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यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले भाजपा-सपा क्या कर रही हैं - प्रेस रिव्यू
लखनऊ के हज़रतगंज में बीजेपी के मुख्यालय और विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित सपा के दफ़्तर की दूरी महज़ तीन किलोमीटर की है. लेकिन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतों की गिनती से पहले बीजेपी और उसकी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी के मुख्यालयों में दो विपरीत तस्वीरें देखने को मिलीं. आज के प्रेस रिव्यू में सबसे पहले यही ख़बर पढ़िए.
अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू के मुताबिक, बीजेपी के कार्यालय में पार्टी प्रवक्ता "साइलेंट वोटरों" को लेकर अलग-अलग भविष्यवाणियां करने में जुटे हुए थे.
अगर एग्ज़िट पोल का अनुमान सही साबित होता है और प्रदेश में बीजेपी फिर से सरकार बनाती है तो बीते 30 सालों में ये पहली बार होगा जब कोई मौजूदा सरकार यूपी में लगातार दूसरी बार सत्ता संभालेगी.
बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, "हमारे पक्ष में एक अनदेखा-सा ताक़तवर माहौल है, ख़ासतौर पर महिलाएं हमारे साथ हैं. अगर उनके घर के पुरुष जाकर सपा को वोट दे भी आए हों तो भी महिलाओं ने हमारे लिए वोट दिया है. ये कई मुस्लिम महिलाओं ने भी किया है."
त्रिपाठी ने ये भी दावा किया कि बीजेपी साल 2017 की तुलना में और अच्छा प्रदर्शन करेगी और पार्टी को इस बार 340 सीटें मिलेंगी. बीते विधानसभा चुनाव में बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों ने 312 सीटों पर जीत दर्ज की थी.
इसके उलट सपा कार्यालय में हर तरफ़ चौकसी का माहौल था. पार्टी मुख्यालय के लंबे-लंबे गेट बंद थे. वहीं, अखिलेश यादव ने अपना पूरा दिन ज़िला स्तर के नेताओं के साथ बिताया ताकि उन्हें मतगणना में "धांधली" के प्रति सतर्क कर सकें.
वाराणसी में ईवीएम से भरे ट्रक मिलने के बाद मंगलवार रात सपा प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया- हमारे पक्ष में आया जनादेश बीजेपी को चोरी न करने दें.
अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, "मतगणना केंद्रों को 'लोकतंत्र का तीर्थ' समझकर वहाँ जाएं और डटे रहें और सत्तापक्ष द्वारा चुनाव परिणाम में हेराफेरी की हर साज़िश को असंभव बना दें! सपा-गठबंधन की जीत हो रही है, तभी तो भाजपाई धांधली की कोशिश कर रहे हैं."
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि पूर्ण पारदर्शिता के लिए मतगणना केंद्रों से लाइव वेबकास्ट किया जाए.
पूर्व मंत्री और सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने द हिंदू से कहा, "भाजपा ने पिछले पांच सालों में सत्ता का दुरुपयोग करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से ख़त्म करने के अलावा कुछ नहीं किया है. अब जब लोगों ने हमारे पक्ष में मतदान किया है तो वे कुटिल तरीकों से जनादेश से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं. वाराणसी के एडीएम एन.के सिंह को निलंबित कर दिया गया है, जो ये साबित करता है कि हमारा संदेह गलत नहीं है."
अगर सपा चुनाव हारती है तो अखिलेश यादव के पार्टी की कमान संभालने के बाद विधानसभा और लोकसभा चुनाव में ये लगातार तीसरी हार होगी. साल 2017 के चुनाव में सपा की सीटें 224 से घटकर 47 रह गई थीं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भी सपा की सीटें 23 से घटकर पांच पर आ गई थीं. वहीं, साल 2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने फिर से पांच सीटों पर जीत दर्ज की लेकिन उनका वोट शेयर 4.24 फीसदी घट गया था.
सूमी से निकाले गए 700 छात्र आज पहुँचेंगे भारत
यूक्रेन के शहर सूमी से सुरक्षित निकाले गए भारतीय छात्रों को लवीव से विशेष ट्रेन में बुधवार रात पोलैंड लाया गया. सरकार के मुताबिक़ उन्हें गुरुवार को भारत लाया जाएगा.
अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक क़रीब 700 छात्रों को मंगलवार को बसों से युद्धग्रस्त इलाक़े से निकाला गया और एक सुरक्षित रास्ते से पोलटावा ले जाया गया.
अख़बार ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सरकार गुरुवार को ऑपरेशन गंगा के तहत भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए आख़िरी फ़्लाइट भेजेगी. इसके बाद भी जो लोग वहां रहना चाहेंगे, उन्हें निकलने का रास्ता ख़ुद ढूंढना होगा और भारत आने के लिए कमर्शियल फ़्लाइट लेनी होगी.
भारतीय दूतावास के अधिकारियों के अलावा 50 अन्य अधिकारी भारतीयों की वापसी के लिए यूक्रेन भेजे गए हैं. ये अधिकारी रूसी भाषा जानते हैं और इनमें से कुछ संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी भी हैं. सरकार नहीं चाहती है कि वो युद्धग्रस्त क्षेत्र में रहकर अपनी जान जोख़िम में डालें.
सूत्रों के मुताबिक़ भारत ने क़रीब 17 विदेशी नागरिकों को भी यूक्रेन से बाहर निकाला है. इनमें पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक भी शामिल हैं.
नतीजों से पहले उम्मीदवारों को रिज़ॉर्ट भेज रही गोवा कांग्रेस
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों से एक दिन पहले कांग्रेस ने गोवा के अपने सभी उम्मीदवारों को एक रिज़ॉर्ट भेज दिया है ताकि कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी उनसे संपर्क ना कर सके.
अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स लिखता है कि गोवा में किसी भी पार्टी को बहुमत ना मिलने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने ये क़दम उठाया है.
कांग्रेस इस बीच समर्थन के लिए आम आदमी पार्टी के भी संपर्क में है जो गोवा में चुनाव लड़ रही है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडनकर ने कहा, ''गोवा के लोगों को लगता है कि कांग्रेस के जिन उम्मीदवारों के लिए उन्होंने वोट किया था वो एक टीम की तरह साथ रहें... लोगों को चिंता है कि बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के बावजूद भी वो सत्ता हथिया सकती है. लेकिन, ऐसा करना इस बार संभव नहीं होगा. हमारे उम्मीदवार नए और नौजवान हैं, वो एक टीम की तरह रहना चाहते हैं. इससे उन्हें एक-दूसरे को जानने का मौका मिलेगा. इसलिए हम साथ रह रहे हैं. हमने रिज़ॉर्ट आने के लिए किसी के साथ ज़बरदस्ती नहीं की है.''
आरएसएस की प्रदर्शनी में शामिल जिन्ना
गुजरात में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की एक प्रदर्शनी में राज्य के 200 प्रतिष्ठित व्यक्तियों में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना भी शामिल थे. जिन्ना का जन्म सौराष्ट्र के राजकोट ज़िले में मोती पनेली गांव में हुआ था. अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार आरएसएस का अहमदाबाद में एक तीन दिवसीय सम्मेलन आयोजित होने वाला है. ये सम्मेलन जिस जगह आयोजित होना है वहां ये प्रदर्शनी लगाई गई है. मोहम्मद अली जिन्ना के अलावा भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई, उद्योगपति अज़ीम प्रेमजी, क्रिकेटर वीनू मानकड़ और बॉलीवुड एक्टर परवीन बाबी, हरीभाई जरीवाला (संजीव कुमार) और डिंपल कपाड़िया भी शामिल थे.आरएसएस एक वार्षिक ''अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा'' का आयोजन करती है. इस बार ये आयोजन अहमदाबाद के पिराना गांव में निष्कलंक नारायण तीर्थधाम प्रेरणापीठ में 11 से 13 मार्च के बीच किया जाएगा. इसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पूरे देश से संघ के 1248 प्रतिनिधि शामिल होंगे.
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