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि विधायक के ख़िलाफ़ सख्त कारवाई होगी."
बाहुबली विधायक प्रशांत जगदेव द्वारा हिंसक आचरण का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी उनके ख़िलाफ़ ऐसे कई आरोप लग चुके हैं, कभी किसी राजनैतिक प्रतिद्वंद्वी को बेतहाशा पीटने की तो कभी किसी को रिवॉल्वर के साथ धमकी देने की.
सितंबर, 2021 में आखरी बार उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज हुआ था, जब उन्होंने एक स्थानीय भाजपा नेता की जमकर पिटाई कर दी थी. इस घटना के बाद बीजद ने उन्हें दल से निलंबित किया था. लेकिन जाहिर है कि जगदेव पर इसका भी असर नहीं पड़ा.
लेकिन इस बार लगता है कि पानी सिर से ऊपर चला गया है और जगदेव सारी हदें पार कर कर गए हैं. इसलिए बीजद उन्हें कोई सुरक्षा न देने और उनके ख़िलाफ़ कड़ी कारवाई करने का फ़ैसला किया है.
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