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उत्तर प्रदेश: कुशीनगर में कुंए में गिरने से 13 की मौत, पीएम ने दो लाख के मुआवज़े का किया एलान
- Author, अनंत झणाणे
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर ज़िले में एक बड़ा हादसा हुआ है जिसमे एक कुंए पर रखे स्लैब के टूटने से 13 लोगों की मौत हो गई.
मरने वालों में महिलाएं और बच्चियां शामिल हैं. ये लोग कुशीनगर के नौरंगिया में शादी से जुड़ी एक रस्म के लिए इकठ्ठा हुई थीं और कुँएं पर रखे हुए स्लैब पर बैठी थीं. स्लैब टूटने की वजह से सभी कुंए में गिर गईं और घटना में दो महिलाओं और 11 बच्चियों की मृत्यु हो गई.
इस हादसे की जानकारी देते हुए गोरखपुर रेंज के एडीजी अखिल कुमार ने कहा, "स्थानीय गाँव था इसमें परमेश्वर कुशवाहा जी के यहाँ शादी का कार्यक्रम था उसमें कुएं पर रस्म के लिए गांव की महिलाएं इकठ्ठा हुई थीं. लगभग साढ़े आठ के आस पास यह दुखद घटना घटी है. कुंए का स्लैब हट के टूट गया और उसके ऊपर जितने लोग थे वो कुंए में नीचे गिर गए. स्थानीय लोगों ने जितना संभव हुआ उन लोगों को निकाला और उनको तत्काल अस्पताल भेजा गया."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक को दो लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है, साथ ही घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी.
इस दुर्घटना पर शोक जताते हुए उन्होंने कहा, '' उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में हुआ हादसा हृदयविदारक है. इसमें जिन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, उनके परिजनों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. इसके साथ ही घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं, स्थानीय प्रशासन हर संभव मदद में जुटा है.''
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने इस हादसे पर ट्वीट किया है, ''यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में कुएं में गिरने की दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल बचाव व राहत कार्य संचालित कराने तथा घायल लोगों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं.''
'समय पर नहीं पहुंची मदद'
घटना रात 8:30 बजे के आस पास की है और रात के अँधेरे में बचाव और राहत कार्य में मुश्किलें पैदा हुईं.
मौके पर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस पहुंचने में देरी की शिकायत की. एक चश्मदीद ने कहा, "हमने तुरंत एम्बुलेंस को फ़ोन किया कि जो लोग निकाले जा रहे हैं उन्हें तुरंत अस्पताल भेजना है. पहला उपचार मिलता है एम्बुलेंस में, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई. हमने 9:10 पर फ़ोन किया और 10:30 बज गया था, पर एक भी एम्बुलेंस नहीं पहुंचा था वहां पर."
स्थानीय पत्रकारों ने यह सवाल पुलिस अधिकारी अखिल कुमार से भी पूछा कि क्या राहत और बचाव कार्यों में देरी हुई तो उन्होंने कहा, "अगर किसी स्तर पर लापरवाही है तो कमिश्नर साहब अलग से जांच करा लेंगे. अभी फ़िलहाल यह है कि परिवारजनों की सहायता करें. उनके साथ प्रशासन की सहानुभूति है."
कुशीनगर के डीएम एस राजलिंगम ने मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये का मुआवज़ा देने का एलान भी किया है.
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